जालंधर फायरिंग केस: 8 महीने से फरार आरोपी अमनदीप सिंह उर्फ रमन गिरफ्तार, CIA स्टाफ की बड़ी कार्रवाई
जालंधर: पंजाब पुलिस को फिल्लौर में प्रॉपर्टी डीलर पर हुई फायरिंग के मामले में बड़ी सफलता मिली है। सीआईए स्टाफ जालंधर ग्रामीण ने करीब आठ महीने से फरार चल रहे आरोपी अमनदीप सिंह उर्फ रमन को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी को गुप्त सूचना और तकनीकी सर्विलांस के आधार पर गांव पासला से दबोच लिया। आरोपी की गिरफ्तारी को मामले की जांच में अहम उपलब्धि माना जा रहा है।
एसएसपी जालंधर ग्रामीण हरविंदर सिंह विरक ने बताया कि यह मामला 18 अक्टूबर 2025 का है। उस दिन फिल्लौर की अटवाल कॉलोनी स्थित कार्यालय के बाहर प्रॉपर्टी डीलर मनदीप सिंह उर्फ गोरा और उनके साथी संजीव शर्मा पर फायरिंग की गई थी। शुरुआती जांच में सामने आया कि आपसी विवाद के बाद राहुल उर्फ रितीश ने पिस्तौल से दो गोलियां चलाई थीं। इनमें से एक गोली संजीव शर्मा के घुटने में लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। जांच के दौरान कई आरोपियों की पहचान की गई, लेकिन अमनदीप सिंह उर्फ रमन लगातार फरार चल रहा था। आरोपी की तलाश के लिए पुलिस ने विभिन्न स्थानों पर छापेमारी की और तकनीकी सर्विलांस के जरिए उसकी गतिविधियों पर नजर रखी।
पुलिस को हाल ही में गुप्त सूचना मिली कि आरोपी गांव पासला के आसपास मौजूद है। सूचना के आधार पर सीआईए स्टाफ ने तुरंत कार्रवाई करते हुए विशेष टीम गठित की और योजनाबद्ध तरीके से छापेमारी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी से गहन पूछताछ की जा रही है। पूछताछ के दौरान फायरिंग की साजिश, अन्य आरोपियों की भूमिका और घटना से जुड़े कई महत्वपूर्ण पहलुओं का खुलासा होने की संभावना है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपी घटना के बाद किन-किन स्थानों पर छिपा रहा और उसे किस-किस व्यक्ति की मदद मिलती रही।
जालंधर ग्रामीण पुलिस का कहना है कि जिले में अपराध पर अंकुश लगाने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी और संगठित अपराध से जुड़े मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि मामले में शामिल सभी आरोपियों को कानून के दायरे में लाया जाएगा और पीड़ित पक्ष को न्याय दिलाने के लिए जांच निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़ाई जाएगी.


