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दिल्ली की हवा खराब होने पर पंजाब सरकार पर बरसे मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा, CM भगवंत मान से पूछे पांच सवाल

दिल्ली की हवा खराब होने पर पंजाब सरकार पर बरसे मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा, CM भगवंत मान से पूछे पांच सवाल

नई दिल्ली, 5 नवंबर 2026। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने पंजाब में पराली जलाने की घटनाओं को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) की सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर पर्यावरण प्रबंधन में विफल रहने का आरोप लगाते हुए कहा कि पंजाब में पराली जलाने की घटनाओं के कारण दिल्ली की हवा भी जहरीली हो रही है। सिरसा ने मुख्यमंत्री मान से पांच सवाल पूछते हुए पराली प्रबंधन और प्रदूषण नियंत्रण को लेकर सरकार की जवाबदेही तय करने की मांग की।

मंत्री सिरसा ने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि 31 अक्टूबर को दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 117 था। उस दिन पंजाब में पराली जलाने की 292 घटनाएं दर्ज की गई थीं। इसके बाद 2 नवंबर को आग की 98 घटनाएं सामने आईं, जबकि 3 नवंबर को यह संख्या बढ़कर 584 हो गई। उनके मुताबिक, यह इस सीजन का सबसे बड़ा आंकड़ा था और पिछले दिन के मुकाबले लगभग छह गुना अधिक था। 4 नवंबर तक दिल्ली का AQI 350 से ऊपर पहुंच गया।

सिरसा ने दावा किया कि पिछले सात दिनों में पंजाब में पराली जलाने की 1,479 घटनाएं दर्ज की गई हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार पराली जलाने की घटनाओं में 90 प्रतिशत से अधिक कमी आने का दावा करती रही है, लेकिन जमीनी आंकड़े कुछ और तस्वीर दिखा रहे हैं।

उन्होंने पंजाब के शहरों में बढ़ते प्रदूषण पर भी चिंता जताई। सिरसा के अनुसार, बठिंडा का AQI 1,100 के पार पहुंच गया, जबकि 5 नवंबर की सुबह बरनाला का AQI 1,285 दर्ज किया गया। उन्होंने संगरूर का भी उल्लेख किया और कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान को पहले अपने राज्य के लोगों, खासकर बच्चों के स्वास्थ्य की चिंता करनी चाहिए।

मंत्री ने आरोप लगाया कि 2 नवंबर तक पंजाब में 77 प्रतिशत फसल की कटाई पूरी हो चुकी थी, जबकि सरकार की ओर से कटाई शुरू नहीं होने की बात कही जा रही थी। उन्होंने यह भी दावा किया कि पूरे सीजन में पराली जलाने की 2,196 घटनाओं के संबंध में 494 FIR दर्ज की गई हैं, लेकिन किसी अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई।

सिरसा ने बताया कि 4 नवंबर को वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने खेतों में आग की घटनाओं को रोकने में कथित विफलता को लेकर बठिंडा, फरीदकोट, फाजिल्का और जालंधर के उपायुक्तों तथा बरनाला के SSP को नोटिस जारी किए।

उन्होंने 2022 में मुख्यमंत्री मान द्वारा पराली की समस्या हल करने के लिए किए गए वादे की याद दिलाते हुए पूछा कि चार साल बाद भी समस्या क्यों बनी हुई है।

मुख्यमंत्री मान से पांच सवाल

  1. दिल्ली का AQI चार दिनों में 117 से बढ़कर 350 से अधिक कैसे हो गया?
  2. पंजाब में एक दिन में पराली जलाने की घटनाएं 98 से बढ़कर 584 कैसे हो गईं?
  3. जब 77 प्रतिशत फसल कट चुकी है, तो सरकार के दावों की सच्चाई क्या है?
  4. संगरूर और बठिंडा में प्रदूषण का स्तर इतना अधिक क्यों पहुंचा?
  5. किसानों के खिलाफ FIR दर्ज हुईं, लेकिन अधिकारियों पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई?

सिरसा ने पंजाब सरकार से पराली प्रबंधन और प्रदूषण नियंत्रण को लेकर जवाब देने की मांग की।

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