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पंजाब कैबिनेट का बड़ा फैसला: लैंड पूलिंग नीति में बढ़े किसानों के फायदे, कमर्शियल और रिहायशी प्लॉट का दायरा बढ़ा | 24 Ghante News

पंजाब कैबिनेट का बड़ा फैसला, लैंड पूलिंग नीति में बढ़े किसानों के फायदे; रिहायशी और कमर्शियल प्लॉट का दायरा बढ़ा

चंडीगढ़: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अध्यक्षता में हुई पंजाब कैबिनेट की बैठक में लैंड पूलिंग नीति को और अधिक किसान हितैषी बनाने के लिए कई अहम संशोधनों को मंजूरी दी गई। सरकार का कहना है कि इन बदलावों का उद्देश्य जमीन मालिकों की चिंताओं का समाधान करना और भूमि अधिग्रहण के दौरान उन्हें पहले से अधिक लाभ उपलब्ध कराना है।

मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, कैबिनेट ने लैंड पूलिंग योजना के तहत मिलने वाले रिहायशी और कमर्शियल प्लॉटों के क्षेत्रफल में बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। इसके साथ ही ‘आउस्टी पॉलिसी’ में भी कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं ताकि जमीन मालिकों और अन्य हितधारकों को आने वाली व्यावहारिक कठिनाइयों का समाधान किया जा सके।

नई व्यवस्था के तहत जो जमीन मालिक आवासीय और व्यावसायिक दोनों श्रेणियां चुनेंगे, उन्हें प्रति एकड़ 1,000 वर्ग गज का रिहायशी प्लॉट पहले की तरह मिलेगा, जबकि कमर्शियल प्लॉट का क्षेत्रफल 200 वर्ग गज से बढ़ाकर 210 वर्ग गज प्रति एकड़ कर दिया गया है। वहीं, केवल आवासीय विकल्प चुनने वाले जमीन मालिकों को अब 1,630 वर्ग गज प्रति एकड़ रिहायशी प्लॉट मिलेगा, जो पहले 1,600 वर्ग गज था। केवल व्यावसायिक श्रेणी वाले प्रोजेक्ट्स में कमर्शियल प्लॉट का आकार 800 वर्ग गज से बढ़ाकर 840 वर्ग गज प्रति एकड़ कर दिया गया है।

कैबिनेट ने आउस्टी पॉलिसी में भी संशोधन करते हुए अधिग्रहित जमीन के आधार पर प्लॉट आवंटन की नई व्यवस्था लागू की है। इसके तहत एक एकड़ तक जमीन अधिग्रहित होने पर 200 वर्ग गज, एक से 2.5 एकड़ तक 300 वर्ग गज तथा 2.5 एकड़ से अधिक जमीन अधिग्रहित होने पर 500 वर्ग गज का प्लॉट दिया जाएगा।

सरकार ने छोटे किसानों को राहत देते हुए विशेष लेटर ऑफ इंटेंट की व्यवस्था को मंजूरी दी है। साथ ही सुविधा सर्टिफिकेट की वैधता दो वर्ष से बढ़ाकर चार वर्ष कर दी गई है। इसके अलावा योजना के तहत विकसित प्लॉट लेने वाले वास्तविक जमीन मालिकों को रजिस्ट्रेशन या कन्वेयंस डीड के समय स्टांप ड्यूटी और अन्य शुल्क से छूट मिलेगी। यदि वे चाहें तो अधिग्रहित जमीन के कलेक्टर रेट के बराबर मूल्य तक पंजाब में कहीं भी जमीन खरीदने पर भी स्टांप ड्यूटी में छूट का लाभ ले सकेंगे।

इसके अतिरिक्त पात्र जमीन मालिकों को प्राथमिकता के आधार पर ट्यूबवेल कनेक्शन उपलब्ध कराया जाएगा और योजना में शामिल किसानों को प्रमुख स्थानों पर विकसित प्लॉट आवंटित करने में भी प्राथमिकता दी जाएगी।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि सरकार ने जमीन मालिकों और अन्य हितधारकों के साथ व्यापक विचार-विमर्श के बाद उनके सुझावों और समस्याओं को ध्यान में रखते हुए इन संशोधनों को मंजूरी दी है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य किसानों के हितों की रक्षा करना और भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी एवं लाभकारी बनाना है।

By Priyanka Thakur

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