Homeपंजाबपंजाब में 16,000 किमी नहरों का पुनर्जीवन, भूजल स्तर 5 मीटर तक...

पंजाब में 16,000 किमी नहरों का पुनर्जीवन, भूजल स्तर 5 मीटर तक सुधरा: हरपाल सिंह चीमा | 24 Ghante News

पंजाब में 16,000 किमी नहरों का पुनर्जीवन, कई इलाकों में भूजल स्तर 5 मीटर तक सुधरा: हरपाल सिंह चीमा

चंडीगढ़, 6 अगस्त: पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार राज्य में जल संकट से निपटने के लिए बड़े स्तर पर नहरों के पुनर्जीवन, जलमार्गों की बहाली और भूजल रिचार्ज पर काम कर रही है। उन्होंने दावा किया कि इन प्रयासों से कई ब्लॉकों में भूजल स्तर 3 से 5 मीटर तक सुधरा है और किसानों को इसका सीधा लाभ मिल रहा है।

हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि पिछली सरकारों के लंबे समय तक भूजल संरक्षण पर पर्याप्त ध्यान न देने के कारण राज्य में जल स्तर लगातार नीचे जाता रहा। इससे किसानों को अधिक गहरे बोर करने और बिजली की अधिक खपत वाली मोटरों का इस्तेमाल करना पड़ा। इस स्थिति को बदलने के लिए पंजाब सरकार ने 16,000 किलोमीटर जलमार्गों (खालों) के निर्माण और पुनर्जीवन का अभियान शुरू किया है।

उन्होंने बताया कि सरकार ने लगभग 39,049 क्यूसेक नहरी पानी छोड़ा है, ताकि नहरों का पानी टेल एंड तक स्थित प्रत्येक किसान के खेत तक पहुंच सके। उनके अनुसार नहरी पानी के बढ़ते उपयोग से भूजल पर निर्भरता कम हुई है और किसानों को सिंचाई के लिए बेहतर विकल्प मिला है।

वित्त मंत्री ने कहा कि इन प्रयासों का असर कृषि उत्पादन पर भी दिखाई दे रहा है। उन्होंने दावा किया कि खनिजों से भरपूर नहरी पानी के उपयोग से गेहूं और धान की पैदावार में प्रति एकड़ 1 से 2 क्विंटल तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। साथ ही बिजली की खपत में कमी आई है और प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण भी हुआ है।

भूजल संरक्षण को और मजबूत बनाने के लिए राज्य सरकार ने वर्षा जल संचयन को भी प्राथमिकता दी है। हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि नगर परिषदों और नगर निगमों ने नए भवनों के नक्शे की मंजूरी के लिए रेन वाटर रिचार्ज प्वाइंट अनिवार्य कर दिया है। इसके अलावा पूरे पंजाब में 510 ग्राउंडवाटर रिचार्ज योजनाओं को लागू किया गया है, जिनमें 192 तालाब आधारित और 246 नहर आधारित रिचार्ज परियोजनाएं शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार जल संरक्षण को भविष्य की जरूरत मानते हुए दीर्घकालिक रणनीति पर काम कर रही है। तालाबों, कुओं और अन्य जल स्रोतों के संरक्षण के साथ-साथ नई परियोजनाओं के जरिए भूजल रिचार्ज को बढ़ावा दिया जा रहा है। उनका कहना था कि सरकार का उद्देश्य आने वाली पीढ़ियों के लिए जल संसाधनों को सुरक्षित रखना और किसानों तक पर्याप्त सिंचाई सुविधा पहुंचाना है।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments