Author: Priyanka Thakur
विधवा एवं निराश्रित महिलाओं को पंजाब सरकार का बड़ा सहारा, 305 करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय सहायता जारी
चंडीगढ़, 20 जून: पंजाब सरकार की विधवा एवं निराश्रित महिलाओं के लिए संचालित पेंशन योजना राज्य की लाखों महिलाओं के लिए आर्थिक सुरक्षा और सम्मान का मजबूत आधार बन रही है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में राज्य सरकार जरूरतमंद महिलाओं को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री Dr. Baljit Kaur ने बताया कि मई 2026 तक इस योजना के तहत 305 करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय सहायता जारी की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में पंजाब भर में 6.91 लाख से अधिक महिलाएं इस योजना का लाभ प्राप्त कर रही हैं, जिससे उन्हें आर्थिक स्थिरता और आत्मनिर्भरता का आधार मिल रहा है।
मंत्री ने जानकारी दी कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान योजना के सुचारु संचालन और अधिक से अधिक पात्र महिलाओं तक लाभ पहुंचाने के लिए 1200 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का प्रावधान किया गया है। सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी जरूरतमंद महिला आर्थिक अभाव के कारण सम्मानजनक जीवन से वंचित न रहे।
डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि यह योजना केवल आर्थिक सहायता प्रदान करने तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं को कठिन परिस्थितियों में आत्मविश्वास के साथ जीवन जीने का अवसर भी देती है। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता को मजबूत करना पंजाब सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
उन्होंने बताया कि योजना का लाभ 58 वर्ष से कम आयु की विधवा एवं निराश्रित महिलाओं को दिया जाता है। इसके अलावा 30 वर्ष या उससे अधिक आयु की अविवाहित महिलाएं भी इस योजना के लिए पात्र हैं। योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक के परिवार की वार्षिक आय 60,000 रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।
मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का मानना है कि वास्तविक सामाजिक विकास तभी संभव है जब महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त हों और उन्हें समान अवसर प्राप्त हों। इसी उद्देश्य के तहत सरकार विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से समाज के कमजोर वर्गों तक सहायता पहुंचाने का कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार महिलाओं के लिए सुरक्षित, सम्मानजनक और बेहतर जीवन सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है तथा राज्य में एक अधिक समावेशी और संवेदनशील समाज के निर्माण की दिशा में लगातार काम कर रही है।


