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अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव की तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने धार्मिक-सामाजिक संस्थाओं के साथ किया मंथन*

अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव की तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने धार्मिक-सामाजिक संस्थाओं के साथ किया मंथन*

 

 *गीता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के लिए अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव की तैयारियों में जुटा कुरुक्षेत्र *

 

 *अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव को जनभागीदारी का स्वरूप देने का आह्वान*

 

चंडीगढ़, 24 सितंबर- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में वीरवार को गीता ज्ञान संस्थानम, कुरुक्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव-2026 के आयोजन को लेकर कुरुक्षेत्र की धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ बैठक हुई। बैठक में विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने महोत्सव के आयोजन को लेकर अपने सुझाव एवं विचार मुख्यमंत्री के समक्ष रखे। मुख्यमंत्री ने सभी संस्थाओं से मिलकर महोत्सव को भव्य, गरिमापूर्ण और जनभागीदारी से युक्त बनाने का आह्वान किया।

 

 *गीता जीवन के संघर्षों में प्रकाश देने वाला ग्रंथ : मुख्यमंत्री*

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि गीता केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन को दिशा देने वाला संदेश है। महात्मा गांधी के गीता संबंधी विचारों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि गांधी जी गीता को जीवन की कठिन परिस्थितियों और संघर्षों में मार्गदर्शन एवं सांत्वना देने वाला ग्रंथ मानते थे। इसी प्रकार लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक ने गीता के कर्मयोग पर विशेष बल देते हुए कर्तव्य के प्रति निष्ठा और कर्म करते रहने का संदेश दिया। श्री अरविंद के विचारों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि गीता का संदेश जीवन से विमुख होने का नहीं, बल्कि कर्म और आध्यात्मिक चेतना के माध्यम से जीवन को बेहतर दिशा देने का है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के माध्यम से गीता के इसी संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास होना चाहिए। महोत्सव की प्रत्येक गतिविधि में गीता का संदेश केंद्र में रहे और यहां आने वाला प्रत्येक व्यक्ति कुरुक्षेत्र की संस्कृति तथा गीता के संदेश को अपने साथ लेकर लौटे।

 

‘ *स्वच्छ कुरुक्षेत्र, पवित्र कुरुक्षेत्र’ बने सामूहिक संकल्प*

मुख्यमंत्री ने कहा कि  कुरुक्षेत्र का वातावरण गीता की भूमि की गरिमा के अनुरूप स्वच्छ, सुंदर और व्यवस्थित रहे, इसके लिए सभी को मिलकर कार्य करना होगा। उन्होंने ‘स्वच्छ कुरुक्षेत्र, पवित्र कुरुक्षेत्र’ को सामूहिक संकल्प बनाने का आह्वान किया। मंदिरों, आश्रमों, धर्मशालाओं, बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने तथा प्लास्टिक मुक्त वातावरण बनाने में सहयोग का आग्रह किया।

उन्होंने कहा कि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों का स्वागत ‘अतिथि देवो भवः’ की भावना से किया जाए, ताकि प्रत्येक आगंतुक को कुरुक्षेत्र में अपनत्व और सम्मान का अनुभव हो।

 

 *महाभारतकालीन थीम पर विकसित होंगे कुरुक्षेत्र के चौक*

मुख्यमंत्री ने कहा कि कुरुक्षेत्र के सभी प्रमुख चौकों को महाभारत कालीन थीम पर विकसित किया जाएगा। इससे शहर के विभिन्न हिस्सों में कुरुक्षेत्र की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक पहचान को प्रदर्शित किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि प्रयास है कि पूरी कुरुक्षेत्र नगरी गीता और भगवान श्रीकृष्ण की नगरी के भाव को प्रतिबिंबित करे।

मुख्यमंत्री ने धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाओं से अपने-अपने स्तर पर महोत्सव की तैयारियों में सहयोग करने तथा अपने सुझाव प्रशासन के साथ साझा करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि संस्थाओं और नागरिकों की सहभागिता से ही महोत्सव को व्यापक जनभागीदारी का स्वरूप दिया जा सकता है।

 

 *गीता महोत्सव में सद्भावना के साथ सहभागी बनें सभी संस्थाएं : स्वामी ज्ञानानंद महाराज*

 

इस अवसर पर गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने कहा कि सभी धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाएं सद्भावना के साथ अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव से जुड़ें। इससे तीर्थ, कुरुक्षेत्र और हम सभी का गौरव बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि स्वच्छता अभियान में प्रशासन के साथ-साथ सभी संस्थाओं को भी आगे आकर अपना योगदान देना चाहिए।

उन्होंने प्रत्येक व्यक्ति और संस्था से आग्रह किया कि ‘18 मिनट गीता के नाम’ पहल से जुड़ें। उन्होंने कहा कि गीता के प्रति जागृति का संदेश तभी सार्थक होगा, जब गीता के सूत्र हमारे व्यवहार में भी दिखाई दें। उन्होंने कहा कि गीता के गौरव को आगे बढ़ाना हम सभी का दायित्व है और गीता के सूत्रों को अपने जीवन में अपनाने की पहल को महोत्सव का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया जाना चाहिए।

इस बैठक में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती अर्चना गुप्ता, पूर्व राज्यमंत्री श्री सुभाष सुधा, कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के मानद सचिव श्री उपेंद्र सिंघल, मुख्यमंत्री के ओएसडी श्री भारत भूषण भारती सहित कुरुक्षेत्र की विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाओं के आध्यात्मिक गुरु, प्रतिनिधि तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

क्रमांक : 2026

सुमित चावला

बच्चों की कल्पना में दिखता है विकसित भारत का भविष्य : मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

 

सेवा, संस्कार और राष्ट्र निर्माण की भावना को नई पीढ़ी तक पहुंचाना सेवा संकल्प अभियान का उद्देश्य

 

शिक्षा के साथ बच्चों में नवाचार, डिजिटल कौशल और वैश्विक दृष्टिकोण विकसित करने पर जोर

 

गुरु जी का जीवन राष्ट्र और समाज के लिए समर्पण की प्रेरणा

 

चंडीगढ़, 24 सितम्बर — हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि बच्चों की कल्पना में जो विकसित भारत आकार लेता है, वही आने वाले समय में वास्तविक भारत के रूप में हमारे सामने आएगा। बच्चों की प्रतिभा को उचित मंच और प्रोत्साहन देकर उनमें रचनात्मकता, संस्कार, सेवा भावना तथा राष्ट्र निर्माण का भाव विकसित किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री वीरवार को कुरुक्षेत्र के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, कनीपला में आयोजित सेवा संकल्प अभियान एवं निपुण चित्रकला प्रदर्शनी कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने ‘माधव सभागार’ एवं परम पूजनीय श्री गुरु जी के भित्ति चित्र का अनावरण किया तथा चित्रकला प्रदर्शनी का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर विद्यालय परिसर में पौधारोपण भी किया।

इस अवसर पर गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज, पूर्व राज्यमंत्री श्री सुभाष सुधा, उपायुक्त श्री विश्राम मीणा, डॉ. ओम प्रकाश अरोड़ा, श्री रत्न चंद सरदाना, डॉ. प्रीतम सिंह सहित वरिष्ठ अधिकारी एवं गणमान्यजन उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, कनीपला में सोलर पैनल लगाने के लिए 11 लाख रुपये देने की घोषणा की। साथ ही, कनीपला गांव के विकास कार्यों के लिए 21 लाख रुपये देने की भी घोषणा की।

 

सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से बच्चों को राष्ट्र सेवा की प्रेरणा

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में चल रहे ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत आयोजित किया गया है। अभियान के अंतर्गत 17 से 21 सितंबर तक कक्षा तीसरी से बारहवीं तक के विद्यार्थियों के लिए चित्रकला और भाषण प्रतियोगिताएं आयोजित की गई, जिनमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इन प्रतियोगिताओं में चयनित कृतियां जिला स्तरीय प्रदर्शनी में प्रदर्शित की गई हैं।

उन्होंने प्रदर्शनी में शामिल विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि बच्चों के हाथों में रंग होते हैं, लेकिन उन रंगों को सपनों में बदलने का विश्वास परिवार और शिक्षक देते हैं। प्रदर्शनी में स्वच्छ भारत, आत्मनिर्भर भारत, पर्यावरण संरक्षण, सेवा भावना और वर्ष 2047 के विकसित भारत की परिकल्पना जैसे विषयों को बच्चों ने अपनी रचनात्मकता के माध्यम से प्रस्तुत किया है।

 

25 वर्षों की सेवा से प्रेरणा लेकर विकसित भारत के निर्माण में योगदान का आह्वान

 

श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि ‘सेवा संकल्प अभियान’ केवल उपलब्धियों को याद करने का अवसर नहीं, बल्कि सेवा, समर्पण और राष्ट्र निर्माण की भावना को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों से प्रेरणा लेते हुए हमें विकसित भारत के निर्माण में अपनी भूमिका निभाने का संकल्प लेना चाहिए।

उन्होंने कहा कि भारत आज विज्ञान, तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ रहा है। देश ने अंतरिक्ष विज्ञान सहित अनेक क्षेत्रों में अपनी क्षमता का परिचय दिया है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अपने सपनों को लक्ष्य में बदलें और देश के विकास में योगदान देने के लिए निरंतर प्रयास करें।

 

माधव सभागार और भित्ति चित्र नई पीढ़ी को देंगे प्रेरणा

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि कनीपला के इस विद्यालय में एक ओर बच्चों द्वारा बनाए गए चित्र भविष्य के भारत की कल्पना को सामने रखते हैं, वहीं दूसरी ओर माधव सभागार में परम पूजनीय माधव सदाशिवराव गोलवलकर ‘श्री गुरु जी’ का भित्ति चित्र इतिहास, संस्कार और कर्तव्य की याद दिलाता है। उन्होंने कहा कि इतिहास हमें जड़ें देता है, शिक्षा हमें पंख देती है, संस्कार हमें दिशा देते हैं और सपने हमें उड़ान देते हैं। मजबूत जड़ों और भविष्य की स्पष्ट दृष्टि वाली पीढ़ी को आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता।

मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री गुरु जी असाधारण व्यक्तित्व थे, जिन्होंने अपना पूरा जीवन राष्ट्र के लिए समर्पित कर दिया। उनका जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा। बच्चों को उनके जीवन, विचारों और राष्ट्र सेवा की भावना से परिचित कराने तथा उनकी स्मृति को संजोए रखने के लिए यह भित्ति चित्र तैयार किया गया है। यह पहल राष्ट्र, संस्कृति और समाज के प्रति समर्पण की भावना को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम बनेगी।

उन्होंने कहा कि जीवन वह बड़ा नहीं होता जो अपने लिए जिया जाए, बल्कि समाज के लिए जिया जाने वाला जीवन श्रेष्ठ होता है। श्री गुरु जी का जीवन राष्ट्र और समाज के प्रति इसी समर्पण की भावना का उदाहरण है।

 

शिक्षा व्यवस्था में तकनीक, नवाचार और कौशल पर विशेष जोर

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण एवं आधुनिक शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। सरकारी विद्यालयों में डिजिटल शिक्षा, स्मार्ट क्लासरूम, टैबलेट वितरण और ई-लर्निंग को बढ़ावा दिया गया है। विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, कोडिंग और डिजिटल कौशल से जोड़ने के साथ-साथ कौशल विकास कार्यक्रमों को विद्यालय स्तर से जोड़ने तथा उच्च शिक्षा में अनुसंधान एवं नवाचार को प्रोत्साहित किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि सरकारी विद्यालयों में विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए बेहतर मार्गदर्शन देने के उद्देश्य से सुपर-100 तथा बुनियाद जैसे कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। सुपर-100 की सीटों को 500 से बढ़ाकर 600 किया गया है।

 

विद्यार्थियों को वैश्विक अवसरों के लिए तैयार कर रहा हरियाणा

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का भारत पूरी दुनिया के साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ रहा है। ऐसे में विद्यार्थियों को वैश्विक अवसरों के लिए तैयार करना भी आवश्यक है। इसी दिशा में सरकारी विद्यालयों में फ्रेंच भाषा की पढ़ाई शुरू की गई है, जबकि जर्मन भाषा के लिए समझौता किया गया है तथा जापानी और कोरियाई भाषाओं की पढ़ाई भी चरणबद्ध रूप से शुरू करने की तैयारी है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश के राजकीय विद्यालयों में खेल सुविधाओं के विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इस वर्ष सभी राजकीय उच्च एवं वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों के खेल मैदानों के विकास के लिए एक-एक लाख रुपये उपलब्ध करवाए गए हैं।

 

बच्चे अपनी प्रतिभा को आगे बढ़ाएं

 

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से कहा कि प्रदर्शनी में दिखाई दे रही उनकी कला केवल कागज तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। सेवा का रंग उनके व्यवहार में, संस्कार का रंग उनके व्यक्तित्व में, मेहनत का रंग उनकी पढ़ाई में और राष्ट्र के प्रति कर्तव्य का रंग उनके जीवन में दिखाई देना चाहिए।

उन्होंने निपुण हरियाणा जिला स्तरीय कला प्रदर्शनी में भाग लेने वाले सभी विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि कनीपला विद्यालय से निकला यह संदेश दूर तक जाएगा और बच्चों की रचनात्मकता तथा प्रतिभा प्रदेश और देश के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला बनेगी।

 

गुरु जी का जीवन युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत : स्वामी ज्ञानानंद महाराज

गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने कहा कि श्री गुरु जी का भित्ति चित्र नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा और संकल्प का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति, गीता, परंपराओं और जीवन मूल्यों की बातों को राजनीति से जोड़कर नहीं देखना चाहिए। ये हमारी संस्कृति और जीवन मूल्यों से जुड़ी बातें हैं। उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे श्री गुरु जी जैसे महान व्यक्तित्वों को अपना आदर्श बनाकर समाज और राष्ट्र के लिए कार्य करें तथा उनके जीवन से प्रेरणा लें। उन्होंने श्री रत्न चंद सरदाना जी की कृति ‘अपना माधव’ के लिए शुभकामनाएं दीं।

क्रमांक 2026

सुमित चावला

हरियाणा में ‘पराली संरक्षण बल’ करेगा पराली जलाने की रोकथाम

जिला और ब्लॉक स्तर पर तैनात होंगे विशेष दल, ड्रोन करेगा निगरानी और देर शाम गश्त होगी तेज

मशीनरी के बेहतर उपयोग के लिए किसानों को 1,200 रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन

चंडीगढ़, 24 सितंबर- हरियाणा सरकार ने धान की पराली जलाने की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए जिला और ब्लॉक स्तर पर ‘पराली संरक्षण बल’ गठित करने का निर्णय लिया है। यह बल पराली जलाने की घटनाओं की निगरानी और रोकथाम के साथ-साथ आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करेगा। इसके अलावा, देर शाम और रात के समय गश्त बढ़ाई जाएगी तथा खेतों में आग की घटनाओं की निगरानी के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया जाएगा। सरकार ने फसल अवशेष प्रबंधन मशीनरी के बेहतर उपयोग के लिए किसानों को 1,200 रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन देने का भी प्रावधान किया है।

मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने आज यहां पराली जलाने की घटनाओं पर रोक लगाने तथा वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) के निर्देशों के अनुपालन के संबंध में राज्य कार्य योजना की समीक्षा की। बैठक में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा राज्य में पराली प्रबंधन और निगरानी के लिए की जा रही तैयारियों की विस्तार से जानकारी दी गई।

कार्य योजना के तहत गठित ‘पराली संरक्षण बल’ में पुलिस कर्मियों के साथ कृषि विभाग के अधिकारियों, प्रशासनिक अधिकारियों, नोडल एवं क्लस्टर अधिकारियों तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों को शामिल किया जाएगा। यह बल जिला और ब्लॉक स्तर पर कार्य करेगा तथा खेतों में आग लगने की घटनाओं की निगरानी करने के साथ-साथ पराली जलाने की घटनाओं पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करेगा।

कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री विजयेंद्र कुमार ने बताया कि देर शाम गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं, क्योंकि कुछ किसानों द्वारा उपग्रहों की निगरानी से बचने के लिए अंधेरा होने के बाद पराली जलाने का प्रयास किया जाता है। ऐसे मामलों की प्रभावी रोकथाम के लिए जमीनी स्तर पर निगरानी और गश्त को और मजबूत किया जा रहा है।

कार्ययोजना के अनुसार पराली जलाने की प्रत्येक सत्यापित घटना में तीन स्तरों पर कार्रवाई की जाएगी। संबंधित मामले में एफआईआर दर्ज की जाएगी, चालान किया जाएगा तथा किसान के भूमि रिकॉर्ड में ‘रेड एंट्री’ की जाएगी। इसके साथ ही निर्धारित पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति राशि भी संबंधित उल्लंघनकर्ता से वसूल की जाएगी।

सरकार द्वारा पराली जलाने के विकल्प उपलब्ध कराने पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन मशीनरी के बेहतर उपयोग के लिए 1,200 रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन दिया जा रहा है। इसके अलावा, फसल अवशेष प्रबंधन मशीनरी की खरीद पर सब्सिडी भी उपलब्ध कराई जा रही है।

धान की कटाई के कार्यक्रम के अनुसार बेलर, रेकर्स तथा अन्य फसल अवशेष प्रबंधन मशीनरी को विभिन्न जिलों में स्थानांतरित करने की योजना बनाई गई है। सितंबर माह से यमुनानगर, अंबाला, करनाल और कुरुक्षेत्र में धान की कटाई शुरू होती है, जबकि अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में सिरसा, फतेहाबाद, हिसार और जींद जैसे जिलों में कटाई का कार्य तेज होता है। अधिकारियों को पड़ोसी राज्यों तथा हरियाणा के आसपास के जिलों में मशीनरी के मालिकों के साथ समन्वय करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि कटाई के समय आवश्यक मशीनरी की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके।

पराली प्रबंधन और खेत स्तर पर निगरानी के लिए 8,134 ग्राम स्तरीय नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। राज्य में लगभग 5,600 गांवों में 6,21,285 पंजीकृत धान उत्पादक किसान हैं, जिनके पास लगभग 34.1 लाख एकड़ क्षेत्र में धान की खेती है। अब तक 6,04,314 किसानों को नोडल अधिकारियों द्वारा कवर किया जा चुका है, जबकि 16,971 किसानों को अभी कवर किया जाना बाकी है।

निगरानी व्यवस्था के तहत सामान्य गांवों में एक नोडल अधिकारी को अधिकतम 100 किसानों तथा हॉटस्पॉट गांवों में अधिकतम 50 किसानों से जोड़ा जाएगा। नोडल अधिकारी मोबाइल एप के माध्यम से खेतों में सक्रिय आग की लोकेशन की सूचना देंगे तथा यह भी दर्ज करेंगे कि संबंधित किसान फसल अवशेष का प्रबंधन खेत में ही करने, खेत से बाहर निकालकर करने या चारे के रूप में उपयोग करने जैसी विधियों से कर रहे हैं या नहीं। मोबाइल एप पर दर्ज सक्रिय आग की घटनाओं पर पराली संरक्षण बल द्वारा तत्काल कार्रवाई की जाएगी।

राज्य सरकार ने ड्रोन आधारित निगरानी व्यवस्था को भी मजबूत करने की दिशा में कदम उठाए हैं। सीएक्यूएम के निर्देशों के अनुरूप राज्य में ‘दृश्य’ के सहयोग से पराली जलाने की घटनाओं की निगरानी के लिए ड्रोन तैनात किए जा रहे हैं। उपायुक्तों को पहले से उन गांवों और स्थानों की पहचान करने के निर्देश दिए गए हैं, जहां ड्रोन के माध्यम से निगरानी की जाएगी।

क्षेत्रीय अधिकारियों को सीएक्यूएम और एनआरएसई द्वारा खेतों में जले हुए क्षेत्र का आकलन करने के लिए प्रशिक्षण भी दिया गया है। अधिकारियों को केन्द्र सरकार द्वारा विकसित ‘भूवन’ एप के माध्यम से निर्धारित स्थानों का सर्वेक्षण पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।

कार्ययोजना के तहत सरकारी और पंचायत भूमि की पहचान कर वहां पराली से तैयार गांठों के सुरक्षित भंडारण की व्यवस्था की जाएगी। पराली का उपयोग करने वाले उद्योगों के साथ समन्वय कर भंडारण सुविधाएं विकसित की जाएंगी। जिला स्तर पर आपूर्ति श्रंृखला की कार्ययोजना भी बनाई जाएगी। इसके तहत बेलिंग, पेलेटिंग, ब्रिकेटिंग और स्टोरेज की उपलब्ध सुविधाओं को चिह्नित करके किसानों को पराली का उपयोग करने वाले अंतिम उपभोक्ता उद्योगों से जोड़ा जाएगा।

राज्य सरकार द्वारा पराली जलाने के दुष्प्रभावों और फसल अवशेष प्रबंधन के वैकल्पिक उपायों के बारे में जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है। अब तक गांव और ब्लॉक स्तर पर 646 शिविर, संवाद कार्यक्रम एवं प्रदर्शन आयोजित किए जा चुके हैं, जिनमें 23 हजार से अधिक किसानों ने भाग लिया। इसके अलावा, स्कूलों और कॉलेजों में 370 जागरूकता गतिविधियां आयोजित की गई हैं, जिनमें 19 हजार से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लिया।

मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने संबंधित विभागों एवं जिला प्रशासन को पराली जलाने की घटनाओं की रोकथाम के लिए निगरानी, प्रवर्तन, मशीनरी की उपलब्धता तथा किसानों के साथ निरंतर संवाद और प्रभावी समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि फसल अवशेष प्रबंधन के लिए किसानों को आवश्यक संसाधन और व्यावहारिक विकल्प उपलब्ध करा

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