तालाबों में गंदा पानी नहीं जाना चाहिए, ट्रीटमेंट के बाद ही तालाब में पहुंचे पानी : मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी
320 तालाबों का नवीनीकरण एवं सौंदर्यीकरण जल्द पूरा करने तथा 467 नए तालाबों पर काम शुरू करने के निर्देश
जिन गांवों में योगशालाएं नहीं, वहां तालाबों के आसपास बनेंगी योगशाला और ओपन जिम
चंडीगढ़, 25 अगस्त- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने निर्देश दिए कि प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में बने तालाबों को स्वच्छ एवं सुंदर बनाने के साथ-साथ इनके रखरखाव पर भी विशेष ध्यान दिया जाए। किसी भी तालाब में गंदा पानी सीधे न जाए, इसके लिए पानी को वैज्ञानिक तरीके से ट्रीट करने के बाद ही तालाब में पहुंचाने की व्यवस्था की जाए। मुख्यमंत्री मंगलवार को हरियाणा सिविल सचिवालय में हरियाणा पॉन्ड एंड वेस्ट वाटर मैनेजमेंट अथॉरिटी की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि तालाबों के सौंदर्यीकरण के साथ इनके आसपास ग्रामीणों के लिए बेहतर सुविधाएं भी विकसित की जाएं। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन गांवों में नई योगशालाएं बनाना प्रस्तावित हैं, वहां तालाबों के आसपास शेड इत्यादि लगाकर योगशालाएं बनाई जाएं और ओपन जिम की व्यवस्था की जाए। इससे ग्रामीण इन स्थानों पर नियमित रूप से आएंगे और तालाबों की देखभाल में भी रुचि लेंगे।
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में कुल 20,100 तालाब हैं, जिनमें 19,219 ग्रामीण और 881 शहरी क्षेत्रों में हैं। इनमें से जो तालाब प्रदूषित एवं ओवरफ्लोइंग हैं, उनपर खासा फोकस किया जा रहा है। गांवों के ग्रे और ब्लैक वाटर को ट्रीट करने पर भी रणनीति बनाई जा रही है। इसके लिए तालाब से बाहर वेस्ट वाटर मैनेजमेंट अथवा एसटीपी की व्यवस्था की जा सकती है। गांव या पंचायत की जमीन का उपयोग इसके लिए किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों में माइक्रो एसटीपी की व्यवस्था के लिए भी कार्य किया जाए तथा तालाब में पानी पहुंचने से पहले आवश्यक प्री-ट्रीटमेंट सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में मैकेनिकल एरेशन और नैनोबबल टेक्नोलॉजी जैसी तकनीकों पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि इन तकनीकों का पायलट प्रोजेक्ट के रूप में इस्तेमाल किया जाए और परिणाम कारगर पाए जाने पर इन्हें अन्य तालाबों में भी लागू किया जाए।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने निर्देश दिए कि 320 तालाबों के नवीनीकरण एवं सौंदर्यीकरण का चल रहा कार्य तेजी से पूरा किया जाए। साथ ही 467 नए तालाबों को चिन्हित कर वहां भी कार्य शुरू किया जाए। उन्होंने पूर्ण हो चुके तालाबों के रखरखाव के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री ने तालाबों पर लगे सोलर पंपों के आसपास ऊंचे स्तर पर पानी के फिल्ट्रेशन की व्यवस्था करने तथा सोलर पंपों के रखरखाव पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
बैठक में अधिकारियों ने 350 अमृत सरोवरों की स्थिति से भी अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने पूर्ण किए गए तालाबों के बेहतर उपयोग और रखरखाव को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। गांवों के तालाबों में मत्स्य पालन के लिए भविष्य में किए जाने वाले आवंटन/नीलामी को भी निर्धारित प्रक्रिया के तहत करने तथा तालाबों के सार्वजनिक हित में बेहतर उपयोग पर ध्यान देने को कहा।
विशेष मैकेनिज्म विकसित किया जाएगा
इस दौरान अधिकारियों ने बताया कि ‘म्हारी सड़क’ ऐप की तर्ज पर तालाबों के लिए भी एक विशेष मैकेनिज्म विकसित किया जाएगा। इसके माध्यम से आमजन तालाब की खस्ता हालत अथवा सुधारीकरण से संबंधित शिकायत लोकेशन टैगिंग के साथ दर्ज कर सकेंगे। शिकायत संबंधित सरपंच और अधिकारियों को भेजी जाएगी, ताकि उस पर तत्काल आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
एडीसी करेंगे समीक्षा, रख रखाव की बनेगी रिपोर्ट
तालाबों की मेंटेनेंस के लिए विकास एवं पंचायत विभाग के बजट का 5 प्रतिशत उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है। साथ ही वीबीजीरामजी को भी इससे जोड़ते हुए कार्य करने के बारे विशेष निर्देश दिए। विकास एवं पंचायत विभाग के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि हर गांव में तालाबों के रखरखाव के लिए समिति बनाई गई है, जिसमें सरपंच को अध्यक्ष तथा ग्राम सचिव सहित संबंधित प्रतिनिधियों को शामिल किया गया है।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि इन समितियों के कार्यों की नियमित समीक्षा की जाए। प्रत्येक जिले में एडीसी स्तर पर समीक्षा बैठक कर यह रिपोर्ट ली जाए कि संबंधित समितियों ने अब तक तालाबों के रखरखाव के लिए क्या-क्या कार्य किए हैं। संबंधित समितियां तालाबों पर लगे सोलर पंपों के रखरखाव का भी ध्यान रखें।
हरियाणा पॉन्ड एंड वेस्ट वाटर मैनेजमेंट अथॉरिटी रखेंगी हर पहलू पर नजर
मुख्यमंत्री ने तालाबों के डिजाइन और ड्रॉइंग की समीक्षा एवं मानकीकरण पर भी जोर दिया, ताकि अलग-अलग स्थानों पर किए जाने वाले कार्यों में एकरूपता और गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि तालाबों के नवीनीकरण, सौंदर्यीकरण और रखरखाव के कार्य में जिस अधिकारी की जिम्मेदारी होगी, उसकी जवाबदेही भी तय होगी। लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने हरियाणा पॉन्ड एंड वेस्ट वाटर मैनेजमेंट अथॉरिटी को समय-समय पर निरीक्षण करने तथा गुणवत्ता से समझौता मिलने पर कार्रवाई की सिफारिश करने के निर्देश भी दिए। बैठक में ग्रामीण आबादी के अंदर बने तालाबों को सार्वजनिक उपयोग की दृष्टि से ग्रामीण आबादी से बाहर विकसित करने के संबंध में भी आवश्यक निर्देश दिए गए।
तालाबों को गांव की खूबसूरती से जोड़ने की दिशा में काम
हरियाणा पॉन्ड एंड वेस्ट वाटर मैनेजमेंट अथॉरिटी के कार्यकारी उपाध्यक्ष श्री विमल गोस्वामी ने कहा कि सरकार का उद्देश्य तालाबों को साफ-सुथरा और सुंदर बनाकर गांवों की खूबसूरती से जोड़ना है। इसी दिशा में तालाबों की सफाई, पानी की गुणवत्ता सुधारने और बेहतर रखरखाव पर काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने जो निर्देश दिए है, उन नई तकनीकों का इस्तेमाल पहले पायलट प्रोजेक्ट के रूप में किया जाएगा और अच्छे परिणाम मिलने पर इन्हें अन्य तालाबों में भी अपनाया जाएगा। गांव की समितियों को भी तालाबों की देखभाल से जोड़ा जा रहा है। प्रयास है कि साफ पानी और सुंदर परिसर वाले तालाब गांव में लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बनें।
इस दौरान मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री अरुण गुप्ता, विकास एवं पंचायत विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री विजयेंद्रा कुमार, मुख्यमंत्री के उप प्रधान सचिव डॉ यशपाल सिंह, विकास एवं पंचायत विभाग के निदेशक श्री अनीश यादव भी मौजूद थे।
क्रमांक-2026
पेयजल की शुद्धता के लिए सभी पुराने वाटर-वर्क्स को आरसीसी आधारित बनाया जाए: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने कहा कि आमजन को शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल
ईंटो से निर्मित 466 वाटर वर्क्स को 1000 करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा आरसीसी आधारित वाटर वर्क्स
चंडीगढ़, 25 अगस्त- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश में उन सभी पुराने वाटर वर्क्स को आरसीसी (सीमेंट-कंक्रीट) आधारित बनाया जाए जहां भूमिगत जल से मिलकर पानी की शुद्धता प्रभावित हो रही है। इसके अलावा जहां-जहां संभव हो, वहां ट्यूबवेल आधारित वाटर वर्क्स को प्राथमिकता के आधार पर नहरी पानी आधारित बनाया जाए।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने यह निर्देश मंगलवार को जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों के साथ प्रदेश में जलघरों व पेयजल आपूर्ति की स्थिति की समीक्षा के लिए आयोजित एक बैठक की अध्यक्षता करते हुए दिए। बैठक में जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री श्री रणबीर सिंह गंगवा भी मौजूद थे।
विभाग के प्रधान सचिव श्री पंकज यादव ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश में 1888 नहरी पानी आधारित वाटर वर्क्स तथा 4199 बूस्टिंग स्टेशन संचालित हैं। इनके अलावा 12404 ट्यूबवेल तथा 5 रेनी वैल स्कीम्स भी जलापूर्ति के लिए इस्तेमाल की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा 3674 ट्यूबवेल संबंधित ग्राम पंचायतों को सौंपे जा चुके हैं।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में जरूरत के अनुसार 103 नए नहरी आधारित वाटर वर्क्स, 1065 नए ट्यूबवेल, 369 नए बूस्टिंग स्टेशन तथा 2 नए रेनी वैल लगाने की प्रक्रिया प्रगति पर है। उन्होंने बताया कि 7005 किलोमीटर वितरण नेटवर्क में से 1525 किलोमीटर लंबी लाइनों को बदला जाएगा जिसमें से मार्च 2027 तक 837 किलोमीटर वितरण नेटवर्क को बदल दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि ईंटो से निर्मित 466 वाटर वर्क्स को आरसीसी आधारित वाटर वर्क्स में बदला जा रहा है। इस कार्य पर लगभग 1000 करोड़ रुपये की लागत आएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेशवासियों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध करवाना हरियाणा सरकार की प्राथमिकता है। शुद्ध पेयजल आपूर्ति के लिए पैसों की कमी को आडे़ नहीं आने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसे सभी वाटर वर्क्स को आरसीसी आधारित बनाया जाए जहां भूमिगत पानी, वाटर वर्क्स के पानी से मिक्स होने से पानी की टीडीएस, हार्डनेस तथा फ्लोराइड की मात्रा अधिक हो रही है। ऐसे पानी को पूरी तरह से पीने योग्य बनाने पर वाटर वर्क्स की मशीनरी पर दबाव बढ़ता है। इसलिए ऐसे सभी वाटर वर्क्स को आरसीसी आधारित बनवाया जाए।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार द्वारा वर्तमान में किए जा रहे प्रयासों से आगामी वर्षों में भूमिगत जलस्तर में सुधार नजर आएगा। इससे न केवल गिरते भूजल स्तर पर रोक लगेगी बल्कि पानी की गुणवत्ता भी सुधरेगी। उन्होंने बताया कि ट्रीटमेंट प्लांटों की स्थापना के कारण यमुना का जो पानी हरियाणा से दिल्ली जा रहा है उसकी गुणवत्ता में भी सुधार हुआ है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जो नए वाटर वर्क्स बनाए जा रहे हैं उनकी क्षमता बढ़ती आबादी के अनुरूप बढ़ाई जाए।
बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री अरुण कुमार गुप्ता, मुख्यमंत्री के उप-प्रधान सचिव श्री यशपाल यादव तथा इंजीनियर-इन-चीफ श्री देवेंद्र दहिया सहित विभाग के अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।
क्रमांक-2026
नागरिकों की शिकायतों का समय रहते गंभीरता से समाधान करें अधिकारी :- मंत्री श्याम सिंह राणा
जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में मंत्री श्याम सिंह राणा ने की 13 शिकायतों की सुनवाई, 9 का मौके पर किया निपटारा
ऑपरेशन में लापरवाही की शिकायत पर जांच के लिए बोर्ड गठित करने के दिए निर्देश
चंडीगढ़, 25 अगस्त— हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री श्याम सिंह राणा की अध्यक्षता में कैथल में जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक मंगलवार को लघु सचिवालय के सभागार में आयोजित हुई। बैठक में कुल 13 शिकायतों की सुनवाई की गई, जिनमें से 9 शिकायतों का निपटारा कर दिया गया, जबकि शेष मामलों में संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। मंत्री ने एक महिला के ऑपरेशन में लापरवाही की शिकायत पर जांच के लिए चिकित्सकों का बोर्ड गठित करने तथा निष्पक्ष जांच करने के निर्देश दिए। वहीं एक बिजली चोरी का फर्जी केस बनाने के मामले में कमेटी गठित कर जांच के आदेश दिए।
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जन शिकायतों का समाधान प्राथमिकता के आधार पर और निर्धारित समय सीमा में किया जाए। आमजन की शिकायतों का समाधान करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। किसी भी शिकायत को अधिक समय तक लंबित न रखे।
बैठक में पुरानी शिकायतों की भी समीक्षा की गई। गांव मूंदड़ी में जानलेवा हमले के मामले में पांच आरोपियों की गिरफ्तारी तथा विदेश में रह रहे एक आरोपी के खिलाफ एलओसी जारी होने की जानकारी पर मंत्री ने पुलिस को गहन जांच के निर्देश दिए। गांव पाई निवासी कर्मबीर को तीन माह की बकाया मजदूरी के 82 हजार रुपये दिलवाकर शिकायत का निपटारा किया गया।
कृषि मंत्री ने कैथल के सेक्टर-19 में ग्रीन बेल्ट व पार्क क्षेत्र की सफाई और जलभराव की शिकायत की विस्तृत सुनवाई करते हुए संबंधित अधिकारियों को क्षेत्र की साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वहीं, एक अन्य मामले में आर्थिक तंगी के कारण छात्रा को परीक्षा से रोकने और एसएलसी न देने का मामला सामने आया जिस पर मंत्री के आदेशानुसार तथा शिक्षा विभाग के नियमानुसार स्कूल द्वारा बच्चे को अगली कक्षा में दाखिला दिलवाया गया।
नई शिकायतों में बिजली चोरी का फर्जी केस बनाने के आरोप पर कृषि मंत्री ने जांच समिति गठित कर रिपोर्ट अगली बैठक में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। वहीं नहरी खाल पर अवरोध हटाकर पानी की सुचारू व्यवस्था करने संबंधी शिकायत पर मंत्री ने सिंचाई विभाग को धान की कटाई के बाद निशानदेही करवाकर खाल को सुचारू रूप से चालू करवाने के निर्देश दिए। एक अन्य मामले में पीडब्ल्यूडी द्वारा बनाए गए नाले की निकासी बंद होने से बरसाती पानी घर में घुसने की शिकायत पर मंत्री ने संबंधित विभाग को नाले का लेवल जल्द ठीक करवाने के निर्देश दिए।
कंसल अस्पताल में महिला मरीज के ऑपरेशन से जुड़े गंभीर आरोपों की जांच के लिए मंत्री ने नेगलिजेंस बोर्ड गठित करने के निर्देश दिए और शिकायत को अगली बैठक के लिए लंबित रखा। इसके अलावा स्टेट गोल्ड मेडलिस्ट हैंडबॉल खिलाड़ी की ग्रेडेशन सर्टिफिकेट संबंधी समस्या का एक सप्ताह में समाधान करने, हैप्पी कार्ड के लिए पोर्टल खुलने पर आवेदन करवाने तथा हरियाणा परिवार सुरक्षा योजना की सहायता राशि खाते में स्थानांतरित करवाने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
क्रमांक— 2026
दी किरमच को-ऑपरेटिव सोसायटी का भर्ती प्रस्ताव रद्द और दी गई सैलरी की जाए रिकवर : कृष्ण लाल पंवार
विकास एवं पंचायत विभाग मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक की अध्यक्षता की
मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने एजेंडे में शामिल सभी 11 मामलों का किया निपटारा
चंडीगढ़, 25 अगस्त – हरियाणा के विकास एवं पंचायत मंत्री श्री कृष्ण लाल पंवार ने दी किरमच को-ऑपरेटिव सोसायटी में नियमों को ताक पर रखकर की गई पांच कर्मचारियों की भर्ती के मामले में कड़ा संज्ञान लेते हुए भर्ती प्रक्रिया को रद्द करने तथा कर्मचारियों को दिए गए वेतन की रिकवरी के निर्देश दिए हैं। उन्होंने उप रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां को निर्देश दिए कि भर्ती के प्रस्ताव को तत्काल रद्द किया जाए और नियमानुसार कर्मचारियों को किए गए वेतन भुगतान की वसूली सुनिश्चित की जाए। यह मामला गांव किरमच निवासी द्वारा समिति के समक्ष दी गई शिकायत में उठाया गया था, जिसमें पांच कर्मचारियों की भर्ती को अवैध तरीके से किए जाने का आरोप लगाया गया था।
विकास एवं पंचायत मंत्री श्री कृष्ण लाल पंवार मंगलवार को कुरुक्षेत्र में आयोजित जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। मंत्री श्री कृष्ण लाल पंवार ने बैठक के एजेंडे में शामिल 11 शिकायतों की सुनवाई करते हुए सभी 11 शिकायतों का निपटारा किया।
मंत्री ने पानीपत निवासी राजपाल खुराना की शिकायत पर सुनवाई करते हुए पुलिस को निर्देश देते हुए कहा कि पुलिस अपनी जांच जारी रखे और शिकायतकर्ता को केस से संबंधित डाक्यूमेंट उपलब्ध करवाए। इसके साथ ही अस्पताल से अपना सामान निकालने के लिए एसडीएम को शिकायत दें, ताकि पुलिस सहायता के सामान दिलवाया जा सके। उन्होंने वार्ड नंबर 32 निवासी महाजन सिंह की शिकायत पर सुनवाई करते हुए नगर परिषद के अधिकारी को निर्देश देते हुए कहा कि एक सप्ताह में गांव बाहरी वाली सड़क पर बरसाती पानी का नाला का बंद निर्माण सप्ताह में शुरू करवाया जाए और निर्माण कार्य को जल्द पूरा किया।
विकास एवं पंचायत मंत्री ने एक अन्य शिकायतकर्ता की शिकायत पर नगर परिषद के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वो इस मामले में नोटिस देने के साथ नियमानुसार कार्रवाई को अमल में लाएं और रास्ते को खुलवाया जाए। शिकायतकर्ता ने बताया कि दर्रा खुर्द में टाउन प्लानिंग स्कीम 8-ए का उल्लंघन किया जा रहा है। योजना के तहत पार्किंग व सर्विस रोड के लिए छोड़ी गई जगह पर होटल व दुकानें बनाई जा रही हैं। उन्होंने एक अन्य मामले की सुनवाई के दौरान रोडवेज जीएम को निर्देश दिए कि धनौरा जाटान मार्ग पर विद्यार्थियों के लिए स्पेशल इलेक्ट्रिक बस चलाई जाए।
मंत्री श्री कृष्ण लाल पंवार ने शांति नगर निवासी की शिकायत पर जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी को निर्देश दिए कि पानी की दिक्कत को दूर करने के लिए एक नए ट्यूबवेल का प्रपोजल तैयार करके भेजा जाए। इसके साथ ही उन्होंने गांव नरकातारी सरपंच की शिकायत पर उपायुक्त को निर्देश देते हुए कहा कि वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के लिए एक्वायर की गई जमीन पर किए गए अवैध कब्जा को छुड़वाया जाए। इसके लिए डयूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किए जाए और पुलिस बल के साथ कब्जा छुड़वाया जाए।
मंत्री ने दयानंद कॉलोनी निवासी की शिकायत पर जिला नगर आयुक्त को निर्देश देते हुए कहा कि इस मामले की इंक्वायरी पूरी करके लोकायुक्त को रिपोर्ट भेजी जाए और जब तक लोकायुक्त का फैसला नहीं आता तब तक निर्माण कार्य व अन्य गैर कानूनी ढंग से किए जाने वाले कामों को रोका जाए।
क्रमांक— 2026


