पहली बार ऑनलाइन हो रही जनगणना प्रक्रिया के अंतर्गत संजीव अरोड़ा ने अपने आवासीय विवरण दर्ज किए, जनभागीदारी को राष्ट्र निर्माण की कुंजी बताया
डिजिटल जनगणना 2027: कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा ने स्व-गणना के माध्यम से अपने आवासीय विवरण दर्ज किए; निवासियों से इस प्रक्रिया में भाग लेकर राष्ट्र निर्माण में योगदान देने की अपील
चंडीगढ़, 2 मई, 2026:
स्थानीय निकाय , उद्योग एवं वाणिज्य, निवेश प्रोत्साहन तथा बिजली मंत्री संजीव अरोड़ा ने आज गुरदेव नगर स्थित अपने निवास पर डिजिटल जनगणना-2027 के अंतर्गत स्व-गणना के माध्यम से अपने आवासीय विवरण दर्ज किए और प्रदेशवासियों से भी ऐसा करने का आग्रह किया।
यह बताते हुए कि यह पहली बार है जब जनगणना डिजिटल माध्यम से की जा रही है, कैबिनेट मंत्री अरोड़ा ने लोगों से अधिक से अधिक संख्या में इस अभियान में भाग लेने और ऑनलाइन पोर्टल se.census.gov.in पर जाकर स्व-गणना के माध्यम से अपने आवासीय विवरण दर्ज करने की अपील की।
डिजिटल जनगणना 2027 के अंतर्गत घरों की सूचीकरण और आवासीय जनगणना के पहले चरण के तहत राज्य में स्व-गणना 30 अप्रैल से शुरू हो चुकी है, जो 14 मई, 2026 तक जारी रहेगी। नागरिक स्वेच्छा से घर बैठे स्व-गणना के माध्यम से 33 प्रश्नों के उत्तर देकर अपने आवासीय विवरण ऑनलाइन जमा कर सकते हैं।
कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा ने जोर देकर कहा कि यह प्रक्रिया सरल, सुरक्षित और पूरी तरह से ऑनलाइन है, जिससे लोगों को गणनाकर्ता का इंतजार करने की आवश्यकता नहीं रहती और वे अपने घर से ही यह कार्य पूरा कर सकते हैं।
इस चरण के दौरान निवासियों को अपने घर और परिवार के सदस्यों से संबंधित विस्तृत जानकारी प्रदान करनी होगी। इसमें घर के प्रकार, उपलब्ध सुविधाओं और अन्य बुनियादी आवश्यकताओं से संबंधित जानकारी शामिल है, जो भविष्य की विकास नीतियों और कल्याणकारी योजनाओं के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
इस प्रक्रिया में उपयोगकर्ता पंजीकरण, ओटीपी सत्यापन, आवश्यक विवरण भरना और अंत में जानकारी जमा करना शामिल है, जिसके पश्चात एक विशिष्ट स्व-गणना आईडी (एसई-आईडी) उत्पन्न होती है। फील्ड विजिट के दौरान जब गणनाकर्ता संबंधित संपत्तियों पर पहुंचेंगे, तब निवासियों को यह एसई-आईडी उनके साथ साझा करनी होगी। जमा की गई सभी जानकारी पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी और केवल योजना निर्माण एवं नीति निर्धारण के उद्देश्यों के लिए उपयोग की जाएगी।
जो परिवार ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी करने में सक्षम नहीं हैं, उनके लिए 15 मई, 2026 से शुरू होने वाले अगले फील्ड गणना चरण के दौरान अधिकृत गणनाकर्ता उनके घरों/संपत्तियों पर जाकर आवश्यक जानकारी एकत्र करेंगे।
कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा ने कहा कि अंतिम जनगणना वर्ष 2011 में हुई थी और अब पहली बार इसे डिजिटल रूप में आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने नागरिकों से अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने और सही जानकारी उपलब्ध कराने की अपील करते हुए कहा कि यह आंकड़े सरकार को जनकल्याणकारी योजनाओं और नीतियों के निर्माण में सहायता प्रदान करते हैं।
इस अवसर पर नगर निगम आयुक्त-कम-प्रधान जनगणना अधिकारी डॉ. नीरू कटियाल गुप्ता, संयुक्त आयुक्त-कम -शहरी जनगणना अधिकारी विनीत कुमार, डिप्टी डायरेक्टर (जनगणना) पंजाब डॉ. रुचि गुप्ता, सहायक निदेशक (जनगणना संचालन) रेणु, सहायक आयुक्त-कम -चार्ज अधिकारी जसदेव सेखों, सुपरिटेंडेंट तरुण गोयल, सांख्यिकी अन्वेषक (जनगणना) आलोक कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।


