महिलाएं व बच्चे समाज का आधार, इन्हें सशक्त करना सरकार की प्राथमिकता: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने महिला एवं बाल विकास विभाग के अगले 5 वर्षों की कार्ययोजना की समीक्षा की
चंडीगढ़, 15 मई- हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि महिलाएं व बच्चे किसी भी समाज व देश का आधार होते हैं, इनको सशक्त किए बिना राष्ट्र सशक्त नहीं हो सकता है। महिलाओं व बच्चों को सशक्त करना हरियाणा सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। महिला एवं बाल विकास विभाग अगले 5 साल की अपनी कार्ययोजना इसी तथ्य को ध्यान में रखकर तैयार करे।
मुख्यमंत्री ने यह निर्देश हरियाणा विजन-2047 के अंतर्गत महिला एवं बाल विकास विभाग की आगामी 5 वर्षीय कार्ययोजना की समीक्षा के दौरान दिए।
उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार का मकसद एक समावेशी और न्यायसंगत समाज का निर्माण करना है जहां महिलाओं को गरिमापूर्ण जीवन जीने का अधिकार हो, वे हिंसा से मुक्त हों और जहां प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित, स्वस्थ और सहायक वातावरण में पाला-पोसा जाए, साथ ही विकास और उन्नति के पूर्ण अवसर प्राप्त हों।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हर बच्चा अपनी आयु के अनुरूप शारीरिक व मानसिक माइलस्टोन कवर कर रहा है या नहीं, यह जांचने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग बच्चों के लिए विविध गतिविधियां शुरू करवाए। हर आयु वर्ग के बच्चों के लिए बेबी शो तथा स्वास्थ्य प्रतियोगिता शुरू करवाई जाए जिनके विजेता बच्चों को पुरस्कृत भी किया जाए। समाज, परिवार व सरकार के प्रतिनिधियों को भी ऐसे कार्यक्रमों में शामिल किया जाए। इन गतिविधियों से माताओं में बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता आएगी। उन्होंने कहा कि बच्चों के जीवन के पहले 6 साल बहुत महत्वपूर्ण होते हैं जिन पर उनका पूरा भविष्य निर्भर करता है।
श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि महिलाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य व जागरूकता के बिना आदर्श परिवार व स्वस्थ समाज की कल्पना नहीं की जा सकती है, क्योंकि बच्चों का शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य भी माताओं के हाथों ही सुरक्षित हो सकता है। इसलिए महिलाओं को अधिक से अधिक जागरूक करने की रणनीति को भी विभाग अपनी आगामी कार्य योजना में शामिल करे। महिलाओं को अच्छा माहौल देने तथा सशक्त करने के लिए हर जिले में कामकाजी महिलाओं के लिए वर्किंग वुमैन होस्टल व उनके बच्चों के लिए क्रेच सेंटर भी खोले जाएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला एवं बाल विकास विभाग बेटियों की जन्मदर बढ़ाने के लिए प्रदेश भर में महिलाओं के बीच जन-जागरूकता की विशेष कार्ययोजना तैयार करे। उन्होंने कहा कि हरियाणा में लिंगानुपात की दर को राष्ट्रीय औसत, 933 से भी अधिक करने का लक्ष्य निर्धारित कर इसे प्राप्त करने की दिशा में ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने महिलाओं व बच्चों के लिए अनीमिया जांच का लक्ष्य बढ़ाने तथा जरूरत के अनुसार सप्लीमेंट्स उपलब्ध करवाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने 3 साल तक के बच्चों व स्तनपान करवाने वाली महिलाओं को विशेष पोषण सामग्री प्रदान करने के संबंध में भी हिदायतें दीं।
श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा में जिलावार वुमैन एम्पावर इंडेक्स बनाया जाए ताकि पता लग सके कि किस जिले में महिलाओं के लिए सुविधाएं बढ़ाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को प्रभावी ढंग से जागरूक करने के लिए जरूरी है कि आंगनवाड़ी वर्कर्स व सहायकों को विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जाए।
महिला एवं बाल विकास विभाग के आयुक्त एवं सचिव शेखर विद्यार्थी ने बताया कि इस समय प्रदेश में 25962 आंगनवाड़ी केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। इनमें कार्यरत आंगनवाड़ी वर्कर्स व सहायक को महिलाओं व बच्चों से संबंधित कई प्रकार का विवरण ऑनलाइन करना होता है, इसलिए इनकी योग्यता को बढ़ाने तथा आवश्यक उपकरण उपलब्ध करवाने के लिए विभाग द्वारा प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर, मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री अरुण गुप्ता, महिला एवं बाल विकास विभाग के आयुक्त एवं सचिव शेखर विद्यार्थी, निदेशक डॉ. प्रियंका सोनी, मुख्यमंत्री के ओएसडी व स्वर्ण जयंती हरियाणा राजकोषीय प्रबंधन संस्थान के महानिदेशक डॉ. राज नेहरू तथा मुख्यमंत्री के उप प्रधान सचिव श्री यशपाल यादव सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।
क्रमांक-2026
भूमि विवादों के समाधान के लिए सभी जिलों में लगाई जाएं राजस्व लोक अदालतें: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने हरियाणा विजन-2047 के अंतर्गत राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अगले 5 वर्षों की कार्ययोजना की समीक्षा की
चंडीगढ़, 15 मई- हरियाणा में जमीन संबंधी विवादों के त्वरित समाधान के लिए राजस्व लोक अदालतें लगाई जाएंगी जिनके माध्यम से उपायुक्त, एसडीएम व तहसीलदार विवादित पक्षों के बीच आपसी सहमति से विवादों का समयबद्ध ढंग से समाधान करवाएंगे।
यह निर्देश मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा विकसित भारत-2047 के अंतर्गत तैयार किए गए 5 वर्षीय कार्यान्वयन रोडमैप और कार्य योजना की समीक्षा करते हुए कही।
बैठक में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव एवं एफसीआर डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि राजस्व संबंधी विवादों के शीघ्र समाधान के लिए विभाग द्वारा डिजिटल कोर्ट केस मैनेजमेंट सिस्टम लागू किया जाएगा ताकि विवादों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जा सके। इस पर मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि भूमि विवादों के तीव्र समाधान के लिए राष्ट्रीय लोक अदालत की तर्ज पर राजस्व लोक अदालत लगाई जाएं जिसमें संबंधित अधिकारी दोनों पक्षों की आपसी सहमति से विवादों का समाधान करवाएं। इसके लिए सभी जिलों में पटवारियों के माध्यम से लोगों को सूचित व जागरूक किया जाए और उपायुक्त, एसडीएम तथा तहसीलदार लक्ष्य निर्धारित कर भू-विवादों का समाधान करवाएं ताकि आमजन को राहत मिल सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्व विभाग में परंपरागत तरीकों से अलग हटकर नई ऑनलाइन सेवाएं शुरू की जाएं ताकि आमजन को सभी सरकारी सेवाएं पारदर्शी व सरल तरीके से मिल सकें। उन्होंने कहा कि सभी नव-नियुक्त पटवारियों के लिए लैपटॉप व टेबलेट की खरीद की जाए और हाई-स्पीड इंटरनेट सेवाएं उपलब्ध करवाई जाएं ताकि सभी पटवारी डिजिटल माध्यम से सेवाएं दे सकें। पटवारियों को नई तकनीक व राजस्व कार्यों में पारंगत करने के लिए राज्य स्तरीय प्रशिक्षण केंद्र भी खोला जाए।
श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश में सभी प्रकार के स्टाम्प की बिक्री ई-स्टाम्प के माध्यम से की जाए और इनकी बिक्री को ब्लॉक-चैन आधारित करने की दिशा में कार्य किया जाए ताकि स्टाम्प की खरीद-फरोख्त में पारदर्शिता बनी रहे। उन्होंने कहा कि उन व्यक्तियों के लिए फेसलेस रजिस्ट्रेशन की सुविधा शुरू की जाए जो कहीं बाहर दूसरे राज्यों या विदेश में रहते हैं और रजिस्ट्री के लिए व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं हो सकते हैं।
मुख्यमंत्री द्वारा प्रदेश में पेपरलैस रजिस्ट्रेशन कार्य की जानकारी मांगने पर अधिकारियों ने बताया कि इसके तहत अब तक 4 लाख रजिस्ट्रेशन किए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में किसी भी तहसील में 15 दिन से पुराना कोई भी रजिस्ट्रेशन आवेदन लंबित नहीं है। अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा की दृष्टि से राजस्व विभाग द्वारा अपने डाटा की स्टोरेज के लिए हारट्रोन के माध्यम से प्रदेश में अपडेटिड डाटा सेंटर स्थापित किया जा रहा है जिसके लिए टेंडर किया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने शहरी संपत्ति के राजस्व रिकॉर्ड को प्रॉपर्टी आईडी के साथ लिंक करवाकर सुव्यवस्थित करवाने के भी निर्देश दिए।
राजस्व अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में कृषि विभाग के साथ मिलकर भूमि अभिलेखों का 100 प्रतिशत डिजिटलीकरण और इनकी जीयो-टैगिंग का कार्य किया जा रहा है। इसके तहत सभी लैंड पार्सल का यूनिक नंबर जनरेट किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी विभागों की सरकारी जमीनों को भी पोर्टल पर अपडेट किया जाए।
आपदा प्रबंधन की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री को बताया गया कि आपदा एवं अग्नि तथा आपात सेवाओं के लिए अलग से विभाग बनाने का प्रस्ताव है। अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में आपदा मित्र योजना 8 जिलों में चल रही है। इसका सभी 23 जिलों तक विस्तार किया जाएगा। इसके लिए आपदा मित्रों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
अग्निशमन विभाग के महानिदेशक श्री शेखर विद्यार्थी ने बताया कि प्रदेश के सभी जिलों में विदेशों की तर्ज पर एआई आधारित एकीकृत कमांड तथा नियंत्रण केंद्र की स्थापना की जाएगी। अग्निशमन कार्यों में रोबोट के इस्तेमाल की भी संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अग्निशमन विभाग का आधारभूत ढांचा मजबूत करते हुए इसका आधुनिकीकरण किया जाए और नवीनतम उपकरण भी खरीदे जाएं। मुख्यमंत्री ने अग्निशमन कार्यों में लगे कर्मचारियों का रिस्क कम करने तथा उनके कल्याण हेतु कार्ययोजना तैयार करने के भी निर्देश दिए।
ये रहे मौजूद:
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री अरुण गुप्ता, मुख्यमंत्री के ओएसडी व स्वर्ण जयंती हरियाणा राजकोषीय प्रबंधन संस्थान के महानिदेशक डॉ. राज नेहरू, मुख्यमंत्री के उप प्रधान सचिव श्री यशपाल यादव सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।
क्रमांक-2026
हरियाणा विज्ञान रत्न अवार्ड्स और हरियाणा युवा विज्ञान रत्न अवार्ड्स के लिए नामांकन आमंत्रित
31 जुलाई 2026 तक कर सकते हैं आवेदन
चंडीगढ़, 15 मई – हरियाणा राज्य विज्ञान, नवाचार एवं प्रौद्योगिकी परिषद द्वारा विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले वैज्ञानिकों को सम्मानित करने के लिए हरियाणा विज्ञान रत्न अवार्ड्स और हरियाणा युवा विज्ञान रत्न अवार्ड्स के लिए नामांकन आमंत्रित किए गए हैं।
एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि वर्ष 2026 के लिए घोषित इन पुरस्कारों के तहत हरियाणा विज्ञान रत्न अवार्ड में चयनित वैज्ञानिक को 5 लाख रुपये की नकद राशि, प्रशस्ति पत्र और ट्रॉफी प्रदान की जाएगी। यह पुरस्कार उन प्रतिष्ठित वैज्ञानिकों के लिए है, जिनकी आयु 40 वर्ष से अधिक है और जिन्होंने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है।
इसी प्रकार, हरियाणा युवा विज्ञान रत्न अवार्ड के तहत 40 वर्ष से कम आयु के युवा वैज्ञानिकों को 1 लाख रुपये की नकद राशि, प्रशस्ति पत्र और ट्रॉफी से सम्मानित किया जाएगा। यह पुरस्कार युवा प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने और राज्य में वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू किया गया है।
प्रवक्ता ने आगे बताया कि इन पुरस्कारों के लिए वही वैज्ञानिक पात्र होंगे, जिन्होंने हरियाणा में 10 वर्ष या इससे अधिक समय तक कार्य किया हो या शिक्षा प्राप्त की हो, अथवा जो हरियाणा के निवासी हों। हरियाणा युवा विज्ञान रत्न अवार्ड के नामांकन के लिए आयु की गणना 31 दिसंबर 2026 तक की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल ताजा नामांकन ही स्वीकार किए जाएंगे और स्वयं-नामांकन किसी भी स्थिति में मान्य नहीं होगा।
सरकार ने इच्छुक उम्मीदवारों और संस्थाओं से अपील की है कि वे विस्तृत दिशा-निर्देशों के लिए आधिकारिक वेबसाइट http://dst.highereduhry.ac.in पर विजिट करें और अपने नामांकन 31 जुलाई 2026 तक परिषद के कार्यालय में भेजना सुनिश्चित करें।
प्रवक्ता ने कहा कि हरियाणा सरकार का उद्देश्य विज्ञान और नवाचार के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों को पहचान देना और नई पीढ़ी को अनुसंधान एवं तकनीकी विकास की ओर प्रेरित करना है।


