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मुख्यमंत्री ने पंचकूला में बाबा साहेब डाॅ. भीमराव अंबेडकर को समर्पित  समता  मैराथन को दिखाई हरी झंडी

मुख्यमंत्री ने पंचकूला में बाबा साहेब डाॅ. भीमराव अंबेडकर को समर्पित  समता  मैराथन को दिखाई हरी झंडी

 

युवाओं और बच्चों ने  एकता और भाईचारे का संदेश देते हुए मैराथन में उत्साहपूर्वक लिया भाग

 

यह दौड़ सामाजिक न्याय, समानता और अधिकारों के प्रति हमारी अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक – मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी

 

मुख्यमंत्री ने  प्रतिभागियों पर पुष्प वर्षा कर बढ़ाया उनका मनोबल

हरियाणा सरकार बाबा साहेब के आदर्शों को आगे बढाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध , समाज के हर वर्ग के कल्याण के लिए चलाई  अनेक योजनाएं-  श्री नायब सिंह सैनी

चंडीगढ़, 14 अप्रैल:  हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने आज यवनिका पार्क सेक्टर-5 से भारत रत्न बाबा साहेब डाॅ. भीमराव अंबेडकर को समर्पित  समता  मैराथन को झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने कहा कि यह दौड सामाजिक न्याय, समानता और अधिकारों के प्रति हमारी अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक है।

इससे पूर्व, मैराथन  स्थल पर पहुंचने पर युवाओं और बच्चों  ने मुख्यमंत्री का जोरदार स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने भी स्नेहपूर्वक लोगों का अभिवादन स्वीकार किया। उन्होंने न केवल मैराथन को झंडी दिखाकर रवाना किया, बल्कि प्रतिभागियों पर पुष्प वर्षा कर उनका मनोबल भी बढ़ाया। प्रतिभागियों ने “भारत माता की जय” और “वंदे मातरम्” के नारों के साथ एकता और भाईचारे का संदेश देते हुए ताऊ देवी लाल खेल स्टेडियम, सेक्टर-3 तक मैराथन में उत्साहपूर्वक भाग लिया।

बाबा साहेब की 135वीं जयंती की बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि बाबा साहेब का जीवन संघर्ष, त्याग और संकल्प की एक अद्भुत गाथा है। उन्होंने अपने पूरे जीवन को समाज के उस वर्ग के उत्थान के लिए समर्पित किया जो सदियों से वंचित और शोषित रहा। उन्होंने हमें केवल संविधान ही नहीं दिया बल्कि एक ऐसी विचारधारा दी जो समानता, न्याय और बंधुत्व के सिद्धांत पर आधारित हैं। आज की यह समता मैराथन उसी विचारधारा को जन जन तक पंहुचाने का एक सशक्त माध्यम है।

उन्होंने कहा कि यह मैराथन हमें यह संदेश देती है कि समाज में किसी भी प्रकार का भेदभाव, असमानता या अन्याय स्वीकार नहीं है। हमें मिलकर ऐसे भारत का निर्माण करना है जहां हर व्यक्ति को समान अवसर मिले, हर नागरिक को सम्मान मिले और कोई भी व्यक्ति अपने अधिकारों से वंचित ना रहे। यही बाबा साहेब का सपना था और यही हमारे संविधान की आत्मा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार बाबा साहेब के आदर्शों को आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। हमने समाज के हर वर्ग के कल्याण के लिए अनेक योजनाएं चलाई है, जिनका उद्देश्य अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास का लाभ पंहुचाना है। उन्होंने कहा कि चाहे शिक्षा के क्षेत्र में छात्रवृति योजनाएं हो, रोजगार के अवसर हो या सामाजिक सुरक्षा की योजनाएं- हरियाणा सरकार हर स्तर पर समानता और न्याय सुनिश्चित करने के लिए कार्य कर रही है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार का स्पष्ट मानना है कि जब तक समाज का हर वर्ग सशक्त नहीं होगा तब तक प्रदेश और देश का समग्र विकास संभव नहीं है। इसलिए हम लगातार ऐसी नीतियां बना रहे है जो समाज के कमजोर वर्गों को मुख्य धारा में लाने का कार्य करे।

मुख्यमंत्री ने युवाओं से संवाद करते हुए कहा कि आप देश का भविष्य है और आप सभी के कंधों पर एक सशक्त और समनतामूलक समाज के निर्माण की जिम्मेदारी है। बाबा साहेब ने शिक्षा को सबसे बड़ा हथियार बताया था। उन्होंने कहा था कि शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो। हमें उनके इन शब्दों को अपने जीवन में उतारना होगा। शिक्षा, जागरूकता और एकता के माध्यम से ही हम समाज में सकारात्मक परिवर्तन ला सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने बाबा साहेब को नमन करते हुए लोगों से उनके दिखाए मार्ग पर चलने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हम सब मिलकर एक ऐसे भारत का निर्माण करें जो समता, न्याय और बंधुत्व  के मूल्यों पर आधारित हो।

इस अवसर पर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री श्री कृष्ण कुमार बेदी, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष श्री मोहन लाल बडौली,  राज्य सभा सांसद श्रीमती रेखा शर्मा, हरियाणा महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती रेनू भाटिया, विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष श्री ज्ञानचंद गुप्ता,  उपायुक्त श्री सतपाल शर्मा, सामुदायिक पुलिसिंग और आउटरिच कार्यक्रम के लिए मुख्यमंत्री के विशेष अधिकारी आईजी श्री पंकज नैन,  सूचना जनसंपर्क एवं भाषा विभाग की अतिरिक्त निदेशक श्रीमती वर्षा खंगवाल, अतिरिक्त निदेशक श्री मनीष लौहान सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी व गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

क्रमांक- 2026

अब शहरी गरीब परिवारों का भी होगा अपना घर

 

हरियाणा सरकार ने दी पीएमएवाई-यू 2.0 के तहत 2,646 मकानों को मंजूरी

चंडीगढ़, 14 अप्रैल—हरियाणा में जल्द ही शहरी गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों का भी अपने घर का सपना साकार होगा। मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में प्रधानमंत्री आवास  योजना–शहरी (पीएमएवाई-यू) 2.0 के तहत राज्य स्तरीय स्वीकृति एवं निगरानी समिति (एसएलएसएमसी) की तीसरी बैठक में राज्य के 60 शहरी स्थानीय निकायों में 2,646 लाभार्थियों के लिए आवास परियोजनाओं को मंजूरी दी गई।

बैठक में 51 शहरी स्थानीय निकायों के 2,409 लाभार्थियों की परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। इसी दौरान 9 अन्य शहरी स्थानीय निकायों से 237 अतिरिक्त लाभार्थियों की परियोजनाएं भी प्राप्त हुईं। समिति द्वारा इनकी भी स्वीकृति प्रदान की गई। इस प्रकार इस चरण में कुल 60 शहरी स्थानीय निकायों के 2,646 लाभार्थियों को मंजूरी दी गई।

हाउसिंग फॉर ऑल विभाग के आयुक्त एवं सचिव मोहम्मद शाइन ने जानकारी दी कि  केंद्र सरकार के यूनिफाइड वेब पोर्टल के माध्यम से अब तक 1,69,483 आवेदकों ने अपनी आवास मांग दर्ज कराई है। इनमें से 97,584 आवेदन बेनिफिशियरी लेड कंस्ट्रक्शन (बीएलसी) श्रेणी में हैं, जबकि 71,899 आवेदन अफोर्डेबल हाउसिंग इन पार्टनरशिप (एएचपी) श्रेणी में हैं।

बीएलसी श्रेणी के अंतर्गत अब तक 46,902 आवेदनों का सत्यापन किया जा चुका है। इनमें से 17,465 आवेदन स्वीकृत किए गए हैं और 29,437 आवेदन जांच के बाद अस्वीकृत किए गए हैं। इसके अलावा, 12,552 मकानों की जियो-टैगिंग भी की जा चुकी है, जो लाभार्थियों को केंद्रीय सहायता जारी करने के लिए एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है।

पीएमएवाई-यू 2.0 के तहत 17,430 लाभार्थियों की आवास परियोजनाओं को केंद्र सरकार द्वारा मंजूरी दी जा चुकी है। यह मंजूरी 20 मार्च, 2025 और 15 अक्टूबर, 2025 को हुई केंद्रीय स्वीकृति एवं निगरानी समिति की बैठकों में दी गई। इसके साथ ही, केंद्र सरकार द्वारा 2,174 मकानों के लिए केंद्रीय हिस्से की पहली किस्त के रूप में 1,304.40 लाख रुपये जारी किए जा चुके हैं।

पीएमएवाई-यू 2.0 के बीएलसी घटक के तहत पात्र लाभार्थियों को सभी मौसमों के अनुकूल बहुमंजिला पक्का मकान बनाने के लिए 2.50 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। इसमें 1.50 लाख केंद्र सरकार और 1.00 लाख राज्य सरकार का हिस्सा होता है। मकान का न्यूनतम कार्पेट एरिया 30 वर्ग मीटर तथा अधिकतम 45 वर्ग मीटर निर्धारित किया गया है।

बैठक में वित्त वर्ष 2025-26 और 2026-27 के लिए वार्षिक क्षमता निर्माण योजनाओं को भी मंजूरी दी गई, ताकि राज्य और शहरी स्तर पर योजना के क्रियान्वयन तंत्र को और मजबूत किया जा सके। इन योजनाओं के तहत सभी 87 शहरी स्थानीय निकायों और 3 शहरी विकास प्राधिकरणों में 32 सिटी लेवल टेक्निकल सेल क्लस्टर स्थापित करने का प्रस्ताव है।

वित्त वर्ष 2025-26 के लिए क्षमता निर्माण के लिए कुल 704.45 लाख रुपये का बजट प्रस्तावित किया गया है, जबकि वर्ष 2026-27 के लिए 772.85 लाख रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। यह व्यय केंद्र और राज्य सरकार के बीच 60:40 के अनुपात में साझा किया जाएगा। इसके अंतर्गत स्टेट लेवल टेक्निकल सेल और सिटी लेवल टेक्निकल सेल की स्थापना, जियो-टैगिंग, थर्ड पार्टी गुणवत्ता निगरानी, सोशल ऑडिट, प्रशिक्षण कार्यशालाएं और एक्सपोजर विजिट जैसी गतिविधियां शामिल हैं।

गौरतलब है कि केंद्र सरकार द्वारा 1 सितंबर, 2024 से लागू की गई पीएमएवाई-यू 2.0 योजना का उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग, निम्न आय वर्ग और मध्यम आय वर्ग के परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराना है। राज्य सरकार ने केंद्र के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर कर लिए हैं। साथ ही राज्य स्तरीय स्वीकृति एवं निगरानी समिति तथा राज्य स्तरीय मूल्यांकन समिति का गठन भी किया जा चुका है। सभी शहरी स्थानीय निकायों को योजना के सुचारू क्रियान्वयन के लिए विस्तृत निर्देश जारी किए गए हैं।

बैठक में हाउसिंग फॉर ऑल के महानिदेशक श्री जे.गणेशन और शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आयुक्त एवं सचिव श्री अशोक कुमार मीणा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

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