पंजाब में राष्ट्रीय दिवस समारोहों का अहम हिस्सा होगा ‘युद्ध नशों विरुद्ध’
भगवंत मान सरकार 16 से 31 अगस्त तक दो सप्ताह के दौरान नशा विरोधी अभियान की करेगी व्यापक समीक्षा
चंडीगढ़, 16 अगस्त 2026:
भगवंत मान सरकार ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ अभियान में महत्वपूर्ण योगदान देने वाली ग्राम एवं वार्ड रक्षा समितियों के सदस्यों को सम्मानित किया। सम्मान समारोहों के साथ ही दो सप्ताह तक चलने वाली एक व्यवस्थित कार्रवाई एवं समीक्षा प्रक्रिया भी शुरू की गई है, जिसका समापन 31 अगस्त को मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अध्यक्षता में होने वाली राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक के साथ होगा।
भगवंत मान सरकार की इस पहल को शासन के सभी स्तरों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय दिवसों तथा अन्य महत्वपूर्ण सरकारी अवसरों पर आयोजित होने वाले सभी समारोहों में ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ से संबंधित गतिविधियों को प्रमुखता से शामिल किया जाएगा। इस संबंध में निर्णय 2 अगस्त को मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अध्यक्षता में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह के दौरान लिया गया था।
इस पहल के तहत पूरे पंजाब में ग्राम रक्षा समितियों (वी सी डीज ) और वार्ड रक्षा समितियों (डबलयू डी सीज़ ) के उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले सदस्यों को नशों के खिलाफ पंजाब की लड़ाई में उनके सराहनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन नागरिकों को प्रोत्साहित करने का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा, जो सामुदायिक स्तर पर पंजाब को नशामुक्त राज्य बनाने के लिए सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं।
जिला स्तर पर उपायुक्तों ने विधानसभा समन्वयकों और उप-विधानसभा समन्वयकों को सम्मानित किया, जबकि उपमंडल स्तर पर उपमंडल मजिस्ट्रेटों (एस डी एमज़ ) द्वारा ब्लॉक समन्वयकों को सम्मानित किया गया।
गांव स्तर पर विभिन्न स्कूलों और ग्राम पंचायतों में विशेष समारोह आयोजित किए गए। इन समारोहों में सरपंचों तथा समुदाय के सदस्यों ने नशामुक्त पंजाब के निर्माण की दिशा में उल्लेखनीय प्रयास कर रहे ग्राम रक्षा समितियों के सदस्यों को सम्मानित किया।
राज्य के सभी 23 जिलों के उपायुक्तों को ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने में सक्रिय भागीदारी और उल्लेखनीय योगदान देने वाले योग्य ग्राम एवं वार्ड रक्षा समिति सदस्यों की पहचान करने के निर्देश दिए गए थे।
ये सम्मान समारोह नशा विरोधी अभियान के राज्य नोडल अधिकारी के कार्यालय द्वारा तैयार की गई व्यापक कार्ययोजना का हिस्सा हैं। इसके तहत दो सप्ताह तक चलने वाले विस्तृत अभियान की रूपरेखा तैयार की गई है, जिसका उद्देश्य सामुदायिक स्तर से प्राप्त फीडबैक को नियमित प्रशासनिक एवं पुलिस समीक्षा प्रक्रिया का अभिन्न हिस्सा बनाना है।
16 से 25 अगस्त तक प्रत्येक गांव में ग्राम रक्षा समितियों की बैठकें आयोजित की जाएंगी। इन बैठकों में समितियां नशा तस्करी से संबंधित शिकायतों की समीक्षा करेंगी, पूर्व में प्राप्त शिकायतों पर पुलिस एवं प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई की जानकारी लेंगी, लंबित मामलों की स्थिति पर नजर रखेंगी तथा नए सुझाव और फीडबैक भी देंगी।
इसके बाद यह प्रक्रिया जिला स्तर तक आगे बढ़ेगी। 26 से 29 अगस्त के बीच कैबिनेट मंत्री जिला स्तरीय समीक्षा बैठकों की अध्यक्षता करेंगे। इन बैठकों में प्रशासन एवं पुलिस अधिकारियों के साथ स्वास्थ्य विभाग के प्रतिनिधि तथा जिला, विधानसभा और ब्लॉक स्तर के समन्वयक भी शामिल होंगे। बैठकों के दौरान गांवों से प्राप्त फीडबैक की समीक्षा की जाएगी और आगे की कार्रवाई के लिए आवश्यक निर्णय लिए जाएंगे।
इस पूरी प्रक्रिया का समापन 31 अगस्त को मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अध्यक्षता में होने वाली राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक के साथ होगा। इस बैठक में सरकार द्वारा जिलावार प्रगति की समीक्षा की जाएगी और ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ अभियान के अगले चरण के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
स्वतंत्रता दिवस नशा विरोधी अभियान में अग्रणी भूमिका निभा रहे सामुदायिक सदस्यों को सम्मानित करने के लिए पहला बड़ा मंच बना। इन प्रयासों के माध्यम से सरकार ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ अभियान को केवल प्रशासनिक कार्रवाई तक सीमित रखने के बजाय इसे नशों के खिलाफ एक निरंतर और व्यापक जनआंदोलन का स्वरूप देने की दिशा में आगे बढ़ा रही है।


