चंडीगढ़, 6 मई | रिपोर्ट: प्रियंका ठाकुर
पंजाब पुलिस ने अपराध रोकथाम के साथ-साथ युवाओं को सही दिशा देने के लिए एक अनोखी पहल शुरू की है। पंजाब पुलिस के ‘युवा सांझ’ प्रोग्राम के तहत अब तक 2358 ऐसे युवाओं की पहचान की गई है, जो गैंगस्टर संस्कृति, नशे या ऑनलाइन कट्टरपंथ के प्रभाव में आ सकते थे।
यह पहल गैंगस्टरां ते वार अभियान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसका उद्देश्य केवल अपराधियों पर कार्रवाई करना ही नहीं बल्कि युवाओं को अपराध की राह पर जाने से पहले रोकना भी है।
पुलिस महानिदेशक गौरव यादव ने बताया कि यह रणनीति दो स्तरों पर काम कर रही है—एक तरफ गैंगस्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और दूसरी ओर युवाओं के साथ संवाद और मार्गदर्शन।
इस कार्यक्रम के तहत सोशल मीडिया के जरिए युवाओं की गतिविधियों का विश्लेषण कर 1519 प्रोफाइल तैयार की गई हैं। अब तक 1490 युवाओं को जागरूक किया जा चुका है, जबकि 1109 युवाओं को काउंसलिंग सत्रों में शामिल किया गया है। कुल मिलाकर 1836 युवाओं को जिला स्तर पर काउंसलिंग के दायरे में लाया गया है।
विशेष महानिदेशक (कम्युनिटी अफेयर्स) गुरप्रीत कौर देओ ने बताया कि ‘युवा सांझ’ का मकसद शुरुआती स्तर पर ही जोखिम वाले युवाओं की पहचान कर उन्हें सही दिशा में ले जाना है। उन्होंने कहा कि जहां जरूरत होती है, वहां सख्ती बरती जाती है, लेकिन समय रहते सही मार्गदर्शन देकर युवाओं का भविष्य बदला जा सकता है।
जिला स्तर पर गठित ‘युवा सांझ समितियां’ इस कार्यक्रम को लागू कर रही हैं, जिनमें पुलिस अधिकारियों के साथ मनोवैज्ञानिक, एनजीओ, समाजसेवी और समुदाय के प्रतिनिधि शामिल हैं।
पुलिस द्वारा इन युवाओं के पुनर्वास के लिए स्किल डेवलपमेंट, रोजगार के अवसर और आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराई जा रही है। यह प्रयास पंजाब स्किल डेवलपमेंट मिशन और जिला प्रशासन के सहयोग से किया जा रहा है।
फाजिल्का के एसएसपी गुरमीत सिंह ने बताया कि यह पहल न केवल अपराध दर कम करने में मदद कर रही है, बल्कि युवाओं को गलत रास्ते पर जाने से भी रोक रही है।
पंजाब पुलिस का यह मॉडल देश में अपनी तरह की पहली पहल माना जा रहा है, जो युवाओं को अपराध से दूर रखकर समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में एक मजबूत कदम है।


