श्री आनंदपुर साहिब, 6 मई | रिपोर्ट: प्रियंका ठाकुर
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बेअदबी विरोधी कानून लागू होने के बाद श्री आनंदपुर साहिब से चार दिवसीय ‘शुक्राना यात्रा’ की शुरुआत की। यात्रा शुरू करने से पहले उन्होंने तख्त श्री केसगढ़ साहिब में माथा टेककर अरदास की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह यात्रा परमात्मा का शुक्राना करने के लिए निकाली गई है, जिसने उन्हें बेअदबी के मामलों में सख्त सजा का प्रावधान करने वाला कानून लागू करने का अवसर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब यदि कोई श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी करने की कोशिश करेगा, तो उसे पूरी जिंदगी जेल में बितानी पड़ेगी।
उन्होंने कहा कि यह कानून भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने में अहम भूमिका निभाएगा और दोषियों के लिए कड़ा संदेश है। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पहले की सरकारों ने इस मुद्दे पर गंभीरता नहीं दिखाई, जबकि उनकी सरकार ने सख्त कदम उठाया है।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि बेअदबी की घटनाएं राज्य की शांति और भाईचारे को नुकसान पहुंचाने की साजिश थीं। उन्होंने कहा कि इस कानून का उद्देश्य लोगों की भावनाओं को शांत करना और दोषियों को सख्त सजा देना है।
‘शुक्राना यात्रा’ के तहत मुख्यमंत्री विभिन्न धार्मिक स्थलों पर मत्था टेकेंगे। यह यात्रा 9 मई को श्री फतेहगढ़ साहिब में समाप्त होगी। यात्रा के दौरान श्री अकाल तख्त साहिब, श्री दमदमा साहिब और अन्य गुरुद्वारों में भी अरदास की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वह केवल एक माध्यम हैं और यह सेवा उन्हें गुरु साहिब की कृपा से मिली है। उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक कानून के लिए उन्हें देश-विदेश से सराहना मिल रही है।
इस दौरान कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस और अन्य गणमान्य लोग भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने लोगों का धन्यवाद करते हुए कहा कि इस यात्रा का उद्देश्य शांति, एकता और ‘सर्बत्त के भले’ की भावना को मजबूत करना है।


