By Priyanka Thakur
पंजाब के मंत्री Sanjeev Arora को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई के बाद गुरुग्राम सत्र न्यायालय ने 7 दिन की रिमांड पर भेज दिया है। ईडी ने शनिवार देर रात अदालत में पेशी के दौरान 10 दिन की रिमांड की मांग की थी, लेकिन अदालत ने 7 दिन की हिरासत मंजूर की। अरोड़ा को मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत चल रहे एक मामले में गिरफ्तार किया गया है।
इससे पहले शनिवार सुबह सेक्टर-2 स्थित उनके आवास पर ईडी की टीम ने छापेमारी की थी। बताया जा रहा है कि करीब 20 गाड़ियों में अधिकारी मौके पर पहुंचे थे। पिछले एक महीने में यह दूसरी बड़ी कार्रवाई है। इससे पहले भी एजेंसी ने लुधियाना स्थित उनके कई ठिकानों पर दबिश दी थी।
सूत्रों के मुताबिक, जांच के दौरान ईडी को अरोड़ा से जुड़ी कुछ कंपनियों में गंभीर वित्तीय अनियमितताओं के संकेत मिले हैं। एजेंसी का दावा है कि करीब 157.12 करोड़ रुपये की फर्जी बिक्री दिखाई गई और शेल कंपनियों के माध्यम से कथित तौर पर फर्जी निर्यात का नेटवर्क चलाया गया। जांच एजेंसियों को यह भी शक है कि विदेशी संस्थाओं के जरिए पैसों की राउंड-ट्रिपिंग की गई, जो फेमा नियमों का उल्लंघन हो सकता है।
ईडी ने मामले में कई बैंक खातों को अटैच कर दिया है। इसके अलावा नेटवर्क से जुड़े डीमैट खाते और म्यूचुअल फंड होल्डिंग्स को भी फ्रीज किया गया है। एजेंसी अब पैसों के लेन-देन और विदेशी कनेक्शन की गहराई से जांच कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि यह मामला बड़े वित्तीय नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है।
गुरुग्राम अदालत में पेशी के दौरान ईडी ने कहा कि मामले की तह तक पहुंचने के लिए आरोपी से विस्तृत पूछताछ जरूरी है। एजेंसी का कहना है कि कई दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड अभी जांच के दायरे में हैं। वहीं बचाव पक्ष ने आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया है।
फिलहाल ईडी की जांच जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में कई और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।


