हरियाणा में राष्ट्रीय लोक अदालत सफल, 4.25 लाख मामलों का हुआ निपटारा
By Priyanka Thakur
चंडीगढ़: हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (हालसा) की ओर से राज्यभर में राष्ट्रीय लोक अदालत का सफल आयोजन किया गया। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के न्यायाधीश और हालसा के कार्यकारी अध्यक्ष Justice Deepak Sibal के नेतृत्व में आयोजित इस लोक अदालत में हरियाणा के सभी 22 जिलों और 38 उपमंडलों में मामलों की सुनवाई की गई।
राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान कुल 4,25,746 मामलों का निपटारा किया गया। इसके लिए राज्यभर में 182 पीठों का गठन किया गया था। अदालतों में दिवानी विवाद, वैवाहिक मामले, बैंक रिकवरी, मोटर दुर्घटना क्लेम, चेक बाउंस, वाहन चालान और अन्य समझौतायोग्य मामलों का समाधान आपसी सहमति से कराया गया।
लोक अदालत के दौरान एक भावुक मामला पंचकूला कोर्ट में सामने आया, जहां वरिष्ठ नागरिक माता-पिता ने अपने बेटों के खिलाफ भरण-पोषण याचिका दायर की थी। सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया। एक बेटे ने माता-पिता को हर महीने 11 हजार रुपये देने पर सहमति जताई, जबकि दूसरे बेटे ने 9 हजार रुपये मासिक सहायता देने का फैसला किया। इसके बाद माता-पिता ने अपनी याचिका वापस ले ली। इस मामले को पारिवारिक सौहार्द और संवाद का बेहतरीन उदाहरण माना गया।
इसके अलावा फरीदाबाद जिला न्यायपालिका और स्थानीय बार एसोसिएशन के बीच हाल ही में पैदा हुए विवाद को भी लोक अदालत में सुलझा लिया गया। बातचीत और समझौते के जरिए दोनों पक्षों ने मामले को समाप्त किया और न्यायपालिका तथा वकीलों के बीच फिर से सौहार्दपूर्ण संबंध बहाल हुए।
न्यायमूर्ति दीपक सिबल ने लोक अदालत की कार्यवाही की लगातार समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि लोगों को त्वरित, सस्ता और सरल न्याय उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि लोक अदालतें न्यायिक प्रणाली में जनता के विश्वास को मजबूत करने का प्रभावी माध्यम बन रही हैं।
हालसा की ओर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पूरे राज्य में कार्यवाही की निगरानी की गई। लोक अदालत में कुल 1,08,98,47,338 रुपये की राशि का निपटारा और वितरण भी किया गया।
हरियाणा में आयोजित इस राष्ट्रीय लोक अदालत ने एक बार फिर साबित किया कि आपसी सहमति और संवाद के जरिए विवादों का समाधान तेज और प्रभावी तरीके से संभव है।


