जेलों में हिंसा पर सख्त पंजाब सरकार, लापरवाही पर तय होगी जेल सुपरिंटेंडेंट की जिम्मेदारी
By Priyanka Thakur
चंडीगढ़: पंजाब सरकार ने जेलों में सुरक्षा और अनुशासन को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि भविष्य में किसी भी जेल में हिंसक घटना, सुरक्षा में चूक या प्रशासनिक लापरवाही सामने आने पर संबंधित जेल सुपरिंटेंडेंट की जिम्मेदारी तय की जाएगी। ड्यूटी में कोताही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जाएगी।
पंजाब के जेल मंत्री डॉ. रवजोत सिंह ने सोमवार को पंजाब भवन में आयोजित उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान यह निर्देश जारी किए। बैठक में पंजाब की सभी जेलों के सुपरिंटेंडेंट और वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार जेलों में सुरक्षित, अनुशासित और सुधारात्मक वातावरण सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
बैठक के दौरान जेल सुरक्षा, प्रशासनिक व्यवस्था, कैदियों की भलाई और विभागीय कार्यप्रणाली से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। डॉ. रवजोत सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपनी कार्यक्षमता का लगातार मूल्यांकन करें, कमजोरियों की पहचान कर उन्हें दूर करें और उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करें।
उन्होंने कहा कि एक जिम्मेदार अधिकारी वही होता है जो सीमित संसाधनों में भी पूरी ईमानदारी, निष्ठा और पेशेवर तरीके से अपनी ड्यूटी निभाए। जेल मंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जेलों के अंदर किसी भी प्रकार की हिंसा, अनुशासनहीनता या गैर-कानूनी गतिविधि को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
डॉ. रवजोत सिंह ने कहा कि जेलों का उद्देश्य केवल कैदियों को हिरासत में रखना नहीं है, बल्कि उनके सुधार, पुनर्वास और समाज की मुख्यधारा में दोबारा शामिल करने के लिए सकारात्मक माहौल तैयार करना भी है। उन्होंने जेल प्रशासन को कैदियों के लिए शिक्षा, कौशल विकास, स्वास्थ्य सुविधाएं और मनोवैज्ञानिक सहायता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान जेल विभाग के अधिकारियों ने स्वास्थ्य सेवाओं, भोजन प्रबंधन, स्टाफ भर्ती, बुनियादी ढांचे के विकास और कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों पर भी प्रस्तुति दी। सरकार जेल प्रबंधन को आधुनिक और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है।
इस अवसर पर जेल विभाग के सचिव मोहम्मद तईब, एडीजीपी जेल आर.के. जायसवाल समेत पंजाब की सभी जेलों के सुपरिंटेंडेंट और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।


