भाखड़ा बांध पूरी तरह सुरक्षित, अफवाहों पर ध्यान न दें: बरिंदर कुमार गोयल
चंडीगढ़, 6 अगस्त: पंजाब के जल संसाधन एवं खनन तथा भू-विज्ञान मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने भाखड़ा बांध की सुरक्षा को लेकर फैल रही अफवाहों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि बांध पूरी तरह सुरक्षित है और लोगों को किसी भी तरह की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हाल के दिनों में सामने आई कुछ भ्रामक रिपोर्टों के कारण लोगों में अनावश्यक भय का माहौल बनाया गया, जबकि वास्तविकता इससे बिल्कुल अलग है।
पंजाब विधानसभा में शून्यकाल के दौरान बोलते हुए मंत्री ने कहा कि भाखड़ा बांध विश्व के उत्कृष्ट इंजीनियरिंग नमूनों में से एक है। उन्होंने बताया कि बांध का डिजाइन इस प्रकार तैयार किया गया है कि पानी का दबाव बढ़ने पर इसमें मामूली झुकाव आता है और दबाव कम होने पर यह स्वतः अपनी सामान्य स्थिति में लौट आता है। उनके अनुसार 1.03 इंच का झुकाव इंजीनियरिंग मानकों के अनुरूप है और वर्ष 1995 से 2025 के बीच ऐसी स्थिति 15 बार दर्ज की जा चुकी है। हर बार बांध पूरी तरह सुरक्षित रहा।
बरिंदर कुमार गोयल ने कहा कि वर्ष 2025 में दर्ज हुई हालिया गतिविधि भी बांध के सामान्य संरचनात्मक व्यवहार का हिस्सा थी और इसे किसी खतरे के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बांध में जमा गाद उसकी दीवार से लगभग 12 किलोमीटर ऊपर स्थित है और इसका संरचनात्मक सुरक्षा से कोई संबंध नहीं है। हालांकि लगभग 26 प्रतिशत सिल्ट जमा होने से जल भंडारण क्षमता प्रभावित हुई है, लेकिन इससे बांध की मजबूती पर कोई असर नहीं पड़ा है। उन्होंने बताया कि डी-सिल्टिंग की जिम्मेदारी भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) और केंद्र सरकार की है तथा पंजाब सरकार इस मुद्दे को लगातार उठा रही है।
खनन क्षेत्र की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए मंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार के सुधारों के कारण राज्य का खनन राजस्व लगभग 120 करोड़ रुपये से बढ़कर चालू वित्तीय वर्ष में 825 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। उन्होंने बताया कि खनन सुधारों के लिए पंजाब को केंद्र सरकार की ओर से राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम स्थान और 200 करोड़ रुपये का प्रशंसा पुरस्कार भी मिला है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने अवैध खनन के खिलाफ शून्य-सहिष्णुता नीति अपनाई है और शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाती है। साथ ही पोटाश, सोना और तेल जैसे खनिज संसाधनों की खोज को भी तेज किया गया है। उन्होंने बताया कि पोटाश की विस्तृत खोज के लिए केंद्र सरकार ने लगभग 19 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं, जबकि पंजाब के कई क्षेत्रों में सोने और हाइड्रोकार्बन भंडारों के वैज्ञानिक सर्वेक्षण भी जारी हैं। उनका कहना था कि इन प्रयासों से भविष्य में राज्य की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।


