हरजोत सिंह बैंस ने पेश किया पंजाब शिक्षा का साढ़े चार साल का रिपोर्ट कार्ड, 2,300 करोड़ के निवेश का दावा
चंडीगढ़, 18 अगस्त 2026: पंजाब के स्कूल शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने भगवंत मान सरकार के साढ़े चार साल के कार्यकाल में शिक्षा क्षेत्र में किए गए कामों का रिपोर्ट कार्ड पेश किया। पंजाब भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बैंस ने दावा किया कि सरकार ने स्कूली बुनियादी ढांचे पर 2,300 करोड़ रुपये का निवेश किया है, जिससे सरकारी स्कूलों की तस्वीर में बड़ा बदलाव आया है।
हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि 2022 से अब तक 3.64 लाख विद्यार्थी निजी स्कूलों से निकलकर सरकारी स्कूलों में दाखिल हुए हैं। उन्होंने इसे सरकारी स्कूलों के प्रति अभिभावकों के बढ़ते भरोसे का संकेत बताया। मंत्री के अनुसार सरकार ने 9,000 से अधिक नए क्लासरूम और लैब तैयार किए हैं, जबकि 13,920 नए शौचालय बनाए गए हैं। विद्यार्थियों को फर्श पर बैठने से बचाने के लिए 2 लाख बेंच उपलब्ध करवाए गए हैं।
उन्होंने बताया कि सरकारी स्कूलों में 10,000 से अधिक इंटरैक्टिव पैनल लगाए गए हैं और 5,012 स्कूलों को एडवांस्ड कंप्यूटर लैब से अपग्रेड किया गया है। उनके अनुसार पंजाब के सभी सरकारी स्कूलों को वाई-फाई सुविधा से जोड़ा गया है, जबकि 99.9 प्रतिशत स्कूलों में चारदीवारी उपलब्ध है।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकारी स्कूलों में अब स्विमिंग पूल, शूटिंग रेंज, बास्केटबॉल और टेनिस कोर्ट, कबड्डी मैट, कुश्ती और बॉक्सिंग रिंग जैसी खेल सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। शिक्षकों की क्षमता बढ़ाने के लिए प्रिंसिपलों, प्राथमिक शिक्षकों और मुख्य अध्यापकों को सिंगापुर, फिनलैंड और आईआईएम अहमदाबाद में प्रशिक्षण दिलाया गया है।
शैक्षणिक उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बैंस ने कहा कि पिछले चार वर्षों में सरकारी स्कूलों के 786 विद्यार्थियों ने जेईई और 2,166 विद्यार्थियों ने नीट परीक्षा पास की। उनके अनुसार सरकारी स्कूलों से नीट-यूजी पास करने वाले विद्यार्थियों की संख्या 2021 में 80 से बढ़कर 2026 में 882 हो गई है। उन्होंने बताया कि 2026 में 361 विद्यार्थियों ने जेईई मेन्स और 64 विद्यार्थियों ने जेईई एडवांस्ड पास किया।
बैंस ने दावा किया कि नीति आयोग की 2026-27 रिपोर्ट में पंजाब स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में केरल को पीछे छोड़कर अग्रणी बना है। उन्होंने बताया कि पंजाब पहली से 12वीं कक्षा तक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को मुख्य विषय के रूप में लागू करने वाला पहला राज्य बना है।
उन्होंने कहा कि बिजनेस ब्लास्टर्स कार्यक्रम से 2.30 लाख विद्यार्थियों को व्यावसायिक अनुभव मिला और सरकार ने सीड मनी के तौर पर 29 करोड़ रुपये उपलब्ध करवाए। इसके अलावा स्कूल छोड़ने वाले विद्यार्थियों को शिक्षा से जोड़ने के लिए 40 विशेष स्किल एजुकेशन स्कूल शुरू किए गए हैं।
हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि निजी स्कूलों की वार्षिक फीस वृद्धि को अधिकतम 5 प्रतिशत तक सीमित किया गया है। सरकारी स्कूलों के 15,000 से अधिक विद्यार्थियों को रोजाना मुफ्त बस सेवा का लाभ मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य अगले दो वर्षों में पंजाब के सरकारी स्कूलों को ऐसा बनाना है जहां किसी भी बुनियादी सुविधा की कमी न हो। बैंस के अनुसार वह अब तक व्यक्तिगत रूप से 2,000 से अधिक स्कूलों का दौरा कर चुके हैं और शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने का काम लगातार जारी है।
News Written By: Priyanka Thakur


