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युवा शक्ति के संकल्प से नशामुक्त बनेगा हरियाणा: श्री नायब सिंह सैनी

युवा शक्ति के संकल्प से नशामुक्त बनेगा हरियाणा: श्री नायब सिंह सैनी

रेवाड़ी मैराथन में ‘नशा मुक्त हरियाणा-खेल युक्त हरियाणा’ थीम पर दौड़े 50 हजार से अधिक नागरिक, मैराथन को मुख्यमंत्री  ने दिखाई हरी झंडी

 

नशे की समस्या को राजनीतिक नहीं, युवाओं और परिवारों के भविष्य से जोड़कर देख रही हरियाणा सरकार: मुख्यमंत्री

 

मुख्यमंत्री ने नशे के खिलाफ जनजागरूकता बढ़ाने में युवाओं से मांगा सहयोग, मुख्यमंत्री ने पुष्प वर्षा कर 50 हजार से अधिक धावकों का बढ़ाया उत्साह

 

फ्लैग ऑफ मंच तथा मैराथन ट्रैक पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बढ़ाया युवाओं का जोश

 

मुख्यमंत्री ने विजेताओं को नगद पुरस्कार से किया सम्मानित

चंडीगढ़, 6 सितंबर- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा की युवा शक्ति ने नशे के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ने का संकल्प लिया है और युवाओं का यही जोश प्रदेश को नशामुक्त बनाने के अभियान को नई दिशा देगा। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार ने नशे की चुनौती से निपटने के लिए कार्रवाई, जागरूकता, उपचार और पुनर्वास पर मजबूत व्यवस्था तैयार की है।

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी रविवार को रेवाड़ी में ‘नशा मुक्त हरियाणा-खेल युक्त हरियाणा’ के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने तथा युवाओं को खेलों से जोड़कर नशे के खिलाफ मजबूत सामाजिक माहौल तैयार करने के उद्देश्य से आयोजित हाफ मैराथन को बतौर मुख्यातिथि संबोधित कर रहे थे। ‘नशे से जंग-रेवाड़ी के संग’ थीम पर आयोजित इस भव्य मैराथन में रेवाड़ी के विधायक श्री लक्ष्मण यादव, बावल के विधायक डॉ. कृष्ण कुमार, कोसली के विधायक श्री अनिल यादव तथा नलवा के विधायक श्री रणधीर पनिहार, श्री पंकज नैन, मैराथन की ब्रांड एंबेसडर राष्ट्रमंडल खेल 2026 में पैरा एथलेटिक्स स्वर्ण पदक विजेता शर्मिला धनखड़ सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।

नशे की समस्या को राजनीतिक नहीं, युवाओं और परिवारों के भविष्य से जोड़कर देख रही हरियाणा सरकार: मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने मैराथन को फ्लैग ऑफ करने से पूर्व अपने संबोधन में कहा कि रेवाड़ी जैसी वीरता, परिश्रम और राष्ट्रभक्ति की धरती पर नशे जैसी सामाजिक बुराई के लिए कोई स्थान नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि नशे की समस्या अचानक पैदा नहीं हुई, बल्कि लंबे समय से चली आ रही चुनौती है, जिस पर पहले गंभीरता से ध्यान नहीं दिया गया। पिछले 12 वर्षों में हरियाणा सरकार ने इस समस्या को राजनीतिक चश्मे से नहीं, बल्कि हरियाणा के परिवारों और युवाओं के भविष्य से जोड़कर देखा है। सरकार नशे के खिलाफ प्रभावी एवं ठोस कदम उठाते हुए युवाओं को सुरक्षित और सकारात्मक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नशामुक्त युवा ही खुशहाल परिवार की आधारशिला है, हुनरमंद युवा ही समृद्ध हरियाणा का निर्माण करेगा और संकल्पवान युवा ही विकसित एवं आत्मनिर्भर भारत की ताकत बनेगा।

मुख्यमंत्री ने नशे के खिलाफ जनजागरूकता बढ़ाने में युवाओं से मांगा सहयोग:

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने युवाओं से नशे के खिलाफ जन जागरूकता अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान करते हुए कहा कि यदि उनके आसपास कोई व्यक्ति नशे की बिक्री या ड्रग पैडलिंग जैसी गतिविधियों में संलिप्त है, तो वे चुप न रहें। उनकी एक सूचना किसी परिवार के चिराग को बुझने से बचा सकती है। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक युवा कम से कम 10 अन्य युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने की जिम्मेदारी ले, तो यह संकल्प शीघ्र ही एक विराट जन आंदोलन का रूप ले सकता है। उन्होंने बताया कि नशा पीड़ितों की सहायता तथा ड्रग पैडलिंग की गतिविधियों की सूचना देने के लिए टोल-फ्री एंटी-ड्रग हेल्पलाइन नंबर 9050891508 शुरू किया गया है। इसके अलावा नशीले पदार्थों से संबंधित शिकायतें ‘मानस’ पोर्टल और हेल्पलाइन नंबर 1933 के माध्यम से भी दर्ज कराई जा सकती हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है, इसलिए नागरिक बिना किसी भय के नशे के खिलाफ इस अभियान में अपनी जिम्मेदारी निभाएं। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर उपस्थित जन को नशे के खिलाफ जारी अभियान में सहभागिता की शपथ भी दिलाई।

मुख्यमंत्री ने पुष्प वर्षा कर 50 हजार से अधिक धावकों का बढ़ाया उत्साह:

हाफ मैराथन के दौरान मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने फ्लैग ऑफ मचान से 50 हजार से अधिक धावकों व अन्य प्रतिभागियों पर पुष्प वर्षा कर उनका उत्साह बढ़ाया। वहीं, मैराथन ट्रैक पर ड्रोन के माध्यम से भी 50 हजार से अधिक धावकों पर पुष्प वर्षा की गई। मुख्यमंत्री द्वारा किए गए इस आत्मीय स्वागत से धावकों में जोश और उमंग का माहौल बना रहा। आसमान से बरसते फूलों और जोश के साथ दौड़ का दृश्य आयोजन के प्रमुख आकर्षणों में शामिल रहा। पुष्प वर्षा के बीच धावकों ने भी उत्साहपूर्वक मुख्यमंत्री का अभिवादन किया और पूरे जोश के साथ मैराथन में भाग लिया।

मुख्यमंत्री ने मैराथन ट्रैक पर पहुंचकर धावकों का किया उत्साहवर्धन:

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी फन रन में शामिल हजारों धावकों को फ्लैग ऑफ करने के बाद स्वयं मैराथन ट्रैक पर पहुंचे और धावकों के साथ दौड़ लगाते हुए उनका उत्साहवर्धन किया। मुख्यमंत्री को अपने बीच दौड़ता देखकर धावकों में खासा जोश और उत्साह देखने को मिला। इस दौरान मुख्यमंत्री ने मैराथन में भाग ले रहे प्रतिभागियों का हाथ हिलाकर अभिवादन किया और उनका हौसला बढ़ाया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने मैराथन ट्रैक के साथ ग्रीनबेल्ट में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बढ़ाया युवाओं का जोश:

मैराथन के दौरान फ्लैग ऑफ मंच से लेकर मैराथन ट्रैक तक विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र रहीं। फ्लैग ऑफ मंच पर गायक नवीन पुनिया एवं सत्यन लांबा की प्रस्तुतियों ने माहौल में जोश और उमंग भरा। वहीं, मैराथन ट्रैक पर बनाए गए विभिन्न कल्चरल पॉइंट्स पर जिला के विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति से धावकों में जोश भरने का कार्य किया। इसके साथ सैंड आर्ट और नशामुक्त हरियाणा का संदेश देते हुई प्रदर्शनियों ने जागरूकता का संदेश दिया।

मुख्यमंत्री ने विजेताओं को नगद पुरस्कार से किया सम्मानित:

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने रिकार्ड भागेदारी के साथ संपन्न हुई  रेवाड़ी मैराथन के विजेता प्रतियोगियों को राव तुलाराम स्टेडियम के सामने बने मंच पर नकद पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। सुबह 6 बजे आरंभ हुई 10 किलोमीटर की हाफ मैराथन के पुरुष वर्ग में मोनू कुमार ने पहला स्थान हासिल कर दौड़ अपने नाम की। रेस में दूसरे नंबर पर धर्मेंद्र रहे तथा तीसरा पुरस्कार रामसंगरुप ने जीता। इसी मैराथन के महिला वर्ग में सरिता पाल पहले स्थान पर रही। दूसरा पुरस्कार सोनिका व तृतीय पुरस्कार नीता रानी ने मुख्यमंत्री के हाथों प्राप्त किया।

सुबह 7 बजे शुरू हुई 5 किलोमीटर की मैराथन में यश को पुरुष वर्ग में प्रथम पुरस्कार मिला। इसी दौड़ में पंकज ने द्वितीय तथा शंकरदयाल ने तृतीय पुरस्कार प्राप्त किया। महिला वर्ग में पूजा सबसे आगे रही। दूसरे स्थान पर सोनिया व तीसरे स्थान पर नीलम ने बाजी मारी। मुख्यमंत्री ने 10 किलोमीटर के प्रथम तीन विजेताओं को क्रमशः एक लाख, 50 हजार व 21 हजार रुपए का चेक व प्रशस्ति पत्र प्रदान कर पुरस्कृत किया। इसी प्रकार 5 किलोमीटर के पहले तीन स्थान हासिल करने वाले धावकों को 5100, 3100 व 2100 रुपए की प्रोत्साहन राशि दी गई।  पैरा एथलीट शर्मिला धनखड़ को भी सम्मानित किया गया ।

क्रमांक 2026

*जेलों की सुरक्षा से समझौता नहीं, आधुनिक तकनीक से मजबूत होगी पहरेदारी :

डॉ. अरविंद शर्मा*

 

 अंबाला में कामयाब हुई ‘फोनबंदी’ तकनीक, अब प्रदेश की जेलों में हाईटेक पहरेदारी

 

 जैमर के बजाय टावर आधारित प्रणाली से अवैध मोबाइल पर शिकंजा

 

 पायलट प्रोजेक्ट के सकारात्मक नतीजों के बाद अन्य जेलों में विस्तार की तैयारी

चंडीगढ़, 6 सितंबर- हरियाणा के सहकारिता, पर्यटन, कारागार एवं निर्वाचन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि प्रदेश की जेलों को सुरक्षित और आधुनिक बनाने के लिए तकनीक का अधिकतम इस्तेमाल किया जा रहा है। अंबाला जेल में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू की गई टावर हार्मोनिक्स कॉल ब्लॉकिंग प्रणाली ने अवैध मोबाइल फोन के जरिए कॉल और इंटरनेट के इस्तेमाल पर प्रभावी रोक लगाने में सफलता हासिल की है। इसके सकारात्मक परिणामों के बाद अब प्रदेश की अन्य जेलों में भी इस तकनीक को लागू करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि जेलों के भीतर अवैध मोबाइल फोन का इस्तेमाल रोकना विभाग की प्राथमिकता है। मोबाइल फोन बरामद करने के साथ-साथ उसके इस्तेमाल की संभावना को ही समाप्त करना अधिक प्रभावी उपाय है। इसी उद्देश्य से आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है और जेलों की सुरक्षा से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा।

 

 जैमर के बजाय टावर आधारित प्रणाली

इस तकनीक की खासियत यह है कि इसके लिए पारंपरिक मोबाइल जैमर लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ती। जेल परिसर में विशेष टावर लगाए जाते हैं, जिनके माध्यम से वहां मौजूद मोबाइल फोन को लक्षित तरीके से नियंत्रित किया जाता है। इससे जेल परिसर में मोबाइल नेटवर्क को पूरी तरह बाधित किए बिना अवैध फोन के इस्तेमाल पर रोक लगाई जा सकती है।

 अंबाला में सफल प्रयोग के बाद अन्य जेलों में विस्तार

जेल विभाग ने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से अंबाला जेल को इस तकनीक के पायलट प्रोजेक्ट के लिए चुना था। यहां प्रणाली की कार्यप्रणाली, नेटवर्क कवरेज और अवैध मोबाइल के इस्तेमाल को रोकने की क्षमता का परीक्षण किया गया। पायलट प्रोजेक्ट के संतोषजनक परिणामों के बाद अब प्रदेश की अन्य जेलों में भी इसे लागू करने पर विचार किया जा रहा है।

टावर आधारित प्रणाली के माध्यम से जेल परिसर में मौजूद अवैध मोबाइल फोन की कॉल और इंटरनेट सेवाओं को नियंत्रित किया जा सकता है। इससे जेल से बाहर होने वाले अनधिकृत संपर्क पर अंकुश लगाने में जेल प्रशासन को मदद मिलेगी। खास तौर पर उन परिस्थितियों में यह व्यवस्था महत्वपूर्ण साबित हो सकती है, जहां बंदी जेल के भीतर से बाहरी लोगों से संपर्क करने का प्रयास करते हैं।

हरियाणा जेल विभाग पारंपरिक तलाशी और निगरानी व्यवस्था के साथ आधुनिक तकनीक को जोड़कर जेलों की सुरक्षा को और मजबूत करने पर जोर दे रहा है। अंबाला में सफल प्रयोग के बाद अन्य जेलों में इस प्रणाली की आवश्यकता और तकनीकी परिस्थितियों का आकलन कर इसके विस्तार की दिशा में आगे की कार्रवाई की जाएगी

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