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पंजाब के 3,763 एससी बहुल गांवों के विकास पर खर्च होंगे 750 करोड़ से अधिक: मुख्यमंत्री भगवंत मान

पंजाब के 3,763 एससी बहुल गांवों के विकास पर खर्च होंगे 750 करोड़ से अधिक: मुख्यमंत्री भगवंत मान

चंडीगढ़, 24 सितंबर 2026: पंजाब सरकार ने अनुसूचित जाति (एससी) बहुल गांवों के सर्वांगीण विकास के लिए बड़ी पहल की है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने राज्य के 3,763 ऐसे गांवों के विकास के लिए 750 करोड़ रुपये से अधिक की व्यापक परियोजना की घोषणा की है, जहां एससी आबादी 40 प्रतिशत से अधिक है।

सामाजिक न्याय, अधिकारिता और अल्पसंख्यक विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना का उद्देश्य इन गांवों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के साथ-साथ सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक गांव को शुरुआती तौर पर बिना किसी शर्त के 20 लाख रुपये का फंड जारी किया जाएगा। जरूरत और फंड के सही इस्तेमाल के आकलन के बाद इस राशि में बढ़ोतरी भी की जा सकेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक गांव के लिए विशेष गांव विकास योजना (वीडीपी) तैयार की जाएगी। डिप्टी कमिश्नर गांवों की स्थानीय जरूरतों की पहचान कर प्राथमिकता के आधार पर विकास कार्य करवाएंगे। सामाजिक न्याय, अधिकारिता और अल्पसंख्यक विभाग इस पूरी योजना के लिए नोडल विभाग के तौर पर काम करेगा, जबकि ग्रामीण विकास और बागवानी विभाग आवश्यक सहयोग देंगे।

सरकार के अनुसार, इन फंडों का इस्तेमाल आरओ सिस्टम, स्कूलों में नए कमरे, लाइब्रेरी, एंबुलेंस, मोहल्ला क्लिनिक, सोलर स्ट्रीट लाइट और अन्य जरूरी बुनियादी ढांचे के विकास के लिए किया जा सकेगा।

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आर्थिक सशक्तिकरण पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि रोजगार पैदा करने और लोगों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए योग्य लाभार्थियों को 50 हजार रुपये की ग्रांट-इन-एड दी जाएगी। इसका इस्तेमाल आय पैदा करने वाली गतिविधियां शुरू करने या मौजूदा काम का विस्तार करने के लिए किया जा सकेगा।

पोस्ट-मैट्रिक स्कॉलरशिप योजना की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने बताया कि 97 प्रतिशत अदायगी पहले ही की जा चुकी है। उन्होंने अधिकारियों को बाकी भुगतान भी बिना अनावश्यक देरी के जारी करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सामाजिक न्याय केवल कल्याण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सम्मान, अवसर और सशक्तिकरण से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि पंजाब की तरक्की तभी संभव है, जब हर गांव और हर समुदाय को विकास के समान अवसर मिलें।

बैठक में मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव डॉ. रवि भगत सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

News written by Priyanka Thakur

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