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एशियन गेम्स में भारतीय पुरुष कबड्डी टीम ने जीता स्वर्ण पदक, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने दी बधाई

एशियन गेम्स में भारतीय पुरुष कबड्डी टीम ने जीता स्वर्ण पदक, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने दी बधाई

 

हरियाणा के 8 खिलाड़ियों ने रचा इतिहास, मुख्यमंत्री बोले-“खिलाड़ियों ने पूरी दुनिया में देश और प्रदेश का सिर गर्व से ऊंचा किया”

चंडीगढ़, 26 सितंबर-जापान के आइची-नागोया में आयोजित एशियन गेम्स 2026 में भारतीय पुरुष कबड्डी टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया है। रोमांचक फ़ाइनल मुक़ाबले में भारतीय टीम ने ईरान को पराजित कर यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की।

इस स्वर्णिम जीत में हरियाणा का विशेष योगदान रहा है, क्योंकि स्वर्ण पदक विजेता भारतीय पुरुष कबड्डी टीम में प्रदेश के 8 प्रतिभावान खिलाड़ी शामिल हैं। हरियाणा की माटी से जुड़े इन खिलाड़ियों ने अपने उत्कृष्ट खेल, क्षमता और अनुशासन के बल पर विश्व स्तर पर देश और प्रदेश का मान बढ़ाया है।

हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने भारतीय कबड्डी टीम और विशेष रूप से राज्य के खिलाड़ियों को इस ऐतिहासिक जीत पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय खिलाड़ियों ने अपनी ताकत, अद्भुत कौशल और अटूट टीम भावना का परिचय देकर पूरे देश को गौरवान्वित किया है।

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि एशियन गेम्स में हरियाणा के युवाओं का यह शानदार प्रदर्शन प्रदेश की प्रभावी व प्रोत्साहनकारी खेल नीति और खिलाड़ियों की दिन-रात की कड़ी मेहनत का परिणाम है। उन्होंने सभी खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए दोहराया कि राज्य सरकार पदक विजेताओं को प्रोत्साहित करने, उन्हें उत्कृष्ट खेल सुविधाएं और हर संभव सहयोग प्रदान करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

 

क्रमांक— 2026

 

रक्तदान मानव सेवा का श्रेष्ठ माध्यम : खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम

 

50 रक्तमित्रों ने किया स्वैच्छिक रक्तदान, करीब 150 लोगों की हुई नि:शुल्क नेत्र जांच

 

चंडीगढ़, 26 सितंबर – हरियाणा के खेल और युवा सशक्तिकरण राज्य मंत्री श्री गौरव गौतम ने कहा कि रक्तदान केवल सामाजिक कार्य ही नहीं, बल्कि जरूरतमंद व्यक्ति के जीवन को बचाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। स्वैच्छिक रक्तदान की भावना को जन-जन तक पहुंचाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि ‘सेवा ही सर्वोपरि’ के संकल्प के साथ रक्तदान, नेत्रदान एवं स्वास्थ्य जागरूकता के क्षेत्र में निरंतर सेवा कार्य किए जा रहे हैं। ऐसे शिविरों के माध्यम से लोगों को रक्तदान एवं नेत्रदान के लिए प्रेरित करने के साथ-साथ जरूरतमंदों तक सेवा पहुंचाने का सराहनीय प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कुल 50 रक्तदाताओं ने स्वेच्छा से रक्तदान किया, जबकि लगभग 150 लोगों ने मुफ़्त नेत्र जांच करवाई।

 

श्री गौरव गौतम शनिवार को पलवल के टैगोर शिक्षा निकेतन में ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत आयोजित स्वैच्छिक रक्तदान और मुफ़्त नेत्र जांच शिविर में बोल रहे थे।

 

खेल मंत्री ने युवाओं और आम जनता से रक्तदान जैसी सेवा गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने का आह्वान किया और कहा कि लोगों में स्वैच्छिक रक्तदान की भावना को बढ़ावा देना समय की ज़रूरत है। उन्होंने कहा कि स्कूलों में इस तरह के सेवा और कल्याणकारी कार्यक्रम छात्रों में सामाजिक ज़िम्मेदारी और मानवता की भावना जगाने में भी मदद करते हैं। उन्होंने सभी रक्तदाताओं, नेत्र जांच कराने वाले नागरिकों, मेडिकल टीम और शिविर के आयोजन से जुड़े सभी लोगों का आभार व्यक्त किया।

 

क्रमांक— 2026

बच्चों के सपनों में दिख रहा विकसित भारत का संकल्प, 2047 से पहले लक्ष्य हासिल करने का भरोसा – शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा

सेवा केवल कार्य नहीं, समाज के प्रति संवेदना और संकल्प का भाव है

 

चंडीगढ़, 26 सितंबर- हरियाणा के शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने कहा कि सेवा परमो धर्म है और समाज में जागृति लाने के लिए सेवा की भावना, संवेदना और संकल्प को मजबूत करना जरूरी है। ‘मेरे सपनों का भारत-चित्र सेवा’ जिला स्तरीय कार्यक्रम बच्चों की कल्पनाओं, संवेदनाओं और विकसित भारत के प्रति उनके संकल्प को दर्शाता है। बच्चों की सोच और प्रतिभा को देखकर लगता है कि वर्ष 2047 के विकसित भारत के लक्ष्य को निर्धारित समय से पहले ही हासिल करने की दिशा में देश आगे बढ़ेगा।

 

शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा शनिवार को पानीपत के आर्य पीजी कॉलेज के सभागार में आयोजित ‘मेरे सपनों का भारत-चित्र सेवा’ जिला स्तरीय कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन से हुई। शिक्षा मंत्री ने शिक्षा विभाग की ओर से लगाई गई पोस्टर मेकिंग प्रदर्शनी का अवलोकन किया और विद्यार्थियों द्वारा बनाए गए चित्रों व पोस्टरों की सराहना की। इस मौके पर उपायुक्त डॉ हरीश कुमार वशिष्ठ ने बच्चों की सोच और प्रतिभा की सराहना की।

 

मंत्री ने कहा कि देश के सामने अनेक चुनौतियां हैं, लेकिन केवल नीतियां बनाने से इनका समाधान नहीं होगा, इसके लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति का संकल्प और सक्रिय भागीदारी जरूरी है।

 

मंत्री ने कहा कि भारत में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। आज के बच्चे जिस आत्मविश्वास और सोच के साथ विकसित भारत की कल्पना कर रहे हैं, उससे देश के उज्ज्वल भविष्य की तस्वीर दिखाई देती है।

 

भारत को विश्व का अग्रणी राष्ट्र बनाने का संकल्प केवल भाषणों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उसे अपने व्यवहार और कार्यों में भी उतारना होगा। बच्चों से देश को बहुत आशाएं हैं और शिक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए निरंतर काम करने की आवश्यकता है।

 

उन्होंने कहा कि शिक्षा के माध्यम से बच्चों में ज्ञान के साथ-साथ संस्कार, संवेदना, जिम्मेदारी और राष्ट्र के प्रति कर्तव्य की भावना विकसित करनी होगी।

इस मौके पर जिला शिक्षा अधिकारी राकेश बूरा ने बताया कि जिले के करीब 900 स्कूलों में ‘मेरे सपनों का भारत’ कार्यक्रम आयोजित किए गए। इनमें पोस्टर मेकिंग और भाषण प्रतियोगिताएं करवाई गईं, जिनमें करीब 30 हजार विद्यार्थियों ने भाग लिया।

 

इस अवसर पर  मेयर कोमल सैनी,  एसडीएम मनदीप कुमार, मार्केट कमेटी चेयरमैन अवतार शास्त्री, पार्षद संजीव दहिया  सहित विभिन्न स्कूलों से आए विद्यार्थी और अध्यापक मौजूद रहे।

क्रमांक-2026

*हरियाणा के राज्यपाल ने वित्तीय संस्थानों से ग्रामीण महिला उद्यमियों तक पहुँच बढ़ाने का किया आह्वान*

 

*‘विमेंस इंटरनेशनल समिट ऑन एंटरप्रेन्योरशिप 2026’ के समापन सत्र को किया संबोधित*

 

*ग्रामीण महिला उद्यमियों के उत्पादों को बाजार तक भी मिले बेहतर पहुंच – राज्यपाल*

 

चंडीगढ़, 26 सितंबर – हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने  वित्तीय संस्थानों से आग्रह  करते हुए कहा  कि वे ऋण  की प्रक्रियाओं को आसान बनाकर, गारंटी (कोलेटरल) की ज़रूरतों को कम करके और हर स्वयं-सहायता समूह  व सूक्ष्म-उद्यम को राष्ट्र-निर्माण में भागीदार मानकर ग्रामीण महिला उद्यमियों तक अपनी पहुँच मज़बूत करें।

 

राज्यपाल आज चंडीगढ़ में कॉन्फेडरेशन ऑफ वुमन एंटरप्रेन्योर्स  (COWE) इंडिया द्वारा “ग्रामीण जड़ों से जुड़ाव, टेक्नोलॉजी से सशक्तिकरण: महिलाओं के नेतृत्व वाले MSME के लिए टिकाऊ भविष्य का निर्माण” विषय पर आयोजित ‘विमेंस इंटरनेशनल समिट ऑन एंटरप्रेन्योरशिप (WISE) 2026’ के समापन सत्र को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर हरियाणा की प्रथम महिला  श्रीमती मित्रा घोष भी विशेष रूप से उपस्थित रही।

 

उन्होंने कहा कि बैंक द्वारा गांवों और छोटे कस्बों तक अपनी वित्तीय सेवाएँ मज़बूत की जानी चाहिए ताकि वहां की महिला उद्यमियों को संस्थागत ऋण प्राप्त करने के लिए अनावश्यक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।

 

वित्तीय संसाधनों तक पहुँच के साथ-साथ बाजार तक पहुँच को भी समान रूप से महत्वपूर्ण बताते हुए प्रो. असीम कुमार घोष ने कहा कि जो महिलाएँ अपनी मेहनत और कौशल से बुनाई, खेती, हस्तशिल्प अथवा अन्य उत्पाद तैयार करती हैं, उन्हें डिजिटल और भौतिक दोनों प्रकार के बाजारों तक बेहतर पहुँच मिलनी चाहिए। इससे उनके उत्पादों को उचित मूल्य मिल सकेगा और वे अपने गांवों तथा छोटे कस्बों की सीमाओं से आगे बढ़कर व्यापक ग्राहक वर्ग तक पहुँच बनाने में सक्षम होंगी।

 

उन्होंने उद्योग संगठनों और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से भी आग्रह किया कि वे ग्रामीण महिला उद्यमियों के नेतृत्व वाले MSME के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन, दोनों माध्यमों में विशेष स्थान उपलब्ध कराएँ। उन्होंने ऐसे कौशल विकास कार्यक्रमों में अधिक निवेश की आवश्यकता पर भी बल दिया, जो पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक तकनीक का समन्वय करें। इनमें स्थानीय हस्तशिल्प के GI टैगिंग, डिजिटल मार्केटिंग, आधुनिक पैकेजिंग तथा निर्यात संबंधी दस्तावेज तैयार करने जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण शामिल है।

 

समिट के आयोजन के लिए COWE इंडिया को बधाई देते हुए राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने MSME क्षेत्र को आत्मनिर्भर भारत की अर्थव्यवस्था की महत्वपूर्ण आधारशिला के रूप में रेखांकित किया है। उन्होंने कहा कि जब छोटे उद्यम, विशेषकर महिलाओं के नेतृत्व वाले उद्यम, आगे बढ़ते हैं तो इसका सकारात्मक प्रभाव परिवारों, समुदायों और देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, स्टैंड-अप इंडिया और इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम जैसी पहलों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इन योजनाओं का उद्देश्य वित्तीय संसाधनों तक पहुँच को व्यापक बनाना और इच्छुक उद्यमियों के लिए नए अवसर उपलब्ध कराना है।

 

राज्यपाल ने कहा कि महिलाओं को सशक्त बनाने की सोच WISE 2026 के विषय में स्पष्ट रूप से दिखाई देती है, जिसमें ग्रामीण भारत की क्षमता को आधुनिक तकनीक से मिलने वाले अवसरों के साथ जोड़ा गया है। उन्होंने प्रतिभागियों से आह्वान किया कि वे समिट के दौरान प्राप्त ज्ञान और आत्मविश्वास को अपने-अपने समुदायों तक लेकर जाएँ और उन महिलाओं के लिए मार्गदर्शक एवं प्रेरणास्रोत बनें, जो अभी भी उद्यमिता की दिशा में पहला कदम उठाने में हिचकिचा रही हैं।

 

प्रो. असीम कुमार घोष ने महिला उद्यमियों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, वित्तीय संस्थानों और अन्य हितधारकों के बीच संवाद, नेटवर्किंग तथा अनुभव एवं जानकारी साझा करने के लिए मंच उपलब्ध कराने हेतु COWE इंडिया की सराहना की। उन्होंने उम्मीद जताई कि WISE 2026 के दौरान हुई चर्चाओं और विचार-विमर्श से महिला-नेतृत्व वाले उद्यमों, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित उद्यमों, के लिए नए और सार्थक अवसरों का मार्ग प्रशस्त होगा।

 

इस अवसर पर  COWE इंडिया की फाउंडर डायरेक्टर उमा घुर्का; COWE इंडिया की नेशनल प्रेसिडेंट नीरजा रेड्डी वेमुला; COWE इंडिया की नेशनल वाइस प्रेसिडेंट  ज्योत्सना चेरुवु; COWE दिल्ली चैप्टर की प्रेसिडेंट रेणु शर्मा; COWE इंडिया के सदस्य; उद्योग जगत के प्रतिनिधि, बैंकिंग क्षेत्र के प्रतिनिधि   सहित महिला उद्यमी भी उपस्थित रहीं।

 

क्रमांक— 2026

 

विश्व पर्यटन दिवस, 27 सितम्बर पर विशेष

 

‘घूमण आओ, हरियाणा देखो‘ के साथ हरियाणा में पर्यटन को नई पहचान देने की तैयारी

 

हरियाणा में विरासत से एडवेंचर और गांव से एआई तक पर्यटन की नई तस्वीर—42 पर्यटन परिसरों, 20 पर्यटन हब और गंतव्य क्षेत्रों पर फोकस

 

205.58 करोड़ रुपये का महाभारत अनुभव केंद्र, 38 फार्म टूरिज्म डेस्टिनेशन और 11 होमस्टे; सूरजकुंड में 53 देशों के 700 से अधिक प्रतिभागियों ने दिखाई वैश्विक भागीदारी

 

पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा बोले—पर्यटक हरियाणा से केवल गुजरें नहीं, यहां ठहरें, घूमें, हरियाणा की संस्कृति को महसूस करें और यादें लेकर लौटें

 

चंडीगढ़, 26 सितंबर। हरियाणा अब केवल देश के एक हिस्से से दूसरे हिस्से तक जाने का मार्ग नहीं, बल्कि अपने आप में एक आकर्षक पर्यटन गंतव्य बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। हरियाणा सरकार कुरुक्षेत्र में महाभारत और गीता की विरासत, पिंजौर के ऐतिहासिक उद्यान, सूरजकुंड की समृद्ध शिल्प परंपरा, मोरनी की पहाड़ियां, नारनौल-महेंद्रगढ़ की ऐतिहासिक धरोहर और गांवों की हरियाणवी संस्कृति को एक साथ जोड़कर प्रदेश के पर्यटन को नई पहचान देने की तैयारी कर रही है।

 

हरियाणा के विरासत एवं पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद कुमार शर्मा ने विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार का प्रयास है कि हरियाणा से पर्यटक केवल गुजरें नहीं, बल्कि यहां रुकें, घूमें, प्रदेश की संस्कृति और विरासत को करीब से जानें तथा ऐसे अनुभव लेकर लौटें कि वे दोबारा हरियाणा आने के लिए लालायित रहें। इसी सोच के साथ प्रदेश सरकार का नया संदेश है—‘घूमण आओ, हरियाणा देखो।’

 

उन्होंने कहा कि पर्यटन केवल घूमने-फिरने का माध्यम नहीं, बल्कि रोजगार, स्थानीय अर्थव्यवस्था और प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने का महत्वपूर्ण जरिया है। इसलिए सरकार पर्यटन को होटल और पर्यटन परिसरों तक सीमित रखने के बजाय स्थानीय लोगों, किसानों, शिल्पकारों, गाइड, टैक्सी संचालकों, रेस्तरां और छोटे कारोबारियों से जोड़ने पर जोर दे रही है।

 

पर्यटन के नए क्षेत्रों पर फोकस

हरियाणा पारंपरिक हाईवे टूरिज्म से आगे बढ़कर विरासत, आध्यात्मिक एवं तीर्थ, इको, एडवेंचर, ग्रामीण एवं फार्म टूरिज्म, होमस्टे, गोल्फ, एमआईसीई और सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा दे रहा है। इसके लिए राज्य में 20 पर्यटन हब एवं गंतव्य क्षेत्रों की पहचान की गई है।

 

हरियाणा पर्यटन निगम के पास वर्तमान में 42 पर्यटन परिसरों का नेटवर्क है। इनमें 842 वातानुकूलित कमरे, आठ डोरमेट्री तथा 56 कॉन्फ्रेंस, मल्टीपर्पज, बैंक्वेट एवं कन्वेंशन हॉल शामिल हैं। निगम द्वारा 42 रेस्टोरेंट, पांच फास्ट फूड सेंटर और 15 पेट्रोल पंप भी संचालित किए जा रहे हैं।

 

एयरपोर्ट से शुरू होगी हरियाणा की पर्यटन यात्रा

कैबिनेट मंत्री डॉ. अरविंद कुमार शर्मा ने बताया कि पर्यटकों तक सीधी पहुंच बनाने के लिए 2 सितंबर 2026 को शहीद भगत सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे, मोहाली के आगमन टर्मिनल पर हरियाणा सरकार द्वारा पर्यटक सूचना एवं सुविधा केंद्र शुरू किया गया है। यहां पर्यटकों को हरियाणा के पर्यटन एवं विरासत स्थलों, आध्यात्मिक केंद्रों, पर्यटन सर्किट, होटल-रिसॉर्ट, मेलों और उत्सवों तथा बुकिंग से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है।

सरकार का प्रयास है कि इस क्षेत्र में हवाई मार्ग से आने वाले पर्यटकों के यात्रा कार्यक्रम में हरियाणा को भी प्रमुख स्थान मिले।

 

एआई आधारित ‘सरस्वती’ डिजिटल गाइड से पर्यटन को तकनीक का साथ

पर्यटन क्षेत्र में आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए एआई आधारित ‘सरस्वती’ डिजिटल गाइड को पर्यटन से जोड़ा गया है। इसके माध्यम से पर्यटक प्रदेश के पर्यटन स्थलों, इतिहास, धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत, मेलों-उत्सवों, होटल और अन्य सुविधाओं की जानकारी संवादात्मक तरीके से प्राप्त कर सकेंगे। पर्यटकों की रुचि के अनुसार घूमने के स्थान और अनुभव चुनने में भी यह तकनीक मदद करेगी।

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