चंडीगढ़/मोहाली, 5 नवंबर: भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने एशियन चैंपियंस ट्रॉफी 2026 का खिताब जीतकर एक बार फिर इतिहास रच दिया है। मोहाली के ओलंपियन बलबीर सिंह सीनियर इंटरनेशनल हॉकी स्टेडियम में खेले गए फाइनल मुकाबले में भारत ने जापान को 4-1 से करारी शिकस्त देकर रिकॉर्ड छठी बार ट्रॉफी अपने नाम की। इस शानदार जीत के साथ भारतीय टीम ने लगातार तीसरी बार खिताब जीतकर चैंपियनशिप में खिताबों की हैट्रिक भी पूरी कर ली।
भारतीय टीम पूरे टूर्नामेंट में अजेय रही और अपने सभी सात मुकाबलों में जीत दर्ज की। इससे पहले भारत ने 2023 और 2024 में भी एशियन चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब जीता था।
फाइनल मुकाबले में जापान ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया। मैच के तीसरे मिनट में काज़ुमासा मात्सुमोतो ने शानदार बैकहैंड शॉट लगाकर जापान को 1-0 की बढ़त दिला दी। जापान ने पहले हाफ तक अपनी बढ़त बरकरार रखी।
हालांकि, दूसरे हाफ में भारतीय खिलाड़ियों ने जोरदार वापसी की। 42वें मिनट में कप्तान हरमनप्रीत सिंह के पेनल्टी कॉर्नर से मिले शानदार मौके का फायदा उठाते हुए शिलानंद लाकड़ा ने गोल कर स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया।
इसके बाद आखिरी क्वार्टर में भारतीय टीम ने मैच पर पूरी तरह नियंत्रण बना लिया। दिलप्रीत सिंह ने 47वें मिनट में गोल कर भारत को 2-1 से आगे कर दिया। इसके बाद जुगराज सिंह ने 52वें मिनट में शानदार ड्रैग-फ्लिक से तीसरा गोल दागा। अगले ही मिनट यानी 53वें मिनट में विवेक सागर प्रसाद ने चौथा गोल करके भारत की 4-1 से जीत सुनिश्चित कर दी।
इस जीत के साथ भारत ने 2011, 2016, 2018 (संयुक्त विजेता), 2023, 2024 और 2026 में खिताब जीतने का गौरव हासिल किया। कप्तान हरमनप्रीत सिंह के नेतृत्व में हार्दिक सिंह, सुखजीत सिंह, अमित रोहिदास और गोलकीपर कृष्ण बहादुर पाठक सहित पूरी टीम ने शानदार प्रदर्शन किया।
वहीं, कांस्य पदक के मुकाबले में मलेशिया ने दक्षिण कोरिया को 5-2 से हराकर तीसरा स्थान हासिल किया। मुकाबले में पिछड़ने के बाद मलेशियाई टीम ने शानदार वापसी की। अबू कमाल अज़राई ने दो गोल दागकर टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई।
मोहाली में दर्शकों से खचाखच भरे स्टेडियम में भारत की इस ऐतिहासिक जीत ने भारतीय हॉकी प्रेमियों को जश्न मनाने का बड़ा मौका दिया।
News written by Priyanka Thakur


