सरदूलगढ़ में CM मान का बड़ा बयान: महिलाओं की वित्तीय सहायता और मुफ्त बिजली जारी रहेगी, भर्ती में ‘नो कैश, नो फरमाइश’ नीति जारी
सरदूलगढ़, 5 अक्टूबर। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सरदूलगढ़ विधानसभा क्षेत्र में आयोजित ‘लोक मिलनी’ कार्यक्रम के दौरान कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के लिए वित्तीय सहायता, घरेलू उपभोक्ताओं को मुफ्त बिजली, किसानों को दिन के समय बिजली और योग्यता आधारित सरकारी भर्ती जैसी नीतियों को जारी रखेगी। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे आम लोगों तक पहुंचाना है।
महिलाओं के लिए चल रही ‘मांवां-धियां सत्कार योजना’ का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार महिलाओं के बैंक खातों में वित्तीय सहायता पहुंचाने की व्यवस्था जारी रखेगी। उन्होंने कहा कि हाल ही में 36.87 लाख महिलाओं के खातों में तीन महीने की दूसरी किस्त के तौर पर 1,262.54 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बैंक खाते में राशि जमा होने का संदेश महिलाओं के लिए सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के प्रभाव का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस, भाजपा और शिरोमणि अकाली दल पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि ये दल महिलाओं को दी जा रही मासिक वित्तीय सहायता का विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों को पंजाब के लिए अपना विजन और महिलाओं, किसानों, युवाओं तथा विद्यार्थियों के लिए अपनी योजनाएं बतानी चाहिए। ये राजनीतिक आरोप मुख्यमंत्री के बयान के रूप में हैं।
मुफ्त बिजली को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि पात्र घरेलू उपभोक्ताओं को प्रति माह 300 यूनिट मुफ्त बिजली मिलती रहेगी। उन्होंने किसानों को खेती के लिए दिन के समय बिजली आपूर्ति जारी रखने की बात भी कही। उन्होंने पंजाब के बिजली ढांचे को मजबूत करने के लिए गोइंदवाल साहिब थर्मल पावर प्लांट की खरीद का उल्लेख किया।
रोजगार के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी भर्तियों में ‘नो कैश, नो फरमाइश’ की नीति जारी रहेगी। उन्होंने दावा किया कि राज्य में 70,000 से अधिक सरकारी नौकरियां पारदर्शी तरीके से दी गई हैं। उनके अनुसार भर्ती प्रक्रिया में योग्यता और मेरिट को प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि सामान्य परिवारों के युवाओं को बिना पैसे या सिफारिश के सरकारी नौकरी का अवसर मिले।
शिक्षा क्षेत्र में बदलाव का जिक्र करते हुए मान ने कहा कि सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे, स्मार्ट कक्षाओं, शिक्षक प्रशिक्षण और सीखने के माहौल को बेहतर बनाने पर ध्यान दिया गया है। उन्होंने दावा किया कि शिक्षा सुधारों के परिणामस्वरूप पंजाब स्कूली शिक्षा के मूल्यांकन में अग्रणी राज्यों में पहुंचा है।
मुख्यमंत्री ने ग्रामीण क्षेत्रों से खिलाड़ियों के राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंचने का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि गांवों में खेल मैदान, कोच, उपकरण और अवसर उपलब्ध होने से युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच मिल रहा है और पंजाब के खिलाड़ी देश के लिए पदक जीत रहे हैं।
‘लोक मिलनी’ कार्यक्रम को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों का उद्देश्य लोगों की समस्याएं, सुझाव और अपेक्षाएं सीधे सुनना है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने अपने वादों से अधिक काम करने का प्रयास किया है और पंजाब में महिलाओं, किसानों, युवाओं, विद्यार्थियों तथा खिलाड़ियों के लिए सुविधाओं का विस्तार जारी रहेगा।


