By Priyanka Thakur
पटियाला, 27 जून।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शुक्रवार को पटियाला में आयोजित ‘सरपंच मिलनी’ कार्यक्रम के दौरान राज्य के सरपंचों के लिए बड़ा ऐलान किया। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि 15 अगस्त 2026 से सभी सरपंचों को 10,000 रुपये प्रति माह मानदेय दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि गांवों का सर्वांगीण विकास ही पंजाब को देश का अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में सबसे महत्वपूर्ण कदम होगा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायतें लोकतंत्र की मजबूत नींव हैं और सरपंच गांव तथा सरकार के बीच सबसे महत्वपूर्ण कड़ी होते हैं। उन्होंने सभी सरपंचों से अपील की कि वे विकास कार्यों में पूरी ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाएं, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार गांवों के विकास के लिए पर्याप्त धन उपलब्ध करा रही है और विकास कार्यों के लिए फंड की कोई कमी नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि करदाताओं के पैसे का एक-एक रुपया पूरी पारदर्शिता के साथ खर्च होना चाहिए। साथ ही उन्होंने सरपंचों से विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की गुटबाजी और राजनीतिक भेदभाव से ऊपर उठकर काम करने का आग्रह किया।
भगवंत सिंह मान ने गांवों को नशा मुक्त, स्वच्छ, हरा-भरा और प्रदूषण मुक्त बनाने का भी आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सरपंचों को गांवों में सामाजिक सौहार्द, भाईचारा और शांति बनाए रखने में अग्रणी भूमिका निभानी चाहिए। इससे गांवों का समग्र विकास संभव होगा और युवाओं को बेहतर भविष्य मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों ने सरपंचों को बेहतर मानदेय देने के वादे किए थे, लेकिन उन्हें लागू नहीं किया। उनकी सरकार ने पहले मानदेय को 2,000 रुपये किया और अब इसे बढ़ाकर 10,000 रुपये प्रति माह करने का निर्णय लिया है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस फैसले से सरपंचों का मनोबल बढ़ेगा और वे विकास कार्यों को अधिक प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाएंगे।
उन्होंने कहा कि गांवों में सबसे पहले पुस्तकालय, स्कूल, सोलर लाइट, सड़कें और नालियों जैसी बुनियादी सुविधाओं को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने सभी सरपंचों को भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार गांवों के विकास के हर प्रयास में उनके साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि यदि सभी जनप्रतिनिधि मिलकर काम करें तो जल्द ही पंजाब के गांव विकास का नया मॉडल बनकर पूरे देश के सामने उदाहरण पेश करेंगे।
रिपोर्ट: Priyanka Thakur


