गुरु रविदास जी की बाणी में समानता और सामाजिक न्याय का शाश्वत संदेश: हरपाल चीमा
चंडीगढ़/एस.ए.एस. नगर, 11 अगस्त 2026: पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि गुरु रविदास जी महाराज की पवित्र बाणी समानता, मानव गरिमा, सामाजिक न्याय और सार्वभौमिक भाईचारे का शाश्वत संदेश देती है। उन्होंने कहा कि गुरु जी की शिक्षाएं आज के समय में भी समाज के लिए बेहद प्रासंगिक हैं।
एमिटी यूनिवर्सिटी, मोहाली में ‘गुरु रविदास जी महाराज की बाणी एवं सामाजिक समानता’ विषय पर आयोजित राज्य स्तरीय सेमिनार को संबोधित करते हुए हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि गुरु रविदास जी की शिक्षाओं ने जाति, धर्म और सामाजिक स्थिति की सीमाओं से ऊपर उठकर प्रत्येक व्यक्ति की गरिमा और समानता पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि गुरु रविदास जी ने ऐसे समाज की कल्पना की थी, जो समानता, न्याय, करुणा और आपसी सम्मान पर आधारित हो। उनकी बाणी लोगों को भेदभाव को अस्वीकार करने और ऐसे समावेशी समाज के निर्माण के लिए प्रेरित करती है, जहां सभी को समान अवसर और सम्मान मिले।
वित्त मंत्री ने पंजाब सरकार की ओर से डेरा बल्लां के फरीदपुरा नौगजा में बाणी अध्ययन केंद्र स्थापित करने की पहल का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि करीब 25 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक केंद्र बनाया जाएगा, जबकि जमीन की खरीद पर लगभग 11 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। यह केंद्र गुरु रविदास जी की शिक्षाओं के शोध, अध्ययन और प्रचार-प्रसार के लिए महत्वपूर्ण संस्था के रूप में काम करेगा।
चीमा ने कहा कि स्वतंत्रता, समानता, गैर-भेदभाव और मानव गरिमा जैसे सिद्धांत गुरु रविदास जी तथा अन्य संतों की शिक्षाओं में लगभग 650 वर्ष पहले ही दिखाई देते हैं। उन्होंने कहा कि गुरु जी की समतावादी सोच अपने समय से आगे थी और आज भी मानवता को न्यायपूर्ण समाज की दिशा दिखाती है।
उन्होंने ‘बेगमपुरा’ की अवधारणा का उल्लेख करते हुए कहा कि यह भेदभाव, शोषण और असमानता से मुक्त आदर्श समाज की कल्पना को दर्शाती है। गुरु रविदास जी की बाणी में निहित विचार न्यायपूर्ण, शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण समाज के निर्माण के लिए मार्गदर्शक बन सकते हैं।
वित्त मंत्री ने विद्यार्थियों और विद्वानों से गुरु रविदास जी की बाणी का गहन अध्ययन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों को आध्यात्मिक व्यक्तित्वों और समाज सुधारकों की शिक्षाओं पर शोध, संवाद और बौद्धिक विमर्श को बढ़ावा देना चाहिए।
सेमिनार में जीएनडीयू के पंजाबी विभाग के प्रमुख प्रो. मनजिंदर सिंह, तप स्थान गुरु रविदास जी, खुरालगढ़ के संत केवल सिंह सहित कई वक्ताओं ने विचार रखे। एमिटी यूनिवर्सिटी के प्रो-वाइस चांसलर डॉ. पुनीत शर्मा, रजिस्ट्रार डॉ. दलीप कुमार, एसडीएम मोहाली दमनदीप कौर, उच्च शिक्षा विभाग के उप निदेशक डॉ. मनीष शर्मा, फैकल्टी सदस्य और विद्यार्थी भी मौजूद रहे।


