हरियाणा सरकार लॉन्च करेगी ‘मेक इन हरियाणा’ पॉलिसी और 9 नई सेक्टरल नीतियां
By Priyanka Thakur
चंडीगढ़: हरियाणा सरकार 1 जून 2026 को गुरुग्राम में आयोजित होने वाले एक बड़े उद्योग एवं निवेश कार्यक्रम में अपनी फ्लैगशिप ‘मेक इन हरियाणा’ पॉलिसी के साथ 9 नई सेक्टरल पॉलिसियों का शुभारंभ करेगी। यह कार्यक्रम मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह की उपस्थिति में आयोजित होगा।
सरकारी प्रवक्ता के अनुसार इस कार्यक्रम में वरिष्ठ अधिकारी, उद्योग जगत के प्रतिनिधि, निवेशक, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSMEs), विदेशी प्रतिनिधिमंडल और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े हितधारक भाग लेंगे।
नई नीति व्यवस्था का उद्देश्य हरियाणा को देश के अग्रणी मैन्युफैक्चरिंग और निवेश केंद्र के रूप में और अधिक मजबूत बनाना है। सरकार औद्योगिक विकास को गति देने, क्षेत्र-विशिष्ट औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र को सशक्त करने, एमएसएमई को बढ़ावा देने और रोजगार के नए अवसर पैदा करने पर विशेष जोर दे रही है।
सरकार का कहना है कि इन नीतियों से कारोबार सुगमता (Ease of Doing Business) को बढ़ावा मिलेगा और भविष्य उन्मुख औद्योगिक विकास को नई दिशा मिलेगी। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न क्षेत्रों की अग्रणी कंपनियों के साथ समझौता ज्ञापनों (MoUs) का आदान-प्रदान भी किया जाएगा, जो राज्य में निवेशकों के बढ़ते विश्वास को दर्शाता है।
प्रवक्ता ने बताया कि हरियाणा मजबूत कनेक्टिविटी, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) तक आसान पहुंच, विश्वस्तरीय अवसंरचना और विकसित लॉजिस्टिक्स नेटवर्क के कारण निवेशकों की पसंदीदा मंजिल बनता जा रहा है।
राज्य सरकार विशेष रूप से ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, फूड प्रोसेसिंग, एडवांस मैन्युफैक्चरिंग, डेटा सेंटर, AVGC, फार्मास्युटिकल एवं मेडिकल डिवाइस, खिलौना निर्माण, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) और सूचना प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में निवेश आकर्षित करने पर फोकस कर रही है।
कार्यक्रम के दौरान औद्योगिक विकास और निवेशक सुविधा को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से कुछ महत्वपूर्ण नई घोषणाएं भी की जाएंगी।
हरियाणा सरकार ने कहा है कि वह निवेशक-केंद्रित व्यवस्था, उद्योगोन्मुख सुधारों और सक्रिय प्रशासन के जरिए भविष्य के लिए तैयार औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।


