By Priyanka Thakur
चंडीगढ़: हरियाणा विधानसभा के तत्वावधान में आयोजित राष्ट्रमंडल संसदीय संघ इंडिया रीजन के जोन-2 सम्मेलन की सांस्कृतिक संध्या में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने संविधान को लोकतंत्र की आत्मा बताया। उन्होंने कहा कि देश के प्रत्येक नागरिक का दायित्व है कि वह संविधान की भावना को समझते हुए अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से निर्वहन करे।
मुख्यमंत्री चंडीगढ़ के टैगोर थिएटर में हरियाणा कला एवं संस्कृति विभाग तथा रास कला मंच के सहयोग से मंचित नाटक “संविधान के नायक” के प्रदर्शन के बाद उपस्थित लोगों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने नाटक की जीवंत प्रस्तुति और कलाकारों के प्रभावशाली अभिनय की सराहना की।
नायब सिंह सैनी ने कहा कि जैसे रामायण में हनुमान जी को उनकी शक्ति का स्मरण कराया गया था, उसी प्रकार इस नाटक के माध्यम से कलाकारों और लेखक ने लोगों को संविधान के प्रति उनके दायित्वों की याद दिलाई है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रम समाज को संस्कृति, देशभक्ति और लोकतांत्रिक मूल्यों की दिशा में प्रेरित करते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि संविधान केवल एक दस्तावेज नहीं, बल्कि देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था की आत्मा है। उन्होंने नागरिकों से संविधान की गरिमा बनाए रखने और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने का आह्वान किया।
इस अवसर पर नाटक की स्क्रिप्ट का विमोचन भी किया गया। कार्यक्रम में हरियाणा के राज्यपाल असीम कुमार घोष तथा पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने भी नाटक के संदेश और कलाकारों के अभिनय की सराहना की।
कार्यक्रम में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, उपसभापति हरिवंश, हरियाणा विधानसभा के उपाध्यक्ष कृष्ण लाल मिड्ढा, शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा, विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार सहित विभिन्न राज्यों के विधानसभा अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सांसद, विधायक और कई अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाना था।


