पंजाब का GST राजस्व 20% बढ़कर 10,447 करोड़ रुपये पहुंचा, जुलाई में 2,614 करोड़ की वसूली
चंडीगढ़, 1 अगस्त | प्रियंका ठाकुर | www.24ghantenews.com
पंजाब सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के पहले चार महीनों में वस्तु एवं सेवा कर (GST) संग्रह में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है। वित्त, आबकारी एवं कर मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि अप्रैल से जुलाई 2026 के दौरान राज्य का कुल GST राजस्व 20 प्रतिशत बढ़कर 10,447.90 करोड़ रुपये पहुंच गया, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 8,708.48 करोड़ रुपये था।
वित्त मंत्री ने बताया कि जुलाई 2026 के दौरान राज्य को 2,614.45 करोड़ रुपये का कुल GST राजस्व प्राप्त हुआ, जो पिछले वर्ष जुलाई की तुलना में 8.31 प्रतिशत अधिक है। उन्होंने कहा कि राज्य ने SGST कैश संग्रह में 16.23 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है, जो देश में सबसे अधिक मानी जा रही है। जुलाई 2025 में SGST कैश संग्रह 815.84 करोड़ रुपये था, जो इस वर्ष बढ़कर 948.29 करोड़ रुपये हो गया।
हरपाल सिंह चीमा ने इस उपलब्धि का श्रेय बेहतर कर अनुपालन, तकनीक आधारित प्रशासन और खुफिया जानकारी के आधार पर की गई कार्रवाई को दिया। उन्होंने कहा कि सरकार ने ईमानदार करदाताओं को राहत देने के लिए जुलाई के दौरान 200 करोड़ रुपये से अधिक के GST रिफंड मंजूर किए हैं, ताकि कारोबारियों को समय पर भुगतान मिल सके और उनकी तरलता बनी रहे।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कर चोरी और फर्जी बिलिंग के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति पर काम कर रही है। जुलाई महीने में विभाग ने राज्यभर में विशेष अभियान चलाकर 200 करोड़ रुपये से अधिक के जुर्माने लगाए। इसके अलावा डेटा एनालिटिक्स और रिस्क प्रोफाइलिंग की मदद से फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) नेटवर्क पर भी कार्रवाई की गई।
वित्त मंत्री ने बताया कि जालंधर में 55.35 करोड़ रुपये के फर्जी बिलिंग घोटाले का पर्दाफाश करते हुए एफआईआर दर्ज की गई और मुख्य आरोपी को पंजाब GST अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया। इसके साथ ही विभाग ने फर्जी पंजीकरणों के खिलाफ अभियान चलाकर 100 से अधिक GST पंजीकरण रद्द किए, जिससे फर्जी ITC दावों और कर धोखाधड़ी पर रोक लगाने में मदद मिली।
पुराने वैट बकायों की वसूली के बारे में जानकारी देते हुए हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि विभाग ने डिफॉल्टरों की संपत्तियों की कुर्की और नीलामी के जरिए चालू वित्तीय वर्ष में 12.39 करोड़ रुपये की वसूली की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी राजस्व की सुरक्षा के लिए यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
वित्त मंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार की नीति ईमानदार करदाताओं को हर संभव सुविधा देने और कर चोरी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी विभाग डिजिटल गवर्नेंस, उन्नत डेटा एनालिटिक्स, लक्षित प्रवर्तन और करदाता-केंद्रित पहलों के जरिए कर अनुपालन को और मजबूत करेगा, ताकि राज्य में पारदर्शी और भरोसेमंद कर व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।


