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ज़ीरकपुर में टिकाऊ शहरी विकास को लेकर पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की बिल्डरों संग अहम बैठक | 24 Ghante News

ज़ीरकपुर में टिकाऊ शहरी विकास को बढ़ावा देने के लिए पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की बिल्डरों संग बैठक

By Priyanka Thakur

ज़ीरकपुर/चंडीगढ़, 28 मई:
Punjab Pollution Control Board (पीपीसीबी) ने ज़ीरकपुर में बिल्डर वेलफेयर एसोसिएशन के साथ एक महत्वपूर्ण विचार-विमर्श बैठक आयोजित कर पर्यावरण नियमों के पालन और टिकाऊ शहरी विकास को बढ़ावा देने पर जोर दिया। बैठक का उद्देश्य जागरूकता और आपसी सहयोग के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण को मजबूत करना था।

यह बैठक पीपीसीबी के क्षेत्रीय कार्यालय एस.ए.एस. नगर द्वारा आयोजित की गई, जिसकी अगुवाई सुपरिंटेंडिंग एनवायरनमेंटल इंजीनियर इंजीनियर गुरशरण दास गर्ग और एग्जीक्यूटिव इंजीनियर इंजीनियर कंवलदीप कौर ने की। बैठक में बिल्डरों को निर्माण और हाउसिंग प्रोजेक्ट्स से जुड़े पर्यावरण कानूनों और नियमों की जानकारी दी गई।

अधिकारियों ने कहा कि बोर्ड का उद्देश्य केवल नियम लागू करना नहीं, बल्कि बेहतर समन्वय और पारदर्शिता के जरिए पर्यावरण-अनुकूल विकास को प्रोत्साहित करना भी है। बैठक में निर्माण और ऑपरेशनल दोनों चरणों में पर्यावरण क्लीयरेंस की शर्तों का पालन करने के महत्व पर विशेष जोर दिया गया।

बोर्ड अधिकारियों ने बिल्डरों को सलाह दी कि निर्माण स्थलों पर पर्यावरण नियमों से संबंधित जानकारी बड़े बोर्डों पर प्रदर्शित की जाए ताकि मजदूरों और कर्मचारियों को नियमों का पालन करने की लगातार जानकारी मिलती रहे। साथ ही बिल्डरों को एजेंटों पर पूरी तरह निर्भर रहने के बजाय आवेदन प्रक्रियाओं को स्वयं समझने और पूरा करने के लिए प्रेरित किया गया।

आगामी मानसून सीजन को ध्यान में रखते हुए रेनवॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की सफाई और भूजल संरक्षण पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों ने कहा कि वर्षा जल संचयन गड्ढों में केवल साफ सतही पानी ही पहुंचना चाहिए ताकि भूजल की गुणवत्ता सुरक्षित रह सके।

बैठक में Builders Welfare Association Zirakpur के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया। एसोसिएशन के प्रधान Harish Gupta ने बोर्ड के पारदर्शी और सहयोगात्मक रवैये की सराहना करते हुए पूर्ण सहयोग का भरोसा दिया। उन्होंने ज़ीरकपुर में बढ़ती आबादी को देखते हुए अधिक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांटों की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

Reena Gupta ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण तभी प्रभावी हो सकता है जब प्रशासन और हितधारक साझा जिम्मेदारी के साथ मिलकर काम करें। उन्होंने कहा कि पंजाब में टिकाऊ और पर्यावरण-अनुकूल शहरी विकास को बढ़ावा देने के लिए ऐसी चर्चाएं बेहद जरूरी हैं।

बैठक में पौधारोपण अभियान, ठोस कचरा प्रबंधन, ड्यूल प्लंबिंग सिस्टम और उपचारित पानी के दोबारा उपयोग जैसे मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने भविष्य में भी पूरे राज्य में ऐसी जागरूकता मुहिम जारी रखने की प्रतिबद्धता दोहराई।

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