पंजाब स्टेट फूड कमीशन की सिफारिश: 3 महीने के राशन के लिए मिले एक ही स्लिप, बहुभाषी रसीदें हों जारी
By Priyanka Thakur
चंडीगढ़, 27 जून।
पंजाब स्टेट फूड कमीशन ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) को अधिक सरल, पारदर्शी और जनहितैषी बनाने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण सिफारिशें की हैं। आयोग ने सुझाव दिया है कि लाभार्थियों को तीन महीने के राशन के लिए अलग-अलग पर्चियों की बजाय एक ही संयुक्त स्लिप जारी की जाए। इसके साथ ही लेन-देन की रसीदें पंजाबी, हिंदी और अंग्रेजी तीनों भाषाओं में उपलब्ध कराने की भी सिफारिश की गई है।
यह निर्णय चेयरमैन बाल मुकंद शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में लिया गया। बैठक के दौरान आयोग के सदस्य विजय दत्त और चेतन प्रकाश धालीवाल ने विभिन्न जिलों के दौरे के दौरान डिपो होल्डरों से मिली समस्याओं और सुझावों की जानकारी साझा की।
बैठक में बताया गया कि वर्तमान व्यवस्था के तहत राज्य सरकार लाभार्थियों को एक बार में तीन महीने का गेहूं आवंटित करती है, लेकिन ई-पीओएस मशीन के माध्यम से प्रत्येक महीने के लिए अलग-अलग लेन-देन की स्लिप निकालनी पड़ती है। इसके अलावा ‘मेरी रसोई’ योजना के तहत मिलने वाले फूड किट के लिए भी अलग से एक रसीद जारी करनी होती है। इस प्रकार प्रत्येक लाभार्थी के लिए कुल चार स्लिपें तैयार करनी पड़ती हैं।
डिपो संचालकों के अनुसार इस प्रक्रिया में प्रत्येक लाभार्थी पर लगभग 20 से 25 मिनट का समय लग जाता है। इसके कारण उचित मूल्य की राशन दुकानों पर लंबी कतारें लग जाती हैं और कर्मचारियों पर अतिरिक्त कार्यभार बढ़ जाता है। उन्होंने सुझाव दिया कि तीन महीने के राशन और ‘मेरी रसोई’ योजना के वितरण को एक ही लेन-देन में शामिल कर एक संयुक्त स्लिप जारी की जाए, जिससे समय की बचत होगी और व्यवस्था अधिक प्रभावी बनेगी।
बैठक के दौरान यह मुद्दा भी सामने आया कि वर्तमान में जारी होने वाली रसीदें केवल अंग्रेजी भाषा में होती हैं, जिन्हें अधिकांश लाभार्थी आसानी से नहीं समझ पाते। इसलिए आयोग ने सिफारिश की कि सभी लेन-देन की रसीदें पंजाबी, हिंदी और अंग्रेजी में जारी की जाएं, ताकि लाभार्थियों को पूरी जानकारी उनकी सुविधाजनक भाषा में मिल सके।
विस्तृत चर्चा के बाद पंजाब स्टेट फूड कमीशन ने निर्णय लिया कि इन सुझावों को लेकर खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के सचिव को औपचारिक एडवाइजरी भेजी जाएगी, ताकि आवश्यक सुधारों पर विचार किया जा सके।
इसके अलावा आयोग ने सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास विभाग को भी सलाह देने का फैसला किया है कि फाजिल्का, फिरोजपुर और होशियारपुर जिलों में एक गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ) के माध्यम से आंगनवाड़ी केंद्रों तक सूखा राशन समय पर और निर्धारित गुणवत्ता के अनुसार उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित किया जाए।
रिपोर्ट: Priyanka Thakur


