गौशालाओं को आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनाने के लिए प्रभावी योजनाएं क्रियान्वित- मुख्यमंत्री
पशुधन की देखरेख के लिए 820 ई रिक्शा करवाई जाएंगी उपलब्ध
गुरुग्राम के बसई में 1000 एमएलडी का बनेगा दूसरा जलघर
मुख्यमंत्री ने हाईपावर्ड परचेज कमेटी बैठक की अध्यक्षता की
चंडीगढ, 20 जुलाई – हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा सरकार द्वारा गौशालाओं को आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनाने के लिए अनेक प्रभावी योजनाएं क्रियान्वित की जा रही हैं। इसी कड़ी में राज्य की गौशालाओं को पशुधन की देखरेख के लिए 820 ई रिक्शा उपलब्ध करवाई जाएंगी।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी सोमवार को चण्डीगढ में हाईपावर्ड परचेज कमेटी बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा, राजस्व एवं आपदा मंत्री विपुल गोयल, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा, लोक निर्माण, जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी मंत्री रणबीर गंगवा, महिला एवं बाल विकास तथा सिंचाई मंत्री श्रुति चौधरी भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना अनुसार एक हजार तक पशु रखने वाली गौशालाओं को एक तथा इससे अधिक गायों को रखने वाली गौशालाओं को दो ई-रिक्शा उपलब्ध करवाई जाएंगी। बैठक में 10.25 करोड़ रुपए की लागत से ई रिक्शा खरीद को अनुमति प्रदान की गई। प्रदेश की कुल 770 गौशालाओं में से 553 गौशालाओं में एक हजार से कम पशु, 79 गौशालाओं में दो हजार तक, 20 गौशालाओें में तीन हजार तक, 8 गौशालाओं में चार हजार तथा एक गौशाला में 5 हजार व एक गौशाला में 6 हजार तक पशुधन है।
मुख्यमंत्री ने कैथल शहर की विभिन्न कॉलोनियों में 12.87 करोड़ रुपए की लागत से सीवरेज लाइन डालने के कार्य को मंजूरी प्रदान की। इससे शहर की अधिकांश आबादी में सीवरेज व्यवस्था शुरू हो जाएगी जो आगामी 2042 तक की जनसंख्या को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। इसके अलावा खेदड़ में वाटर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट को अपग्रेड करने एवं आरसीसी टैंक का निर्माण करने की भी मंजूरी दी गई। इस कार्य पर लगभग 27.70 करोड़ रुपए की लागत आएगी।
मुख्यमंत्री ने फरीदाबाद मैट्रोपोलियन विकास प्राधिकरण में 10 एमएलडी क्षमता के 5 रैनीवैल टयूबवैल लगाए जाने की स्वीकृति प्रदान की। गांव मंझावली, मोठूका के आसपास यमुना नदी के जलभराव वाले क्षेत्रों में लगभग 164.75 करोड़ रुपए की लागत से लगाए जाने वाले रेनीवैल टयूबवैल से पेयजल हेतु टेस्टिंग की जाएगी।
गुरुग्राम के बसई में 1000 एमएलडी का बनेगा दूसरा जलघर
मुख्यमंत्री ने गुरूग्राम मैट्रोपोलियन विकास प्राधिकरण के गांव बसई में 1000 एमएलडी क्षमता का दूसरा जल घर बनाने के कार्य को भी स्वीकृति प्रदान की गई। इसके निर्माण पर लगभग 149 करोड़ रुपए की लागत आएगी। इस प्रकार 380.40 करोड़ रुपए के विभिन्न कार्यों को 363.82 करोड़ रुपए में टेंडर छोड़कर लगभग 16.58 करोड़ रुपए की बचत की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास कार्यों में किसी प्रकार की देरी व लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा सभी कार्य निर्धारित अवधि में पूर्ण किए जाने चाहिए। इसके अलावा विकास कार्यो में उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए।
बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री अरुण गुप्ता, एफएमडीए व जीएमडीएम के सलाहकार श्री डी. एस. ढेसी, प्रधान सचिव श्री पंकज यादव, श्री विजय सिंह दहिया, जीएमडीए के सीईओ श्री पी सी मीणा, महानिदेशक सप्लाई एवं डिस्पोजल श्री पंकज सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
क्रमांक 2026
मुख्यमंत्री के नेतृत्व में ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंच रही बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं: आरती सिंह राव
नूंह जिले के तीन स्वास्थ्य उपकेंद्र होंगे अपग्रेड
चंडीगढ़, 20 जुलाई- हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार प्रत्येक नागरिक तक गुणवत्तापूर्ण एवं सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के अपने संकल्प को निरंतर साकार कर रही है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री द्वारा वर्ष 2026-27 के बजट में की गई घोषणा को अमलीजामा पहनाते हुए जिला नूंह के तीन स्वास्थ्य उपकेंद्रों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) के रूप में अपग्रेड करने की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है।
स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने बताया कि जिन स्वास्थ्य उपकेंद्रों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में अपग्रेड किया जाएगा, उनमें लूहिंगा कलां, चंदेनी तथा शाह चोखा शामिल हैं। इन केंद्रों के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के रूप में विकसित होने से आसपास के हजारों ग्रामीण नागरिकों को अपने क्षेत्र में ही बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी तथा उपचार के लिए दूरस्थ अस्पतालों पर उनकी निर्भरता कम होगी।
उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा इन तीनों परियोजनाओं के लिए आवश्यक भूमि, भवन, मानव संसाधन, चिकित्सा उपकरणों सहित अन्य आधारभूत सुविधाओं का विस्तृत आकलन किया गया है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बनने के बाद यहां सामान्य रोगों का उपचार, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं, टीकाकरण, प्रसव संबंधी सुविधाएं, आवश्यक जांच तथा दवाइयों की उपलब्धता जैसी स्वास्थ्य सेवाएं अधिक प्रभावी ढंग से उपलब्ध कराई जाएंगी।
आरती सिंह राव ने कहा कि इन परियोजनाओं से न केवल स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि मेवात क्षेत्र के ग्रामीण परिवारों को समय पर चिकित्सा सुविधा मिलने से गंभीर बीमारियों की रोकथाम एवं उपचार में भी सहायता मिलेगी। इससे क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी तथा आम नागरिकों को उनके घर के निकट ही बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिलेगा।
उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार का उद्देश्य प्रदेश के प्रत्येक गांव और प्रत्येक परिवार तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में राज्य सरकार स्वास्थ्य अवसंरचना को मजबूत करने, आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार करने तथा अंतिम पंक्ति तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। नूंह जिले के इन तीन स्वास्थ्य उपकेंद्रों का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में उन्नयन इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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