*पंजाब विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां ने विधानसभा में 40 से अधिक फलदार पौधे लगाए*
*पंजाब की समृद्धि को बहाल करने और राज्य को हरा-भरा बनाने के लिए हमें अधिक पेड़ लगाने चाहिए: स्पीकर कुलतार सिंह संधवान*
चंडीगढ़, 22 जुलाई:
पर्यावरण स्थिरता और हरियाली की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, पंजाब विधानसभा के अध्यक्ष कुलतार सिंह संधावां ने आज पंजाब विधानसभा परिसर में फलदार वृक्षारोपण किया।
इस अवसर पर बोलते हुए स्पीकर संधावन ने कहा कि पंजाब विधानसभा में अब तक 40 से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं। उन्होंने आगे कहा कि यह पंजाब को हरित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है और यह वृक्षारोपण अभियान भविष्य में भी जारी रहेगा।
स्पीकर संधावन ने कहा, “अगर हम प्रकृति से प्यार करेंगे, तो प्रकृति भी हमसे प्यार करेगी।” वर्तमान में नियमित रूप से वृक्षारोपण के महत्व पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि हम सब मिलकर ‘हरित पंजाब’ बनाने के लिए काम करें।
वक्ता ने आगे कहा कि सतत पर्यावरण को बढ़ावा देना समय की सर्वोपरि आवश्यकता है। आज अधिक पेड़ लगाकर हम आने वाली पीढ़ियों और सदियों के लिए एक स्वस्थ पारिस्थितिकी तंत्र को संरक्षित कर सकते हैं।
उन्होंने पंजाब के लोगों से गुरबानी की मुख्य शिक्षाओं और सिख गुरुओं द्वारा दिखाए गए ऐतिहासिक मार्ग से गहन आध्यात्मिक मार्गदर्शन प्राप्त करते हुए एक व्यापक पर्यावरण आंदोलन शुरू करने की पुरजोर अपील की। उन्होंने आगे कहा कि सच्ची दिव्यता प्रकृति में निवास करती है। प्रत्येक मनुष्य, पशु, पौधा और वृक्ष सर्वशक्तिमान ईश्वर का सजीव रूप है।
राज्य में बिगड़ते पारिस्थितिक संतुलन पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए वक्ता ने कहा कि पंजाब का वन क्षेत्र घटकर 3 प्रतिशत से भी कम हो गया है, जिसके लिए तत्काल सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता है। उन्होंने आगे कहा कि हरियाली और वनस्पति की कमी सामाजिक बुराइयों के बढ़ने से जुड़ी है, जो शांति और समृद्धि को नष्ट करती हैं। प्रकृति की सराहना और संरक्षण से पूरे समुदाय के लिए ईश्वरीय कृपा, समृद्धि और आशीर्वाद प्राप्त होता है।
एस. संधवान ने कहा कि हमें छठे पातशाह श्री गुरु हरगोबिंद साहब से मार्गदर्शन लेना चाहिए, जिन्होंने स्वयं बाग-बगीचे लगाए और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। यदि हम पंजाब को फिर से रंगीन और जीवंत बनाना चाहते हैं, तो हमें पहले राज्य को हरित पंजाब बनाना होगा।
उन्होंने सभी पंजाबियों से अपील की, “जब भी और जहां भी मौका मिले, आइए हम सब एकजुट होकर पेड़ लगाएं।” उन्होंने आगे अपील की कि सभी नागरिक प्रकृति से संबंधित अपनी पारंपरिक मान्यताओं का सम्मान करें। उन्होंने कहा कि वृक्षों के अंतर्गत क्षेत्र बढ़ाकर पंजाबी एक सतत पर्यावरण सुनिश्चित कर सकते हैं, जहां प्रकृति फले-फूलेगी और आने वाली पीढ़ियां समृद्ध होंगी।


