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मंडियों में पहुंचने लगा धान, लेकिन किसानों को नहीं मिल रहीं पर्याप्त सुविधाएं, खरीद के पुख्ता प्रबंध सुनिश्चित करे सरकार : कुमारी सैलजा

मंडियों में पहुंचने लगा धान, लेकिन किसानों को नहीं मिल रहीं पर्याप्त सुविधाएं, खरीद के पुख्ता प्रबंध सुनिश्चित करे सरकार : कुमारी सैलजा

 

धान, कपास और गेहूं की खरीद के समय हर साल किसानों को करना पड़ता है परेशानियों का सामना, डीएपी खाद के लिए आधी रात से लाइनों में लगने को मजबूर अन्नदाता

 

सिरसा, 28 सितंबर।

 

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव, कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्लूसी) की सदस्य एवं उत्तराखंड प्रभारी कुमारी सैलजा ने हरियाणा की मंडियों में धान की आवक शुरू होने के बीच किसानों के लिए पर्याप्त खरीद, भंडारण, उठान और अन्य आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए अनावश्यक इंतजार और परेशानी का सामना न करना पड़े, इसके लिए सरकार और संबंधित विभागों को समय रहते पुख्ता प्रबंध करने चाहिए।

 

कुमारी सैलजा ने कहा कि धान की फसल मंडियों में पहुंचने लगी है, ऐसे में किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए स्पष्ट व्यवस्था, समय पर खरीद, सुचारु तुलाई, पर्याप्त बारदाना, भंडारण और फसल के समयबद्ध उठान की सुविधा मिलनी चाहिए। मंडियों में किसानों के लिए पेयजल, बैठने और अन्य बुनियादी सुविधाओं का भी समुचित प्रबंध किया जाना आवश्यक है। खरीद प्रक्रिया में किसी प्रकार की देरी या अव्यवस्था का सीधा असर किसान की आर्थिक स्थिति और अगली फसल की तैयारी पर पड़ता है।

 

सांसद ने कहा कि हर वर्ष धान, गेहूं और कपास जैसी प्रमुख फसलों की खरीद के दौरान किसानों को अलग-अलग समस्याओं का सामना करना पड़ता है। कभी खरीद में देरी, कभी तुलाई और उठान में परेशानी तो कभी भुगतान को लेकर किसानों को इंतजार करना पड़ता है। सरकार को ऐसी व्यवस्था बनानी चाहिए कि किसान को अपनी मेहनत की कमाई बेचने के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों और मंडियों के चक्कर न लगाने पड़ें।

 

कुमारी सैलजा ने डीएपी खाद की उपलब्धता को लेकर भी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराना कृषि व्यवस्था की बुनियादी जिम्मेदारी है। प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में डीएपी खाद लेने के लिए किसानों को लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है। कई स्थानों पर किसानों को आधी रात से ही खाद की दुकानों के बाहर पहुंचना पड़ता है। खाद की कमी और वितरण संबंधी अव्यवस्था के कारण किसानों का बहुमूल्य समय और श्रम व्यर्थ हो रहा है।

 

कुमारी सैलजा ने कहा कि सरकार को खाद की मांग का आकलन कर पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध करवाना चाहिए और वितरण प्रणाली को पारदर्शी बनाना चाहिए, ताकि प्रत्येक पात्र किसान को उसकी आवश्यकता के अनुसार समय पर खाद मिल सके। जमाखोरी और कालाबाजारी पर प्रभावी निगरानी के साथ-साथ यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि किसानों को खाद के लिए अनावश्यक भटकना न पड़े।

 

कुमारी सैलजा ने कहा कि किसान देश और प्रदेश की अर्थव्यवस्था की मजबूत नींव हैं। खेती में बढ़ती लागत, मौसम की अनिश्चितता और फसलों की बिक्री से जुड़ी समस्याओं के बीच किसानों को राहत देने के लिए सरकार को संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करना चाहिए।

 

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किसानों की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए प्रभावी व्यवस्था बनाई जाए

 

सांसद ने मांग की कि प्रदेश की सभी अनाज मंडियों और खरीद केंद्रों में धान की खरीद के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं की समीक्षा की जाए, खरीद एजेंसियों और मंडी प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए तथा किसानों की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए प्रभावी व्यवस्था बनाई जाए। किसानों को उनकी उपज का निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य समय पर मिले और खाद की उपलब्धता सुनिश्चित हो, ताकि अन्नदाता सम्मान और राहत के साथ अपनी खेती का कार्य कर सकें।

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