मुख्यमंत्री ने पत्रकारों को लोकतंत्र की सजग चेतना बताया, कहा- सत्य और जिम्मेदारी ही पत्रकारिता की असली ताकत
संत कबीर कुटीर पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पत्रकारों से किया संवाद
कहा: समाचार का हर शब्द समय का दस्तावेज होता है और हर तस्वीर समाज की चेतना
चंडीगढ़, 22 जुलाई- मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि पत्रकार केवल समाचार नहीं लिखते, बल्कि वर्तमान को शब्द देते हैं और भविष्य के इतिहास को आकार देते हैं। समाचार का हर शब्द समय का दस्तावेज होता है और हर तस्वीर समाज की चेतना का दर्पण बन जाती है। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता केवल कलम या स्याही से नहीं चलती, बल्कि समाज के विश्वास, जनमत और लोकतंत्र के प्रति जिम्मेदारी से संचालित होती है।
मुख्यमंत्री बुधवार को संत कबीर कुटीर पर सीनियर जर्नलिस्ट्स फोरम चंडीगढ़ से जुड़े वरिष्ठ पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित वरिष्ठ पत्रकारों का स्वागत करते हुए कहा कि लोकतंत्र तभी मजबूत होता है, जब समाज में संवाद निरंतर, सार्थक और जीवंत बना रहे। इसमें पत्रकारों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय पत्रकारिता की जड़ें हमारी सनातन परंपरा में हैं। महर्षि नारद को विश्व का पहला संदेशवाहक बताते हुए उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य केवल सूचना देना नहीं, बल्कि सत्य, संतुलन और समाज कल्याण का संदेश पहुंचाना था। स्वतंत्रता आंदोलन में भी लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक, महात्मा गांधी और शहीद भगत सिंह जैसे महान नेताओं ने अपनी लेखनी के माध्यम से राष्ट्र चेतना को जागृत किया।
उन्होंने कहा कि आज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सोशल मीडिया के दौर में सूचना कुछ ही क्षणों में पूरी दुनिया तक पहुंच जाती है। ऐसे समय में सबसे बड़ा प्रश्न यह नहीं है कि सूचना कितनी तेजी से फैली, बल्कि यह है कि वह कितनी सत्य और प्रमाणिक है। अनुभवी और जिम्मेदार पत्रकार ही समाज को सही दिशा दे सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आलोचना लोकतंत्र की शक्ति है, लेकिन वह तथ्यों पर आधारित होनी चाहिए। समाज को केवल ब्रेकिंग न्यूज नहीं, बल्कि सकारात्मक सोच, समाधान और प्रेरणादायक उदाहरणों की भी आवश्यकता है। पत्रकारिता जब सत्य, संवेदनशीलता और उत्तरदायित्व के साथ आगे बढ़ती है, तब वह राष्ट्र निर्माण का सशक्त माध्यम बन जाती है।
उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार पारदर्शिता, जवाबदेही और संवाद के लिए प्रतिबद्ध है। इसी भावना के साथ सरकार पत्रकारों के सम्मान, सुरक्षा और कल्याण के लिए भी निरंतर कार्य कर रही है। वरिष्ठ पत्रकारों को सम्मान पेंशन दी जा रही है। पत्रकारों के लिए समूह बीमा योजना संचालित की जा रही है, जिसका पूरा प्रीमियम राज्य सरकार वहन कर रही है। इसके अलावा पत्रकार कल्याण कोष के माध्यम से गंभीर बीमारी, दुर्घटना अथवा मृत्यु की स्थिति में आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश तेजी से आगे बढ़ रहा है और हरियाणा भी विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। उन्होंने आयुष्मान भारत और चिरायु हरियाणा जैसी स्वास्थ्य योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इनसे लाखों परिवारों को निशुल्क उपचार का लाभ मिला है।
शिक्षा क्षेत्र का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मिशन बुनियाद और सुपर-100 जैसी योजनाओं ने गरीब परिवारों के बच्चों को नई उड़ान दी है। हाल ही में सुपर-100 के अनेक विद्यार्थियों ने आईआईटी, एनआईटी तथा नीट जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाओं में सफलता हासिल कर प्रदेश का नाम रोशन किया है।
स्वास्थ्य सेवाओं का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2014 से पहले हरियाणा में बहुत कम मेडिकल कॉलेज थे, जबकि आज अधिकांश जिलों में मेडिकल कॉलेज स्थापित हो चुके हैं और शेष जिलों में भी तेजी से कार्य चल रहा है। जिला अस्पतालों में भी निजी अस्पतालों जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार लगातार काम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार विकास कार्यों के साथ-साथ समाज में विश्वास और सकारात्मक वातावरण बनाने के लिए भी प्रतिबद्ध है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि पत्रकार अपनी निष्पक्ष, जिम्मेदार और रचनात्मक भूमिका निभाते हुए लोकतंत्र को और अधिक मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देते रहेंगे।
इस मौके पर सूचना जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के महानिदेशक श्री के मकरंद पांडुरंग, सीनियर जर्नलिस्ट्स फोरम चंडीगढ़ के चेयरमैन श्री एआर पराशर, प्रधान जगतार सिंह संधू, जनरल सेकेट्ररी केवल भारती, मुख्यमंत्री के ओएसडी श्री बी बी भारती, मीडिया सचिव श्री प्रवीण आत्रेय सहित अनेक वरिष्ठ पत्रकार मौजूद थे।
क्रमांक-2026
गन्नौर इंडिया इंटरनेशनल हॉर्टिकल्चर मार्केट प्रोजेक्ट को जल्द से जल्द करें पूरा : कृषि मंत्री श्री श्याम सिंह राणा
कहा , किसानों को बेहतर बाजार और वैश्विक स्तर पर अपने उत्पादों को बेचने का अवसर मिलेगा
चंडीगढ़ , 22 जुलाई -हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि इंडिया इंटरनेशनल हॉर्टिकल्चर मार्किट (आईआईएचएम) गनौर परियोजना राज्य में बागवानी क्षेत्र को नई दिशा देने वाली एक महत्वाकांक्षी पहल है, इससे किसानों को बेहतर बाजार, आधुनिक सुविधाएं और वैश्विक स्तर पर अपने उत्पादों को बेचने का अवसर मिलेगा।
श्री राणा आज चंडीगढ़ में हरियाणा राष्ट्रीय बागवानी विपणन निगम लिमिटेड, गन्नौर की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। इस बैठक में इंडिया इंटरनेशनल हॉर्टीकल्चर मार्केट से संबंधित मुख्यतः 6 प्रमुख एजेंडों पर गहन विचार-विमर्श किया गया।
कृषि मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस पूरे प्रोजेक्ट को जल्द से जल्द पूरा कर लिया जाए। उन्होंने कहा कि गन्नौर मंडी आने वाले समय में किसानों और व्यापारियों की पहली पसंद बनेगी। इसे किसानों और व्यापारियों के लिए एक अत्याधुनिक और विश्वस्तरीय बाजार के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का मुख्य उद्देश्य हरियाणा और आसपास के राज्यों के किसानों को उनकी फल, सब्जी और बागवानी उपज का उचित मूल्य दिलाना और बिचौलियों पर निर्भरता को खत्म करना है।
श्री राणा ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं से लैस होने के कारण यहाँ न केवल आधुनिक कोल्ड स्टोरेज, प्रोसेसिंग और पैकिंग की व्यवस्था होगी, बल्कि इलेक्ट्रॉनिक ट्रेडिंग और सुलभ लॉजिस्टिक्स के ज़रिए देश-विदेश के बड़े व्यापारी सीधे किसानों से जुड़ सकेंगे।
उन्होंने कहा कि 67 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा होने और इसी माह बिजनेस प्लान आवंटित होने के साथ ही यह मार्केट जल्द ही एक ग्लोबल ट्रेड हब के रूप में उभरेगी, जिससे किसानों की आय में बढ़ोतरी होगी और व्यापार को एक नया आयाम मिलेगा।
कृषि मंत्री ने शेष बचे कार्यों को भी जल्द से जल्द पूरा करने के सख्त निर्देश दिए। इसके साथ ही, मीटिंग में शेड नंबर 14 और फॉल्स सीलिंग से जुड़े महत्वपूर्ण एजेंडों को भी स्वीकृति प्रदान कर दी गई।
कृषि मंत्री को जानकारी दी गई कि प्रोजेक्ट को सुचारू और व्यावसायिक रूप से सफल बनाने के लिए बिजनेस प्लान तैयार करने हेतु निविदाएं (टेंडर) आमंत्रित की जा चुकी हैं, जिसे इसी माह के भीतर आवंटित कर दिया जाएगा।
इस बैठक में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री विजयेंद्र कुमार , कृषि विभाग के महानिदेशक श्री राजनारायण कौशिक ,निगम के प्रबंध निदेशक श्री अनीश यादव, मुख्य प्रशासक श्री धर्मेंद्र सिंह, वित्त विभाग के स्पेशल सचिव श्री मनोज कुमार और चीफ इंजीनियर श्री मोहिंद्र सिंह समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
क्रमांक -2026
जंगबीर सिंह
‘गृह नगर’ और ‘स्थायी पता’ दोनों अलग-अलग अवधारणाएं
हरियाणा सरकार ने कर्मचारियों के लिए स्पष्ट किए नियम
बदला जा सकेगा स्थायी पता, होम टाउन में नहीं होगा कोई बदलाव
चंडीगढ़, 22 जुलाई-हरियाणा सरकार ने एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक सुधार करते हुए सरकारी कर्मचारियों के ‘गृह नगर’ (होम टाउन) और ‘स्थायी पता’ के बीच स्पष्ट अंतर निर्धारित कर दिया है।
मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी द्वारा इस संबंध में जारी विस्तृत दिशा-निर्देशों से राज्य के सभी सरकारी विभागों एवं संस्थानों में तबादलों, नियुक्तियों और कार्मिक प्रबंधन में अधिक पारदर्शिता, एकरूपता और निष्पक्षता सुनिश्चित होगी।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि ‘गृह नगर’ और ‘स्थायी पता’ दोनों अलग-अलग अवधारणाएं हैं और आचरण नियमों तथा तबादला एवं नियुक्ति नीतियों के क्रियान्वयन के दौरान इन्हें एक-दूसरे का पर्याय नहीं माना जाएगा। दिशा-निर्देशों के अनुसार, किसी कर्मचारी का गृह नगर सामान्यतः वह गांव या शहर होगा, जहां वह सरकारी सेवा में नियुक्ति से पहले निवास करता था। यह वह स्थान भी हो सकता है, जहां कर्मचारी का परिवार वर्तमान में रहता हो, जहां कर्मचारी को पारिवारिक एवं सामाजिक दायित्वों के कारण नियमित रूप से जाना पड़ता हो, जहां कर्मचारी अथवा उसके परिवार की आवासीय संपत्ति हो या जहां उसके निकट संबंधी निवास करते हों।
निर्देशों में कर्मचारियों को सरकारी सेवा में आने के बाद नया स्थायी निवास चुनने की सुविधा भी दी गई है। यदि कोई कर्मचारी विवाह, परिवार के स्थानांतरण अथवा आवासीय संपत्ति खरीदने के बाद किसी नए स्थान पर स्थायी रूप से बस जाता है, तो सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति से वह उस स्थान को अपना स्थायी पता घोषित कर सकता है। हालांकि सरकार ने स्पष्ट किया है कि इससे कर्मचारी के रिकॉर्ड में दर्ज गृह नगर में कोई परिवर्तन नहीं माना जाएगा।
सरकार ने यह भी दोहराया है कि राजपत्रित अधिकारियों को सामान्यतः उनके गृह जिले में नियुक्त नहीं किया जाएगा। सरकार का मानना है कि अधिकारियों की उनके गृह नगर से बाहर तैनाती करने से रिश्तेदारों, मित्रों अथवा स्थानीय हितों के कारण पक्षपात, हितों के टकराव और अनुचित प्रभाव की संभावना कम होती है।
इससे विशेष रूप से भूमि, कराधान, कानून-व्यवस्था, विकास परियोजनाओं और सार्वजनिक धन से जुड़े संवेदनशील विभागों में निष्पक्षता, वस्तुनिष्ठता, पेशेवर आचरण और प्रशासनिक ईमानदारी सुनिश्चित होती है तथा सरकार के प्रति जनता का विश्वास भी मजबूत होता है।
यह भी स्पष्ट किया गया है कि कोई भी सरकारी कर्मचारी सेवा के दौरान अथवा सेवानिवृत्ति के बाद अपना स्थायी पता बदल सकता है, लेकिन उसके गृह नगर से संबंधित गृह जिला अपरिवर्तित रहेगा। साथ ही, जिन मामलों में सक्षम प्राधिकारी द्वारा पहले ही गृह नगर अथवा स्थायी पते में परिवर्तन की अनुमति दी जा चुकी है, उन्हें दोबारा नहीं खोला जाएगा।
मानव संसाधन विभाग द्वारा जारी ये निर्देश सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, मंडल आयुक्तों, उपायुक्तों, बोर्डों एवं निगमों के प्रबंध निदेशकों, विश्वविद्यालयों के कुलसचिवों तथा अन्य सरकारी संस्थानों को कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए भेजे गए हैं।
सरकार ने सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि जहां आवश्यक हो, इन निर्देशों को पूर्व में जारी दिशा-निर्देशों में संशोधन के रूप में लागू किया जाए तथा इनका अक्षरशः एवं भावना अनुसार पालन सुनिश्चित किया जाए। इन स्पष्टीकरणों से सर्विस रिकॉर्ड में व्याप्त भ्रम दूर होगा, विभिन्न विभागों में नियमों की एकरूप व्याख्या सुनिश्चित होगी तथा राज्य सरकार की प्रशासनिक व्यवस्था में निष्पक्षता, पारदर्शिता और कार्यकुशलता को और अधिक मजबूती मिलेगी।
क्रमांक-2026
प्रिंटिंग एवं स्टेशनरी विभाग में आधुनिक एवं नवीनतम तकनीक अपनाने की संभावनाएं तलाशी जाएँ – राज्यपाल
एफसीआई को हस्तांतरण तक खाद्यान्न का समुचित भंडारण एवं गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए – प्रो. असीम कुमार घोष
चंडीगढ़, 22 जुलाई – हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने कहा कि प्रदेश में प्रिंटिंग एवं स्टेशनरी विभाग के कार्यों को अधिक प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए आधुनिक एवं नवीनतम प्रौद्योगिकी को अपनाने की संभावनाओं पर विचार किया जाना चाहिए।
राज्यपाल ने आज यहाँ हरियाणा लोक भवन में उनसे शिष्टाचार भेंट करने आये प्रदेश के प्रिंटिंग एवं स्टेशनरी राज्य मंत्री श्री राजेश नागर के साथ शिष्टाचार भेंट के दौरान यह बात कही।
बैठक के दौरान राज्य मंत्री द्वारा राज्यपाल को प्रिंटिंग एवं स्टेशनरी विभाग की कार्यप्रणाली एवं गतिविधियों की जानकारी दी गई। उन्होंने विभागीय कार्यों में दक्षता बढ़ाने, सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार लाने तथा कार्यों के समयबद्ध निष्पादन के लिए आधुनिक तकनीक एवं नवाचार आधारित प्रणालियों को अपनाने पर भी बल दिया।
प्रो. असीम कुमार घोष ने श्री राजेश नागर, जिनके पास खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग का प्रभार भी है, के कार्यों की भी विस्तार से समीक्षा की। खाद्य सुरक्षा के महत्व पर बल देते हुए उन्होंने विभाग द्वारा खरीदे गए खाद्यान्न के भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के पूल में हस्तांतरण तक उसके समुचित भंडारण एवं रखरखाव को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खरीदे गए खाद्यान्न की गुणवत्ता एवं सुरक्षा बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक उपाय किए जाने चाहिए।
मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश सरकार खाद्य सुरक्षा एवं आवश्यक वस्तुओं की सुचारु उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध – राजेश नागर
श्री राजेश नागर ने राज्यपाल को अवगत कराया कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार नागरिकों को खाद्य सुरक्षा एवं आवश्यक वस्तुओं की सुचारु उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि विभाग न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर गेहूं एवं धान सहित विभिन्न खाद्यान्नों की खरीद, सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) का प्रभावी संचालन, पात्र लाभार्थियों को रियायती दरों पर खाद्यान्न उपलब्ध कराने तथा राज्यभर में आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने का दायित्व निभा रहा है।
बैठक में मंत्री ने राज्यपाल को सार्वजनिक वितरण प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ एवं पारदर्शी बनाने तथा आमजन तक सेवाओं की प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करने के लिए विभाग द्वारा किए जा रहे विभिन्न प्रयासों की भी जानकारी दी।
क्रमांक-2026


