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हर जरूरतमंद महिला और बच्चे तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता : मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी  

हर जरूरतमंद महिला और बच्चे तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता : मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

 

किराये के भवनों में चल रहे आंगनवाड़ी केंद्रों को प्राथमिकता के आधार पर सरकारी भवनों में किया जाए स्थानांतरित

 

चाइल्ड केयर इंस्टीट्यूशंस में बच्चों की शिक्षा, सुरक्षा, स्वास्थ्य और बेहतर वातावरण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश

चंडीगढ़, 25 सितंबर – हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश में किराये के भवनों में संचालित आंगनवाड़ी केंद्रों को प्राथमिकता के आधार पर अपने भवन उपलब्ध करवाने की दिशा में तेजी से कार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी भवनों का निर्माण शीघ्र करवाया जाए। इसके लिए सरकारी भूमि, विद्यालयों में उपलब्ध भूमि तथा अन्य उपयुक्त स्थानों को चिन्हित कर आंगनवाड़ी केंद्रों के निर्माण की संभावनाएं तलाशें।

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी शुक्रवार को चंडीगढ़ मे महिला एवं बाल विकास विभाग से संबंधित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती श्रुति चौधरी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री अरुण कुमार गुप्ता, महिला एवं बाल विकास की निदेशक डॉ. प्रियंका सोनी, मुख्यमंत्री के उप प्रधान सचिव श्री अजय कुमार सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

किराये के भवनों में चल रहे आंगनवाड़ी केंद्रों को प्राथमिकता

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन आंगनवाड़ी केंद्रों का संचालन किराये के भवनों में हो रहा है, उनके लिए भवन निर्माण को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि सरकारी जमीन के साथ-साथ विद्यालय परिसरों में उपलब्ध भूमि तथा ऐसी धर्मशालाओं की भी पहचान की जाए, जहां आंगनवाड़ी केंद्र संचालित किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि संबंधित अधिकारी और जनप्रतिनिधि आंगनवाड़ी भवनों के निर्माण के लिए उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करें।

महिला एवं किशोरी सम्मान योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को मिलें सैनिटरी पैड

मुख्यमंत्री ने महिला एवं किशोरी सम्मान योजना की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि पात्र बीपीएल महिलाओं एवं किशोरियों को गुणवत्तापूर्ण सैनिटरी पैड नि:शुल्क उपलब्ध करवाए जाएं। उन्होंने लाभार्थियों का उचित पंजीकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, जिसमें उनका पूरा नाम, फोन नंबर तथा आवश्यक विवरण दर्ज किया जाए और वितरण का उचित रिकॉर्ड रखा जाए।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में जन औषधि केंद्रों तथा संबंधित वितरण केंद्रों के माध्यम से स्कूलों में भी इन उत्पादों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। शहरी क्षेत्रों में भी जन औषधि केंद्रों और स्कूलों के माध्यम से सैनिटरी पैड उपलब्ध करवाने की व्यवस्था की जाए। उन्होंने आवश्यकतानुसार डिस्पेंसिंग मशीनें लगाने के निर्देश देते हुए कहा कि महिलाओं एवं किशोरियों को उपलब्ध करवाए जाने वाले सभी उत्पाद गुणवत्ता के मानकों पर खरे होने चाहिए।

मिशन वात्सल्य के तहत बच्चों के लिए बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित हों

मुख्यमंत्री ने मिशन वात्सल्य के तहत संचालित चाइल्ड केयर इंस्टीट्यूशंस की व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने जुवेनाइल जस्टिस फंड में बढ़ोतरी करने तथा चिल्ड्रन होम में सोलर पैनल लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि चिल्ड्रन होम के भवनों का रिनोवेशन और रखरखाव सही ढंग से किया जाए तथा बच्चों को बेहतर, सुरक्षित और सकारात्मक वातावरण उपलब्ध करवाया जाए।उन्होंने संबंधित अधिकारियों को चिल्ड्रन होम का नियमित निरीक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि वहां बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और अन्य आवश्यक सुविधाओं की नियमित समीक्षा होती रहे।

जुवेनाइल जस्टिस फंड में बढ़ोतरी के निर्देश

मुख्यमंत्री ने जुवेनाइल जस्टिस फंड को बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये करने के निर्देश दिए। इसके अलावा यौन अपराधों तथा पॉक्सो एक्ट के तहत पीड़ितों को तत्काल सामाजिक एवं वित्तीय सहायता उपलब्ध करवाने की राशि को बढ़ाकर 20 हजार रुपये से 50 हजार रुपये करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि पीड़ित बच्चों और उनके परिवारों को निर्धारित प्रावधानों के तहत समय पर सहायता मिले, इसके लिए पूरी प्रक्रिया को प्रभावी बनाया जाए।

चाइल्ड केयर इंस्टीट्यूशंस में शिक्षा की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान

मुख्यमंत्री ने चाइल्ड केयर इंस्टीट्यूशंस में रह रहे बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों के शैक्षणिक स्तर को बढ़ाने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की जाएं। उन्होंने दिव्यांग बच्चों को आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाने तथा जो बच्चे निजी स्कूलों में पढ़ना चाहते हैं, उनकी शिक्षा की समुचित व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि चाइल्ड केयर इंस्टीट्यूशंस में रहने वाले अनाथ बच्चों की शिक्षा और पालन-पोषण में सरकार की ओर से हरसंभव सहायता सुनिश्चित की जाए, ताकि वे बेहतर शिक्षा प्राप्त कर आत्मनिर्भर बन सकें।

क्रमांक  2026

सुमित चावला

हरियाणा सरकार का बड़ा कदम

 फल एवं सब्जियों की कीटनाशक जांच की सुविधा अब बिल्कुल मुफ्त — कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा

चंडीगढ़ , 25 सितंबर – हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने  बताया कि बागवानी किसानों के हित में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है।

उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार किसानों की आय बढ़ाने, उनकी उपज की गुणवत्ता सुधारने और आम जनमानस की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निरंतर काम कर रही है।

श्री राणा ने बताया कि हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने घोषणा की थी कि प्रदेश के बागवानी किसानों को फल और सब्जियों में कीटनाशक अवशेषों के विश्लेषण की नि:शुल्क जांच सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। अब यह कदम उसी घोषणा के अनुपालन में उठाया गया है।

कृषि मंत्री ने स्पष्ट किया कि यह सुविधा उद्यान विभाग हरियाणा की गुणवत्ता जांच प्रयोगशाला सिरसा तथा घरौंडा (करनाल) में प्रदान की जा रही है। एनएबीएल (NABL) द्वारा मान्यता प्राप्त इन प्रयोगशाला में किसान अपनी बागवानी उपज, मिट्टी और पानी के नमूनों की नि:शुल्क जांच करवा सकते हैं। इस प्रयोगशाला में कुल 10 प्रमुख कीटनाशकों (Metribuzin, Metalaxyl, Chlorpyrifos, Dicofol, Pendimethalin, Penconazole, Profenofos, Lambda-Cyhalothrin, Permethrin एवं Deltamethrin) के अवशेषों का अत्याधुनिक तकनीकों से सटीक विश्लेषण किया जाता है।

श्री श्याम सिंह राणा ने प्रदेश के किसानों से इस सुविधा का अधिकतम लाभ उठाने की अपील करते हुए कहा कि जांच हेतु आवेदन करने के लिए किसानों को मेरी फसल-मेरा ब्योरा पंजीकरण का विवरण, पहचान पत्र के रूप में आधार कार्ड, पैन कार्ड या वोटर आईडी, और अपना मोबाइल नंबर व ईमेल आईडी प्रयोगशाला में जमा कराना होगा। नमूने लेने एवं दस्तावेजों की प्रक्रिया के लिए किसान अपने संबंधित जिला उद्यान अधिकारी कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं। इस योजना का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बागवानी किसान अपनी उपज में कीटनाशकों के सही उपयोग को समझकर गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा में सुधार ला सकें।

क्रमांक -2026

 जंगबीर सिंह

खेल स्टेडियमों के सुदृढ़ीकरण के लिए राज्य सरकार ने जारी की 114 करोड़ रुपये की राशि-खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए सरकार द्वारा चलाई जा रही हैं विभिन्न जनकल्याणकारी खेल नीतियां:खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम

 

लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक में खेल राज्य मंत्री ने सुनीं जन समस्याएं, 13 परिवादों में से 11 का मौके पर ही किया गया निपटारा

 

चंडीगढ़, 25 सितंबर- हरियाणा के खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य को ध्यान में रखते हुए खेल सुविधाओं को लगातार मजबूत किया जा रहा है। इसी कड़ी में खेल स्टेडियमों के सुदृढ़ीकरण एवं सुधारीकरण के लिए राज्य सरकार द्वारा फिलहाल 114 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई है। लोक निर्माण (भवन एवं सड़कें) विभाग द्वारा इस राशि के माध्यम से विभिन्न खेल स्टेडियमों में आवश्यक सुधार एवं विकास कार्य करवाए जा रहे हैं।

खेल राज्य मंत्री शुक्रवार को जींद के डीआरडीए सभागार में आयोजित जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए विभिन्न विभागों से संबंधित परिवादों की सुनवाई कर रहे थे। बैठक में 13 शिकायतें एवं परिवाद समाधान के लिए रखे गए, जिनमें से 11 शिकायतों का मौके पर ही निपटारा किया गया। शेष परिवादों के संबंध में संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही करने तथा निर्धारित प्रक्रिया के तहत समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

खेल राज्य मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है कि युवाओं को बेहतर खेल सुविधाएं उपलब्ध करवाने के साथ-साथ उन्हें अपनी प्रतिभा निखारने के लिए उचित अवसर मिलें। प्रदेश सरकार द्वारा खिलाड़ियों के हित में विभिन्न जनकल्याणकारी एवं खेल नीतियां लागू की जा रही हैं, ताकि ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिल सके। उन्होंने कहा कि जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति का मुख्य उद्देश्य आमजन की समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है। समिति की बैठकों में नागरिक अपनी समस्याएं सीधे प्रशासन के समक्ष रखते हैं और संबंधित विभागों के अधिकारियों से उनकी स्थिति एवं समाधान की जानकारी ली जाती है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि समिति के समक्ष आने वाले प्रत्येक परिवाद का गंभीरता से अध्ययन किया जाए और निर्धारित समय सीमा के भीतर उसका समाधान सुनिश्चित किया जाए।

खेल राज्य मंत्री श्री गौरव गौतम ने कहा कि सभी विभागों की यह सामूहिक जिम्मेदारी है कि किसी भी नागरिक को अपनी समस्या के समाधान के लिए अनावश्यक रूप से सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। जनहित से जुड़े मामलों को अधिकारी प्राथमिकता के आधार पर लें तथा शिकायतों के समाधान में संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ कार्य करें।

उन्होंने कहा कि शिकायतों का समयबद्ध समाधान होने से आमजन को राहत मिलेगी और प्रशासन के प्रति उनका विश्वास और अधिक मजबूत होगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि समिति की आगामी बैठक से पहले लंबित मामलों की प्रगति रिपोर्ट तैयार कर प्रस्तुत की जाए। उन्होंने कहा कि जिन मामलों का समाधान विभागीय स्तर पर संभव है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए और शिकायतकर्ता को भी कार्रवाई की स्थिति से अवगत करवाया जाए।

बैठक में डीसी डॉ. वैशाली शर्मा, पुलिस अधीक्षक कुलदीप सिंह, समाज कल्याण बोर्ड के चेयरमैन कैप्टन योगेश बैरागी, तेजेन्द्र ढूल, एसडीएम उचाना सुमन यादव, डीएमसी अनिल दून, एसडीएम जींद सत्यवान सिंह मान और एसडीएम नरवाना जगदीश चन्द्र सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी व समिति के गैर- सरकारी सदस्य मौजूद रहे।

क्रमांक-2026

विजय गाहल्याण

भावांतर भरपाई योजना के साथ हरियाणा के किसानों को बाजरे का 2900 रुपये प्रति क्विंटल भाव मिलेगा: मुख्यमंत्री

 

मुख्यमंत्री ने की बाजरा व धान खरीद कार्यों की समीक्षा की

 

अन्य राज्यों से बाजरा लाकर हरियाणा में बेचने की कोशिशों पर सख्ती से लगाम लगाने के निर्देश दिए

चंडीगढ़, 25 सितंबर। हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा के किसानों को भावांतर भरपाई योजना के अंतर्गत बाजरे के लिए प्रति क्विंटल 2900 रुपये का भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अन्य राज्यों से बाजरा लाकर हरियाणा में बेचने की कोशिशों पर सख्ती से लगाम लगाई जाए।

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने यह निर्देश शुक्रवार को बाजरा व धान खरीद के लिए आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए दिए। उन्होंने मेरी फसल-मेरा ब्यौरा के तहत एरिया वैरिफिकेशन, राइस मिलर्स का पंजीकरण तथा बाजरा व धान खरीद के लिए मंडियों में आवश्यक प्रबंधों तथा आवश्यकता अनुसार अतिरिक्त खरीद केंद्रों की व्यवस्था करने के संबंध में भी अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में खाद्य-आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले राज्यमंत्री श्री राजेश नागर व मुख्यमंत्री के ओएसडी श्री वीरेंद्र बढ़खालसा भी उपस्थित थे।

अधिकारियों ने बताया कि पिछले वर्ष बाजरा खरीद के लिए सरकार द्वारा पहले 2150 व बाद में 2200 रुपये की दरें निर्धारित की गई थी। सरकार व आढतियों के खरीद मूल्य तथा एमएसपी (2900 रुपये) के बीच के अंतर की भरपाई सरकार द्वारा अलग से की गई थी। इस वर्ष खुले बाजार में बाजरा 2235 रुपये प्रति क्विंटल की औसत दर पर बिक रहा है।

इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि हरियाणा के किसानों को बाजरे के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य 2900 रुपये प्रति क्विंटल मिले। उन्होंने कहा कि इस बार सरकार द्वारा 2300 रुपये प्रति क्विंटल की दर से बाजरा खरीदा जाएगा। यदि किसानों को खुले बाजार में इससे अधिक भाव मिलता है तो इसके बिक्री मूल्य व न्यूनतम समर्थन मूल्य (2900 रुपये) के बीच के अंतर की भरपाई सरकार द्वारा की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अन्य पड़ोसी राज्यों में बाजरा हरियाणा के मुकाबले बहुत कम मूल्य पर बिकता है, इसलिए पड़ोसी राज्यों से हरियाणा में लाकर बाजरा बेचने के प्रयासों पर सख्ती से निपटा जाएगा। उन्होंने कहा कि पड़ोसी राज्यों की सीमा पर जिला प्रशासन व पुलिस की मदद से यह सुनिश्चित किया जाए कि अन्य राज्यों का बाजरा हरियाणा में न आने दिया जाए। उन्होंने कहा कि बाजरा खरीद व भावांतर भरपाई का कार्य मेरी फसल-मेरा ब्यौरा में दर्ज रिकॉर्ड तथा जारी किए गए जे-फार्म के आधार पर सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को एरिया वेरीफिकेशन का कार्य भी प्राथमिकता के आधार पर करवाने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने धान खरीद के लिए किए जा रहे प्रबंधों की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सभी जिलों में राइस मिलर्स का रजिस्ट्रेशन किया जाए। पूर्व में जो राइस मिलर्स गड़बड़ियां करते पाए गए हैं उनका रजिस्ट्रेशन नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिन जिलों में कम राइस मिलर्स पंजीकृत होंगे उन जिलों का धान अन्य जिलों के राइस मिलर्स को दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने जरूरत पड़ने पर अन्य राज्यों के राइस मिलर्स के रजिस्ट्रेशन की संभावनाएं तलाशने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बाजरा व धान खरीद के लिए मंडियों में सभी आवश्यक प्रबंध समय रहते पूरे कर लिए जाएं ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने सभी अनाज मंडियों में कैमरे आदि लगाने, जीओ फेंसिंग करवाने तथा आवश्यकता अनुसार अतिरिक्त खरीद केंद्रों की स्थापना और किसानों को दी जाने वाली सुविधाओं की भी समीक्षा की तथा इनके संबंध में अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री अरुण गुप्ता, कृषि विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री विजयेंद्र कुमार, खाद्य आपूर्ति विभाग की प्रधान सचिव श्रीमती अमनीत पी कुमार, निदेशक श्री अंशज सिंह तथा मुख्यमंत्री के उप-प्रधान सचिव डॉ. यशपाल सिंह सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।

क्रमांक – 2026

पद्मश्री डॉ. संतराम देशवाल की पुस्तक ‘भारतीय संस्कृति की अवधारणा’ का हुआ विमोचन

 

डीपीआर हरियाणा ने साहित्यकार डॉ. देशवाल की नई कृति का किया अनावरण, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में साहित्य की भूमिका को बताया अहम

चंडीगढ़, 25 सितंबर- सूचना, जनसंपर्क, भाषा एवं संस्कृति विभाग, हरियाणा के निदेशक डॉ. आदित्य दहिया ने शुक्रवार को अपने सिविल सचिवालय, चंडीगढ़ स्थित कार्यालय में पद्मश्री एवं वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. संतराम देशवाल द्वारा लिखित पुस्तक ‘भारतीय संस्कृति की अवधारणा’ का विधिवत विमोचन किया। इस अवसर पर उन्होंने डॉ. देशवाल को नई साहित्यिक कृति के प्रकाशन पर बधाई देते हुए उनके दीर्घकालिक साहित्यिक व सांस्कृतिक योगदान की सराहना की।

इस मौके पर डॉ. आदित्य दहिया ने कहा कि भारतीय संस्कृति केवल प्राचीन परंपराओं का परिचय मात्र नहीं है, बल्कि यह हमारे जीवन-मूल्यों, सामाजिक चेतना और राष्ट्रीय पहचान की सुदृढ़ आधारशिला है। साहित्य इन मूल्यों को पीढ़ी-दर-पीढ़ी हस्तांतरित करने का सबसे सशक्त माध्यम है। साहित्यकार अपनी लेखनी के माध्यम से समाज की स्मृतियों, अनुभवों और सांस्कृतिक धरोहर को संजोने का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं।

उन्होंने कहा कि भारत की सांस्कृतिक परंपरा विविधता में एकता, सह-अस्तित्व, मानवीय मूल्यों, लोकजीवन और सामाजिक समरसता की समृद्ध विरासत को समेटे हुए है। समकालीन दृष्टि से लिखी गई यह कृति पाठकों को अपनी जड़ों से जोड़ने और युवा पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत को गहराई से समझने का अवसर प्रदान करेगी।

 पुस्तक में भारतीय संस्कृति के विविध आयामों, परंपराओं और सामाजिक मूल्यों पर केंद्रित 20 विचारोत्तेजक निबंध संकलित हैं। यह कृति बदलते समय में सांस्कृतिक प्रासंगिकता को रेखांकित करते हुए समृद्ध परंपरा और समकालीन चिंतन के बीच सार्थक संवाद स्थापित करती है।

 यह पुस्तक विद्यार्थियों, शोधार्थियों, साहित्य प्रेमियों और भारतीय संस्कृति में रुचि रखने वाले पाठकों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी।

लेखक पद्मश्री डॉ. संतराम देशवाल ने अपनी लेखन यात्रा साझा करते हुए बताया कि साहित्य और संस्कृति के प्रति उनका जुड़ाव उन्हें निरंतर प्रेरित करता रहा है। उनकी अब तक करीब तीन दर्जन (36) पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं, जिनमें हरियाणवी साहित्य, लोक संस्कृति, भाषा, कविता, ग़ज़ल, यात्रा-वृत्तांत, जीवनी, अनुवाद और समीक्षा जैसे विविध विषय शामिल हैं।

उल्लेखनीय है कि डॉ. देशवाल की दो पुस्तकों को ‘हरियाणा साहित्य अकादमी’ के श्रेष्ठ कृति पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। इसके अलावा, साहित्य में उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें राज्य के सर्वोच्च साहित्यिक सम्मानों में शामिल ‘महाकवि सूरदास आजीवन साहित्य साधना सम्मान’ तथा ‘जनकवि मेहर सिंह पुरस्कार’ से भी नवाजा गया है।

इस अवसर पर सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के संयुक्त निदेशक (प्रशासन) श्री मानव मलिक तथा परियोजना निदेशक डॉ. पवन आर्य भी मौजूद रहे।

क्रमांक-2026

*राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने पंडित दीन दयाल उपाध्याय की जयंती पर अर्पित की पुष्पांजलि*

चंडीगढ़, 25 सितंबर –  हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने आज यहां लोक भवन में पंडित दीन दयाल उपाध्याय की जयंती के अवसर पर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।

पंडित दीन दयाल उपाध्याय के सार्वजनिक जीवन में योगदान को स्मरण करते हुए राज्यपाल ने उनके ‘अंत्योदय’ के विचार पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि अंत्योदय का मूल भाव समाज के सबसे गरीब, वंचित और जरूरतमंद वर्गों का उत्थान एवं कल्याण सुनिश्चित करना है ताकि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके।

राज्यपाल ने कहा कि पंडित दीन दयाल उपाध्याय के विचार और आदर्श आज भी समावेशी विकास तथा समाज के प्रत्येक वर्ग के कल्याण के लिए किए जा रहे प्रयासों को निरंतर प्रेरणा प्रदान करते हैं।

क्रमांक – 2026

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