चंडीगढ़:
साइबर एक्सपर्ट और सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता सागर पंघाल ने कहा कि देश में साइबर क्राइम अब महामारी का रूप ले चुका है और इसका नेटवर्क गांव-गांव तक फैल गया है। चंडीगढ़ में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने साइबर अपराध से जुड़े कई गंभीर और चौंकाने वाले खुलासे किए।
सागर पंघाल ने कहा कि बढ़ती बेरोजगारी के कारण कई लोग आसान पैसे के लालच में साइबर अपराध की ओर आकर्षित हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस नेटवर्क में अब केवल युवा ही नहीं बल्कि महिलाएं और किशोर भी शामिल हो चुके हैं। कई मामलों में पूरा परिवार ही साइबर ठगी के धंधे का हिस्सा बन जाता है।
उन्होंने दावा किया कि कंबोडिया और ओमान जैसे देश साइबर क्राइम नेटवर्क के बड़े हब बन चुके हैं, जहां से भारतीयों को निशाना बनाया जाता है। उनके अनुसार गांवों में बैठे लोग भी विदेशी सिम कार्ड आसानी से एक्टिवेट करवा लेते हैं और ऑनलाइन ठगी के जरिए हासिल किए गए पैसे को यूएसडीटी जैसी डिजिटल करेंसी में बदलकर विदेशी खातों में ट्रांसफर कर देते हैं।
सागर पंघाल ने बताया कि यूएसडीटी एक स्थिर डिजिटल मुद्रा है, जिसका इस्तेमाल क्रिप्टो ट्रेडिंग में किया जाता है। साइबर अपराधी इस माध्यम का उपयोग पैसे के ट्रांजैक्शन को छिपाने के लिए करते हैं। उन्होंने कहा कि रोजाना करोड़ों रुपये इस नेटवर्क के जरिए विदेश भेजे जा रहे हैं।
उन्होंने यह भी खुलासा किया कि कई लोन एजेंट भी इस नेटवर्क का हिस्सा बने हुए हैं। लोन प्रक्रिया के दौरान ग्राहक की बैंक अकाउंट किट कुछ समय के लिए अपने पास रख ली जाती है और उसी खाते का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम पार्क करने के लिए किया जाता है। बाद में जब पुलिस जांच करती है तो कई निर्दोष लोग भी आरोपी बन जाते हैं और उन्हें अदालतों के चक्कर काटने पड़ते हैं।
सागर पंघाल ने कहा कि वे लगातार लोगों को जागरूक करने का काम कर रहे हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी अनजान लिंक, पीडीएफ फाइल या व्हाट्सएप ग्रुप से दूरी बनाए रखें। इसके साथ ही वे पुलिस कर्मियों के लिए भी साइबर क्राइम से निपटने को लेकर ट्रेनिंग वर्कशॉप आयोजित कर रहे हैं।
उन्होंने दावा किया कि अब तक वे साइबर ठगी के शिकार सैकड़ों लोगों के करोड़ों रुपये वापस दिलाने में मदद कर चुके हैं।
News By: Priyanka Thakur


