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पंजाब विधानसभा में पेपर लीक पर निंदा प्रस्ताव पारित, जेन-ज़ी के समर्थन में उतरी मान सरकार | 24 Ghante News

पंजाब विधानसभा में पेपर लीक के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित, जेन-ज़ी के समर्थन में उतरी मान सरकार

Priyanka Thakur | www.24ghantenews.com

चंडीगढ़, 3 अगस्त 2026: पंजाब विधानसभा ने देशभर में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों के खिलाफ जुबानी वोट से निंदा प्रस्ताव पारित किया। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने विधानसभा में कहा कि पंजाब सरकार जेन-ज़ी और देश के युवाओं के साथ मजबूती से खड़ी है तथा शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करने वाली घटनाओं के खिलाफ हर स्तर पर आवाज उठाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार के कार्यकाल में बार-बार पेपर लीक की घटनाओं से करोड़ों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि पेपर लीक के खिलाफ आवाज उठाने वाले छात्रों को न्याय मिलने के बजाय अश्रु गैस, पैलेट गन और पुलिस कार्रवाई का सामना करना पड़ा, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि पंजाब विधानसभा द्वारा पारित निंदा प्रस्ताव प्रधानमंत्री कार्यालय, केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय और केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजा जाएगा। इसमें केंद्र सरकार से देश की परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की जाएगी। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए हर संभव सहयोग देने को तैयार है।

बहस के दौरान मुख्यमंत्री ने दावा किया कि वर्ष 2014 से अब तक देश में 93 पेपर लीक की घटनाएं हुईं, जबकि पंजाब में उनकी सरकार के साढ़े चार वर्षों के कार्यकाल में एक भी पेपर लीक नहीं हुआ। उन्होंने स्पष्ट किया कि कुछ परीक्षाओं में तकनीक आधारित नकल के मामले सामने आए थे, लेकिन उन्हें पंजाब पुलिस ने समय रहते पकड़कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की। उन्होंने कहा कि नकल और पेपर लीक दो अलग-अलग अपराध हैं और इन्हें जानबूझकर एक जैसा दिखाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब में सरकारी नौकरियां पूरी तरह मेरिट के आधार पर दी जा रही हैं और अब तक 68 हजार से अधिक युवाओं को पारदर्शी तरीके से सरकारी रोजगार दिया जा चुका है। उन्होंने कहा कि राज्य की शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार किए गए हैं, जिनके परिणामस्वरूप पंजाब स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हुआ है।

उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों के छात्रों ने राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन किया है और नीति आयोग की रिपोर्ट में भी पंजाब को प्राथमिक और मिडिल स्कूल शिक्षा में शीर्ष स्थान मिला है। शिक्षकों के प्रशिक्षण, स्मार्ट क्लासरूम और आधुनिक शिक्षा प्रणाली के कारण शिक्षा का स्तर लगातार बेहतर हुआ है।

मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार से मांग की कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर दर्ज सभी मामले वापस लिए जाएं तथा पेपर लीक से प्रभावित होकर आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए। उन्होंने कहा कि युवाओं का भविष्य सुरक्षित रखना सरकारों की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।

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