लुधियाना प्रॉपर्टी डीलर हत्याकांड में दो आरोपी गिरफ्तार, ग्लॉक पिस्तौल और कारतूस बरामद
चंडीगढ़/लुधियाना, 11 अगस्त: लुधियाना के प्रॉपर्टी डीलर हरजिंदर सिंह उर्फ हैरी झंडा की हत्या के मामले में पंजाब पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) ने लुधियाना कमिश्नरेट पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए हत्याकांड में वांछित दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 9 एमएम ग्लॉक पिस्तौल और जिंदा कारतूस बरामद किया गया है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मनजीत सिंह उर्फ बॉबी और मोहित कुमार के रूप में हुई है। दोनों लुधियाना की चंद्रलोक कॉलोनी के रहने वाले हैं। पुलिस के अनुसार दोनों को टिब्बा इलाके से गिरफ्तार किया गया।
पुलिस महानिदेशक गौरव यादव ने बताया कि पंजाब पुलिस राज्य में संगठित अपराध और गैंगस्टर नेटवर्क के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा कि पंजाब को सुरक्षित राज्य बनाने के लिए अपराधियों और गैंगस्टर नेटवर्क के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।
जानकारी के मुताबिक, 7 अगस्त 2026 की रात करीब 11:30 बजे लुधियाना के सुतंत्र नगर इलाके में कई हथियारबंद लोगों ने हरजिंदर सिंह उर्फ हैरी झंडा पर हमला कर दिया था। हमलावरों के पास पिस्तौल और धारदार हथियार थे। हमले में हरजिंदर सिंह की मौत हो गई थी।
डीजीपी गौरव यादव के अनुसार, प्रारंभिक जांच में गिरफ्तार आरोपी मनजीत सिंह उर्फ बॉबी का आपराधिक रिकॉर्ड सामने आया है। पुलिस के मुताबिक उसके खिलाफ इरादा-ए-कत्ल और एनडीपीएस एक्ट सहित कई मामले दर्ज हैं। पुलिस का यह भी कहना है कि वह लुधियाना शहर के इलाके में एक स्थानीय गैंग चला रहा था।
एजीटीएफ के एडीजीपी प्रमोद बान ने बताया कि पुलिस टीमों को हत्याकांड में वांछित आरोपियों के ठिकानों के बारे में पुख्ता खुफिया जानकारी मिली थी। इस जानकारी को तकनीकी सेल के साथ साझा किया गया और आरोपियों की गतिविधियों पर निगरानी रखी गई।
तकनीकी जानकारी के आधार पर इंस्पेक्टर विक्रमजीत सिंह के नेतृत्व में एजीटीएफ टीम ने लुधियाना कमिश्नरेट पुलिस के साथ मिलकर कार्रवाई की और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
लुधियाना के पुलिस आयुक्त स्वपन शर्मा ने बताया कि वारदात में शामिल अन्य आरोपियों की पहचान भी कर ली गई है। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।
इस मामले में थाना टिब्बा में बीएनएस की धाराओं 103, 324(4), 307, 191(3) और 190 तथा शस्त्र अधिनियम की धाराओं 25 और 27 के तहत एफआईआर नंबर 182, दिनांक 8 अगस्त 2026 को दर्ज की गई है। पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है।


