पीपीसीबी के ‘मिशन क्लीन पटियाला’ के तहत 13.79 टन कचरा हटाया गया; गतिविधियों की निगरानी के लिए डैशबोर्ड लॉन्च, बेहतर प्रदर्शन करने वाली संस्थाओं को किया गया सम्मानित
पटियाला में ‘प्लास्टिक-फ्री लंच’ अभियान की भी शुरुआत
चंडीगढ़ / पटियाला 30 सितंबर
पटियाला को स्वच्छ और सुंदर बनाने के प्रयासों को और मजबूत करते हुए पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीपीसीबी) ने अप्रैल 2026 में पीपीसीबी की चेयरपर्सन रीना गुप्ता के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में शुरू किए गए निरंतर स्वच्छता एवं सौंदर्यीकरण अभियान ‘मिशन क्लीन पटियाला’ के दो चरण सफलतापूर्वक पूरे कर लिए हैं।
इस अवसर पर पीपीसीबी की चेयरपर्सन रीना गुप्ता और पूजा स्याल ग्रेवाल, कमिश्नर, नगर निगम पटियाला ने नियमित गतिविधियों की निगरानी के लिए एक डैशबोर्ड का उद्घाटन किया। साथ ही, प्लास्टिक के उपयोग को कम करने के उद्देश्य से ‘प्लास्टिक-फ्री लंच’ अभियान की शुरुआत भी की गई।
‘मिशन क्लीन एयर पटियाला’ के तहत चलाए जा रहे ‘मिशन क्लीन पटियाला’ अभियान में अब तक 50 से अधिक संस्थानों ने भाग लिया है। इनमें प्रमुख/भागीदार और सहयोगी संस्थान शामिल हैं। अब तक 72 गतिविधियां आयोजित की जा चुकी हैं, जिनमें स्वच्छता, जागरूकता और पौधारोपण से संबंधित गतिविधियां शामिल हैं।
डैशबोर्ड के अनुसार अब तक 13,790 किलोग्राम (13.79 टन) कचरा हटाया गया, 800 पौधे लगाए गए और 1,814 स्वयंसेवकों ने अभियान में भाग लिया। इनमें विद्यार्थी, शिक्षक, गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ), अधिकारी और स्थानीय निवासी शामिल हैं।
इस अभियान ने शैक्षणिक संस्थानों, सरकारी संगठनों, एनजीओ और नागरिकों को एक साथ जोड़ते हुए सार्वजनिक स्थानों की स्वच्छता और देखभाल के प्रति सामुदायिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत किया है। भाग लेने वाले संस्थानों द्वारा सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से भी स्वच्छता और पर्यावरणीय जिम्मेदारी के संदेश को लोगों तक पहुंचाया जा रहा है।
पीपीसीबी की चेयरपर्सन रीना गुप्ता ने कहा:
“‘मिशन क्लीन पटियाला’ का मुख्य उद्देश्य सबसे पहले हमारे शहर को स्वच्छ बनाना और सड़कों व सार्वजनिक स्थानों के प्रति जिम्मेदारी की भावना पैदा करना है। स्कूलों, कॉलेजों, सरकारी संस्थानों, एनजीओ और नागरिकों से जेनरेशन जेड, मिलेनियल्स और जेनरेशन एक्स सहित विभिन्न पीढ़ियों की उत्साहजनक भागीदारी यह दर्शाती है कि जब समुदाय सार्वजनिक स्थानों की जिम्मेदारी स्वयं लेता है, तो स्वच्छता के प्रयास अधिक प्रभावी और टिकाऊ बनते हैं। हमारा प्रयास है कि ये गतिविधियां केवल व्यक्तिगत अभियानों तक सीमित न रहें, बल्कि नागरिक और पर्यावरणीय जिम्मेदारी का नियमित हिस्सा बनें।”
अभियान के अगले चरण के रूप में पीपीसीबी ने स्कूलों और कॉलेजों के लिए ‘प्लास्टिक-फ्री लंच’ पहल शुरू की है। इसके तहत संस्थानों को लंच बॉक्स और लंच से संबंधित अन्य सामग्री में प्लास्टिक के उपयोग को कम करने वाली व्यवस्थाएं अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इस पहल को सफलतापूर्वक लागू करने वाले संस्थानों को अभियान के तहत सम्मानित किया जाएगा।
पीपीसीबी द्वारा भाग लेने वाले संस्थानों के सहयोग से सड़कों की स्वच्छता के लिए अभियान जारी रखे जाएंगे और उनके प्रदर्शन की हर तिमाही समीक्षा की जाएगी। सालाना आधार पर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले संस्थान को राज्य स्तरीय शहीद भगत सिंह पुरस्कार के लिए अनुशंसित किया जाएगा। इसका उद्देश्य संस्थानों को पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी गतिविधियों को निरंतर जारी रखने और स्वच्छ शहर के निर्माण में योगदान देने के लिए प्रोत्साहित करना है।
इन पहलों के माध्यम से ‘मिशन क्लीन पटियाला’ का उद्देश्य स्वच्छ सड़कों, जिम्मेदार कचरा प्रबंधन, हरित सार्वजनिक स्थानों और बेहतर वायु गुणवत्ता के बीच एक निरंतर संबंध स्थापित करना है।
रीना गुप्ता ने आगे कहा कि कूड़ा फैलाने से रोकना और कचरे का उचित प्रबंधन सुनिश्चित करना वायु गुणवत्ता के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि जमा हुआ कचरा अंततः खुले में जलाए जाने का कारण बन सकता है, जिससे हानिकारक प्रदूषक वायुमंडल में फैलते हैं। उन्होंने स्वच्छता प्रयासों के साथ-साथ अधिक जागरूकता, वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करने और हरियाली बढ़ाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया, ताकि सामूहिक प्रयासों से पटियाला को स्वच्छ और स्वस्थ बनाया जा सके।
पीपीसीबी ने ‘मिशन क्लीन पटियाला’ में योगदान देने वाले सभी भागीदार संस्थानों, सरकारी संगठनों, एनजीओ, शैक्षणिक संस्थानों, विद्यार्थियों, स्वयंसेवकों और नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त किया।
बोर्ड द्वारा अपनी चेयरपर्सन के नेतृत्व में इस अभियान को आगे भी मजबूत किया जाता रहेगा। इसका मुख्य उद्देश्य पटियाला को स्वच्छ बनाए रखना और स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण में समुदाय की निरंतर भागीदारी सुनिश्चित करना है।
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