CJI सूर्यकांत ने पंजाब में युवा सुधार एवं पुनर्वास अभियान की शुरुआत की, नशा मुक्त भविष्य पर रहेगा फोकस
By Priyanka Thakur | www.24ghantenews.com
चंडीगढ़, 18 जुलाई: भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने पंजाब में युवा सुधार एवं पुनर्वास अभियान का शुभारंभ किया। यह राज्य स्तरीय पहल युवाओं को नशे की लत से बाहर निकालने, उनका उपचार कराने और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से शुरू की गई है। अभियान का उद्घाटन पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश और उच्च न्यायालय के अन्य न्यायाधीशों की उपस्थिति में किया गया।
पंजाब राज्य कानूनी सेवा प्राधिकरण (पीएसएलएसए) के अनुसार यह विशेष त्रैमासिक अभियान 18 जुलाई से 31 अक्टूबर 2026 तक राज्य के सभी जिला कानूनी सेवा प्राधिकरणों (डीएलएसए) के माध्यम से मिशन मोड में चलाया जाएगा। अभियान का उद्देश्य नशे से प्रभावित युवाओं को उपचार, परामर्श और पुनर्वास की सुविधाएं उपलब्ध कराकर उन्हें सामान्य जीवन में वापस लाना है।
प्राधिकरण के प्रवक्ता ने बताया कि इस अभियान के दौरान नशे के शिकार युवाओं की पहचान कर उन्हें सम्मानजनक तरीके से सहायता प्रदान की जाएगी। उपचार तक आसान पहुंच सुनिश्चित करने के साथ-साथ उन्हें नशा मुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। लाभार्थियों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी ताकि उनकी निजता और सम्मान सुरक्षित रहे।
अभियान को तीन चरणों में लागू किया जाएगा। पहले चरण में 18 से 31 जुलाई तक संस्थागत तैयारी, क्षमता निर्माण, जिला स्तर पर मैपिंग तथा संवेदनशील क्षेत्रों और प्रभावित व्यक्तियों की पहचान की जाएगी। दूसरे चरण में 1 से 30 सितंबर तक जिला कानूनी सेवा प्राधिकरणों के माध्यम से स्वैच्छिक परामर्श, पारिवारिक काउंसलिंग तथा जरूरतमंद युवाओं को सरकारी नशा मुक्ति केंद्रों में भेजने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
तीसरे चरण में 1 से 31 अक्टूबर तक उपचार के बाद पुनर्वास और फॉलो-अप पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। ठीक हो चुके युवाओं को दोबारा नशे की ओर लौटने से रोकने के लिए उन्हें स्कूलों, कॉलेजों, व्यावसायिक प्रशिक्षण संस्थानों, कौशल विकास कार्यक्रमों, रोजगार एक्सचेंज, खेल गतिविधियों और योग जैसी सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ा जाएगा।
इस अभियान को सफल बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग, जेल विभाग, शिक्षा एवं कौशल विकास एजेंसियां, पुलिस, नागरिक समाज और विभिन्न सामाजिक संगठनों का सहयोग लिया जाएगा। पंजाब राज्य कानूनी सेवा प्राधिकरण ने स्पष्ट किया कि यह पहल केवल अक्टूबर तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसे दीर्घकालिक अभियान के रूप में प्रत्येक तिमाही में दोहराया जाएगा।
प्राधिकरण ने माता-पिता, शिक्षकों, युवा संगठनों और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील करते हुए कहा कि सामूहिक प्रयासों से ही नशा मुक्त और स्वस्थ पंजाब का निर्माण संभव है।


