पंजाब सरकार का बड़ा एक्शन: VAT-GST डिफॉल्टरों की संपत्तियों की नीलामी शुरू, करोड़ों रुपये की वसूली
चंडीगढ़, 19 जून 2026: पंजाब सरकार ने लंबे समय से कर बकाया रखने वाले VAT और GST डिफॉल्टरों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। राज्य के वित्त, योजना, कर एवं आबकारी मंत्री Harpal Singh Cheema ने घोषणा की कि आबकारी एवं कर विभाग ने सार्वजनिक नीलामी के माध्यम से डिफॉल्टरों की संपत्तियों की बिक्री शुरू कर दी है, जिससे करोड़ों रुपये के बकाया राजस्व की वसूली की जा रही है।
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि इस अभियान के तहत पहली बड़ी सफलता मोहाली में मिली, जहां डिफॉल्टर फर्म मैसर्स सुमित इंजीनियरिंग की संपत्ति 13.22 करोड़ रुपये में नीलाम की गई। इसके अलावा शाहकोट (जालंधर) स्थित मैसर्स एम.आर. राइस मिल्स की संपत्ति की नीलामी से 1.11 करोड़ रुपये की राशि प्राप्त हुई।
उन्होंने बताया कि सफल बोलीदाताओं द्वारा 3.58 करोड़ रुपये की राशि तत्काल सरकारी खजाने में जमा करवा दी गई है, जबकि शेष भुगतान नियमानुसार आगामी दिनों में जमा कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई कर कानूनों को सख्ती से लागू करने और सरकारी राजस्व की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि राज्य सरकार की यह कार्रवाई विशेष रूप से उन पुराने कर डिफॉल्टरों के खिलाफ की जा रही है जिन्होंने बार-बार अवसर दिए जाने के बावजूद अपने बकाये का भुगतान नहीं किया और एकमुश्त निपटान (OTS) योजना का लाभ भी नहीं उठाया।
करदाताओं को राहत देते हुए वित्त मंत्री ने घोषणा की कि पंजाब सरकार ने एकमुश्त निपटान (OTS) योजना की अवधि बढ़ाकर 31 जुलाई 2026 तक कर दी है। उन्होंने कहा कि यह योजना बकाया VAT देनदारियों वाले व्यापारियों और करदाताओं को अपने विवादों का आसान और पारदर्शी तरीके से समाधान करने का अंतिम अवसर प्रदान करती है।
वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य केवल दंड देना नहीं, बल्कि जनता के वैध धन की वसूली करना है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री Bhagwant Singh Mann के नेतृत्व में सरकार कर प्रणाली को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
हरपाल सिंह चीमा ने शेष डिफॉल्टरों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि अब सरकारी बकाया की अनदेखी करने का दौर समाप्त हो चुका है। विभाग ने विभिन्न जिलों में लगभग 20 अन्य संपत्तियों की पहचान कर ली है, जिनकी नीलामी आने वाले सप्ताहों और महीनों में की जाएगी।
उन्होंने कहा कि यदि कोई करदाता अपने कानूनी दायित्वों का पालन नहीं करता है, तो विभाग बैंक खातों को अटैच करने, चल-अचल संपत्तियों को जब्त करने और उनकी सार्वजनिक नीलामी सहित सभी कानूनी उपायों का इस्तेमाल करेगा। सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि ईमानदार करदाताओं को कुछ जानबूझकर डिफॉल्टर बने लोगों की वजह से किसी प्रकार का नुकसान न उठाना पड़े।


