पंजाब को देश का प्रमुख एजुकेशन डेस्टिनेशन बनाएंगे: CM भगवंत सिंह मान
By Priyanka Thakur
चंडीगढ़: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा है कि पंजाब सरकार राज्य को देश का प्रमुख एजुकेशन डेस्टिनेशन बनाने के लिए लगातार काम कर रही है ताकि छात्रों को बेहतर शिक्षा के लिए कनाडा या ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों की ओर रुख न करना पड़े। उन्होंने कहा कि पिछले चार वर्षों में शिक्षा क्षेत्र में हुए बड़े बदलावों के कारण पंजाब ने राष्ट्रीय शिक्षा रैंकिंग में केरल को पीछे छोड़ते हुए नंबर-1 स्थान हासिल किया है।
मुख्यमंत्री शनिवार को चंडीगढ़ में आयोजित ‘सितारे ज़मीन ते’ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे, जहां पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड की कक्षा 8वीं, 10वीं और 12वीं के मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब की ‘शिक्षा क्रांति’ ने सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के आत्मविश्वास और अवसरों को नई दिशा दी है। उन्होंने कहा कि पहले सरकारी स्कूलों के छात्रों में प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर झिझक होती थी, लेकिन अब वही छात्र पूरे आत्मविश्वास के साथ उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण तकनीकों का प्रशिक्षण देने के लिए फिनलैंड और सिंगापुर जैसे देशों में भेजा है। वहां से लौटकर शिक्षक आधुनिक शिक्षा पद्धतियों को पंजाब के स्कूलों में लागू कर रहे हैं, जिसका सकारात्मक परिणाम अब दिखाई देने लगा है।
उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार रटने वाली शिक्षा प्रणाली के बजाय ज्ञान आधारित शिक्षा को बढ़ावा दे रही है, जिससे विद्यार्थियों में समझ और तार्किक सोच विकसित हो सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय कौशल आधारित शिक्षा का है और सरकार युवाओं को गुणवत्तापूर्ण स्किल ट्रेनिंग उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दे रही है।
भगवंत सिंह मान ने बताया कि इस वर्ष पंजाब के सरकारी स्कूलों और स्कूल ऑफ एमिनेंस के 359 विद्यार्थियों ने JEE Main परीक्षा पास की है, जो राज्य की शिक्षा क्रांति का बड़ा उदाहरण है। सरकार ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए फिजिक्स वाला संस्थान के साथ साझेदारी कर छात्रों को मुफ्त कोचिंग भी उपलब्ध करवाई है।
कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि पहले पंजाब के करीब चार लाख बच्चे स्कूलों में फर्श पर बैठकर पढ़ाई करते थे, लेकिन अब राज्य के किसी भी सरकारी स्कूल में बच्चों को जमीन पर बैठकर पढ़ाई नहीं करनी पड़ती।
वहीं पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने देश की परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि छात्रों की प्रतिभा का मूल्यांकन केवल तीन घंटे की परीक्षा से नहीं होना चाहिए।
कार्यक्रम में कई विद्यार्थियों ने भी पंजाब सरकार की शिक्षा सुधार नीतियों की सराहना की और कहा कि सरकारी स्कूलों में सुविधाओं और आत्मविश्वास दोनों में बड़ा बदलाव आया है।


