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CM भगवंत मान बोले- सभी मंत्री और विधायक सोमवार को अकाल तख्त साहिब के समक्ष होंगे पेश

CM भगवंत मान बोले- सभी मंत्री और विधायक सोमवार को अकाल तख्त साहिब के समक्ष होंगे पेश

अमृतसर | प्रियंका ठाकुर | 24 घंटे न्यूज़

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने रविवार को स्पष्ट किया कि अकाल तख्त साहिब सिख समुदाय की सर्वोच्च धार्मिक संस्था है और उसके हर आदेश का पूरी श्रद्धा के साथ पालन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पंजाब विधानसभा के स्पीकर सहित आम आदमी पार्टी के सभी मंत्री और विधायक सोमवार को अकाल तख्त साहिब के समक्ष उपस्थित होकर सरकार का पक्ष रखेंगे और विनम्रता के साथ अपनी बात रखेंगे।

अमृतसर में मीडिया से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार उस कथित फर्जी वीडियो से जुड़ी पूरी जानकारी भी अकाल तख्त साहिब को सौंपेगी, जिसमें किसी अन्य व्यक्ति द्वारा उनका मास्क पहनकर उनकी नकल किए जाने का दावा किया गया है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में विस्तृत पत्र तैयार किया जा रहा है, जिसे संबंधित धार्मिक संस्था को सौंपा जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके लिए अकाल तख्त साहिब सर्वोच्च है और वह पहले भी इसके आदेश पर स्वयं उपस्थित हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि उनकी आस्था और सम्मान पर किसी को संदेह नहीं होना चाहिए। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दल धार्मिक मुद्दों को राजनीतिक रंग देकर उन्हें बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं क्योंकि विकास के मुद्दों पर सरकार को चुनौती देने में वे असफल रहे हैं।

भगवंत मान ने कहा कि वह रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, पानी और विकास जैसे मुद्दों पर काम कर रहे हैं, जबकि भाजपा, कांग्रेस और अकाली दल धार्मिक भावनाओं का इस्तेमाल कर राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब की जनता सब कुछ समझती है और ऐसे प्रयासों का उचित जवाब देगी।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार आगे की रणनीति अकाल तख्त साहिब के समक्ष अपना पक्ष रखने के बाद तय करेगी। उन्होंने दोहराया कि सिख परंपरा में संगत सर्वोच्च है और हर निर्णय का सम्मान किया जाएगा।

महाराष्ट्र सरकार द्वारा वर्ष 1956 के नांदेड़ सिख गुरुद्वारा अधिनियम को निरस्त करने के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी सरकार को सिख समुदाय के धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। उन्होंने महाराष्ट्र सरकार से इस निर्णय पर पुनर्विचार करने की अपील करते हुए कहा कि ऐसे कदम धार्मिक भावनाओं को आहत कर सकते हैं। उन्होंने दोहराया कि राजनीति और धर्म को अलग-अलग रखा जाना चाहिए और दोनों को किसी भी परिस्थिति में आपस में नहीं मिलाना चाहिए।

News By: प्रियंका ठाकुर

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