Author Name: Priyanka Thakur
चंडीगढ़: पंजाब में भारत निर्वाचन आयोग द्वारा कराई जा रही स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया के तहत 25 जून 2026 से घर-घर गणना अभियान शुरू किया जाएगा। इस संबंध में मुख्य निर्वाचन अधिकारी पंजाब अनिंदिता मित्रा ने सोमवार को राज्य के मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की।

बैठक के दौरान उन मतदाताओं की सूची राजनीतिक दलों को सौंपी गई जिनकी प्री-मैपिंग प्रक्रिया के दौरान पहचान नहीं हो सकी थी। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि 27 मई 2026 तक राज्य में 84.62 प्रतिशत मतदाताओं की मैपिंग पूरी हो चुकी है। जिन मतदाताओं का रिकॉर्ड अब तक मैप नहीं हो पाया है, उनकी सूची राजनीतिक दलों के साथ साझा की गई है ताकि इस प्रक्रिया को और बेहतर बनाया जा सके।
अनिंदिता मित्रा ने कहा कि घर-घर गणना शुरू होने से पहले अधिक से अधिक मतदाताओं तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई मतदाता प्री-मैपिंग अभियान के दौरान छूट जाता है, तो उसे घबराने की जरूरत नहीं है। ऐसे मामलों में निर्वाचन अधिकारी आवश्यक दस्तावेजों के माध्यम से मतदाता की पहचान और विवरण का सत्यापन करेंगे।
उन्होंने बताया कि प्री-मैपिंग प्रक्रिया को तेज करने के लिए 7 जून 2026 को पंजाब के सभी मतदान केंद्रों पर विशेष शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों में सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक बीएलओ मतदाताओं की सहायता करेंगे और वोटर मैपिंग प्रक्रिया पूरी कराएंगे।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने राजनीतिक दलों से बीएलए-2 की नियुक्तियों में तेजी लाने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि SIR प्रक्रिया के दौरान बीएलए-2 की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होगी।
इसके अलावा मतदाता निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट voters.eci.gov.in पर जाकर भी अपनी वोटर मैपिंग प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने यह भी जानकारी दी कि संशोधित कार्यक्रम के अनुसार मतदाता सूचियों का प्रारूप प्रकाशन अब 3 अगस्त 2026 को किया जाएगा। दावे और आपत्तियां 3 अगस्त से 2 सितंबर 2026 तक दर्ज कराई जा सकेंगी, जबकि उनके निपटारे की प्रक्रिया 28 सितंबर 2026 तक चलेगी।


