चंडीगढ़: विश्व पशु चिकित्सा दिवस के अवसर पर चंडीगढ़ में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम चंडीगढ़ प्रशासन के पूर्व डायरेक्टर, वेटरनरी डॉ. जेसी कोछड़ द्वारा उनके अस्पताल “पेट मार्ट” में आयोजित किया गया, जिसमें पशु चिकित्सा का प्रशिक्षण ले रहे डॉक्टरों ने भाग लिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. जेसी कोछड़ ने कहा कि पशु चिकित्सा सेवा केवल एक पेशा नहीं, बल्कि सेवा भावना से जुड़ा कार्य है। उन्होंने कहा, “जानवरों को इंसानों की नहीं, बल्कि इंसानों को जानवरों की जरूरत है, इसलिए हमें पशुओं के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाना चाहिए।”
उन्होंने बताया कि आज कई पशु-पक्षी प्रजातियां विलुप्ति के कगार पर हैं और उन्हें बचाने में पशु चिकित्सकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि पशु चिकित्सक न केवल पशुओं के स्वास्थ्य की देखभाल करते हैं, बल्कि जूनोटिक बीमारियों की रोकथाम के माध्यम से मानव स्वास्थ्य की सुरक्षा में भी अहम योगदान देते हैं।
कार्यक्रम के दौरान पशु चिकित्सा के इतिहास और इसके महत्व पर भी विस्तार से चर्चा की गई। डॉ. कोछड़ ने बताया कि विश्व पशु चिकित्सा संघ द्वारा वर्ष 2000 में इस दिवस की शुरुआत की गई थी, जिसका उद्देश्य पशु चिकित्सकों के योगदान के प्रति जागरूकता फैलाना है।
इस अवसर पर उपस्थित युवा डॉक्टरों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यदि वे इस क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहते हैं, तो उन्हें अपने भीतर सेवा भावना, समर्पण और जिम्मेदारी का भाव विकसित करना होगा।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने मिलकर केक काटा और विश्व पशु चिकित्सा दिवस को उत्साह के साथ मनाया।


